बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा के पारिवारिक जीवन में मची उथल-पुथल एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर आ चुकी है। कोलकाता के ऐतिहासिक दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपनी निजी जिंदगी में चल रहे संघर्षों पर खुलकर बात की। उन्होंने मां काली से प्रार्थना करते हुए अपने जीवन में मौजूद संकट पैदा करने वाले तत्वों को राक्षस करार दिया और उनके संहार की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा दौर की युवा पीढ़ी यानी जेनरेशन जेड और समाज की महिलाओं से भावनात्मक समर्थन मांगते हुए कहा कि बिना किसी ठोस वजह के उनका वैवाहिक जीवन बिखरने की कगार पर पहुंच गया है।
दक्षिणेश्वर मंदिर में सुनीता की प्रार्थना और भावुक अपील
मां काली के दर्शन और पूजा संपन्न करने के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुईं सुनीता आहूजा बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने पौराणिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए स्मरण कराया कि मां काली सदैव आसुरी शक्तियों और राक्षसों का अंत करने के लिए जानी जाती हैं। इसी का हवाला देते हुए सुनीता ने कहा कि उनकी अपनी निजी जिंदगी में भी कुछ नकारात्मक शक्तियां अथवा राक्षस आ चुके हैं, जिन्होंने घर का सुकून छीन लिया है। उन्होंने मां काली से गुहार लगाई कि वे उनके मार्ग की तमाम बाधाओं को दूर करें और इन विघ्नकारी तत्वों का सर्वनाश करें।
हालांकि अपनी इस पूरी बातचीत के दौरान सुनीता ने किसी भी व्यक्ति का नाम सीधे तौर पर अपनी जुबान पर नहीं लिया। इसके बावजूद उनके इस कड़े बयान को अभिनेता गोविंदा और उनकी सह-कलाकार कोमल रानी स्वर्णकार के बीच चल रही कथित नजदीकियों से सीधे तौर पर जोड़कर देखा जा रहा है। सुनीता ने अपने संबोधन में यह भी जोड़ा कि कुछ लोग केवल सस्ती लोकप्रियता और पब्लिसिटी हासिल करने के मकसद से उनके परिवार को मोहरा बना रहे हैं। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि ऐसे लोगों की हरकतों को तवज्जो न दी जाए। सुनीता ने विशेष रूप से महिलाओं और जेनरेशन जेड का आह्वान करते हुए कहा कि उनके साथ हो रहा यह अन्याय कतई सही नहीं है और उन्हें इस कठिन घड़ी में साथ खड़े होना चाहिए।
गोविंदा और कोमल रानी की मुलाकातों ने क्यों पकड़ी तूल?
हाल के दिनों में गोविंदा का नाम उनकी आगामी फिल्म रूपा की को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लगातार जोड़ा जाता रहा है। दोनों के बीच किसी भी प्रकार के निजी रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, मगर सार्वजनिक स्थानों पर उनकी संयुक्त उपस्थिति ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है। सबसे पहले दोनों को मुंबई एयरपोर्ट पर एक साथ आवाजाही करते हुए कैमरे में कैद किया गया था।
इसके बाद सितंबर महीने में गणेश उत्सव के पावन अवसर पर गोविंदा और कोमल रानी मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में बप्पा के दर्शन करने साथ पहुंचे। लालबागचा राजा के समक्ष दोनों के दर्शन की तस्वीरों और वीडियो फुटेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अटकलों की बाढ़ ला दी। इन बढ़ती चर्चाओं पर विराम लगाने के प्रयास में गोविंदा ने पूर्व में अपनी स्थिति साफ की थी। अभिनेता ने स्पष्ट किया था कि कोमल रानी के साथ उनका संबंध पूरी तरह से कामकाजी और पेशेवर है। उन्होंने यह दलील भी दी थी कि वे अपने करियर में पहले भी कई महिला सह-कलाकारों के साथ विभिन्न मंदिरों में आशीर्वाद लेने जाते रहे हैं, लिहाजा इसे निजी रिश्ते के तौर पर देखना सर्वथा अनुचित है।
तलाक की याचिका से वापसी तक का घटनाक्रम
गोविंदा और सुनीता आहूजा का विवाह वर्ष 1987 में हुआ था। लगभग चार दशकों के इस लंबे दांपत्य जीवन से उनके दो बच्चे हैं, जिनमें बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा शामिल हैं। पिछले दो सालों से दोनों के वैवाहिक रिश्ते में दरार पड़ने और तनाव की खबरें समय-समय पर बाहर आती रही हैं।
दिसंबर 2024 में उस वक्त हड़कंप मच गया था जब यह बात सामने आई कि सुनीता ने गोविंदा से अलग होने के लिए अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है। हालांकि कुछ समय बाद गोविंदा के मैनेजर ने यह बयान देकर मामले को शांत करने की कोशिश की थी कि पारिवारिक मतभेदों को आपसी बातचीत से सुलझा लिया गया है। इसके बाद अगस्त 2026 में गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि सुनीता ने अदालत से अपनी तलाक की याचिका औपचारिक रूप से वापस ले ली है और दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हो रहे हैं। इस कानूनी सुलह के कुछ ही समय बाद कोमल रानी के साथ अभिनेता के सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आने से यह पूरा प्रकरण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया।
तल्ख बयानों के बाद गहराया पारिवारिक विवाद
सुनीता आहूजा का कोलकाता के मंदिर से आया यह नया बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आया है, जब लालबागचा राजा के दर्शन के वीडियो और तस्वीरें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहे हैं। भले ही सुनीता ने गोविंदा अथवा कोमल रानी का नाम लेकर सीधा आक्षेप लगाने से परहेज किया हो, मगर उनके शब्दों के चयन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि घर के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है।
दूसरी तरफ अभिनेता गोविंदा ने हाल ही में मीडिया के सवालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि कोमल रानी के साथ उनका नाता महज पेशेवर जिम्मेदारियों तक सीमित है और वे आगामी फिल्म की सफलता की कामना करने के लिए लालबागचा राजा के दरबार में गए थे। इस प्रकार एक तरफ जहां अभिनेता इसे विशुद्ध व्यावसायिक सहयोग बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुनीता आहूजा के ताजा बयानों ने यह साफ कर दिया है कि उनके घरेलू मतभेद अभी पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं।


















