भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 1994 कई यादगार लम्हों के लिए जाना जाता है, जिसमें माधुरी दीक्षित और सलमान खान की पारिवारिक फिल्म 'हम आपके हैं कौन' सबसे खास मुकाम रखती है। अपने करियर के दौरान अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, जैकी श्रॉफ और विनोद खन्ना जैसे दिग्गज सितारों के साथ स्क्रीन साझा करने वाली माधुरी दीक्षित को इस फिल्म ने एक ऐसी अमर पहचान दी, जिसकी चमक आज तीन दशक बाद भी बरकरार है। यह फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर मील का पत्थर साबित हुई, बल्कि इसके संगीत ने हिंदुस्तान के शादी-ब्याह और पारिवारिक आयोजनों का पूरा मिजाज ही बदल कर रख दिया।
गोदभराई के जश्न और थिएटर में सीटियों का शोर
फिल्म के सभी गीतों में से जिस गाने ने उस दौर में सिनेमाघरों के अंदर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया था, वह था 'दीदी तेरा देवर दीवाना'। कहानी के मुताबिक, यह गाना फिल्म में माधुरी दीक्षित की ऑन-स्क्रीन बहन बनीं रेणुका शहाणे की गोदभराई के खास मौके पर आता है। इस पूरे सीक्वेंस में माधुरी दीक्षित ने एक बेहद खूबसूरत पर्पल साड़ी पहन रखी थी। उनके अनूठे डांस मूव्स, कातिलाना ठुमकों और लाजवाब एक्सप्रेशंस ने सिनेमाघरों में ऐसा समां बांधा कि हॉल सीटियों और तालियों की गूंज से भर गए थे। 32 साल पुराना यह गाना आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है और इंटरनेट पर इसके डांस स्टेप्स पर मीम्स भी जमकर बनाए जाते हैं।
नुसरत साहब की लोकप्रिय कव्वाली से जुड़ा धुन का नाता
इस अमर गीत की मधुर धुन का एक बेहद दिलचस्प पहलू इसका कव्वाली से जुड़ाव है। संगीतकार रामलक्ष्मण और गीतकार देव कोहली ने इस ट्रैक की मूल लय नुसरत फतेह अली खान की बेहद मशहूर कव्वाली 'सारे नबियों दा नबी' से प्रेरित होकर तैयार की थी। देव कोहली ने इसी कव्वाली की लयबद्धता को ध्यान में रखकर देवर की नटखट शरारतों और भाभी की मीठी शिकायतों को शब्दों में ढाला था। लता मंगेशकर और एस.पी. बालासुब्रमण्यम की जादुई आवाजों ने इस धुन में ऐसी जान फूंकी कि यह गीत भारतीय संगीत इतिहास के सबसे लोकप्रिय गानों में शुमार हो गया।
90 के दशक का वो आइकॉनिक फैशन ट्रेंड
गाने की अपार सफलता ने उस दौर के फैशन जगत पर भी गहरा असर डाला था। गाने में माधुरी दीक्षित द्वारा पहनी गई पर्पल रंग की साड़ी 90 के दशक में सबसे बड़ा स्टाइल स्टेटमेंट बन गई थी। उस वक्त शादी और पारिवारिक समारोहों में हर महिला इसी डिजाइन और रंग की साड़ी पहनना चाहती थी, जिसने भारतीय बाजारों में एक जबरदस्त फैशन ट्रेंड खड़ा कर दिया था। आज भी भारतीय परिवारों के संगीत और मेहंदी के कार्यक्रमों में इस गाने की धमक जस की तस महसूस की जाती है।



















