टेलीविजन के लोकप्रिय क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' के विशेष एपिसोड में अभिनेता राजकुमार राव ने शिरकत की। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने सुपरस्टार शाहरुख खान के प्रति अपने लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव और सम्मान पर विस्तार से चर्चा की। जब अमिताभ बच्चन ने दिल्ली और शाहरुख खान से जुड़े संदर्भ पर सवाल उठाया, तो राजकुमार राव ने बताया कि दिल्ली से आने वाले कलाकारों के लिए शाहरुख खान का पूरा जीवन सफर कितना गहरा प्रभाव छोड़ता है। उन्होंने शुरुआती दिनों का एक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि मुंबई पहुंचने पर वह शाहरुख खान के आवास 'मन्नत' के बाहर घंटों खड़े रहकर सिर्फ एक झलक पाने की प्रतीक्षा किया करते थे। इस पर अमिताभ बच्चन ने भी शाहरुख खान के साथ अपने काम के अनुभव साझा करते हुए उनके अटूट हौसले की प्रशंसा की।
दिल्ली से सुपरस्टार बनने की प्रेरणा और मन्नत के बाहर बिताए घंटे
राजकुमार राव ने बातचीत में अपने शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने का निर्णय उन्होंने बहुत कम उम्र में ही ले लिया था। अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी मां के कमरे में अमिताभ बच्चन का पोस्टर हमेशा लगा रहता था, क्योंकि वह हमेशा से शीर्ष स्थान पर रहे हैं और पूरी पीढ़ी ने उनसे अभिनय की प्रेरणा हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने विशेष तौर पर रेखांकित किया कि शाहरुख खान के सफर ने उन्हें मानसिक तौर पर सबसे ज्यादा प्रेरित किया। दिल्ली के एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर पहले थिएटर करना, उसके बाद टेलीविजन धारावाहिकों में काम तलाशना और अंततः दुनिया के सबसे बड़े सुपरस्टार के मुकाम तक पहुंचना किसी भी नए कलाकार के लिए एक मिसाल है।
राजकुमार राव ने अपने पहले मुंबई दौरे का किस्सा बताते हुए कहा कि वह एक शो के सिलसिले में पहली बार मायानगरी आए थे। उस ऑडिशन में उनका चयन नहीं हो सका था, लेकिन निराशा के उस दौर में भी वह शाहरुख खान के बंगले मन्नत के बाहर घंटों खड़े रहे थे ताकि अपने आदर्श कलाकार के करीब होने का अहसास पा सकें।
मुश्किलों में कभी हार नहीं मानने का शाहरुख खान का जज्बा
राजकुमार राव के विचारों को सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी शाहरुख खान के व्यक्तित्व और पेशेवर दृष्टिकोण पर खुलकर बात की। दोनों दिग्गज अभिनेताओं ने 'कभी खुशी कभी गम' और 'मोहब्बतें' जैसी कई बड़ी फिल्मों में एक साथ स्क्रीन साझा की है। साथ काम करने के अपने व्यक्तिगत अनुभवों को सामने रखते हुए अमिताभ बच्चन ने स्पष्ट किया कि शाहरुख खान किसी भी विषम परिस्थिति में कभी हार नहीं मानते हैं।
अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान की बातचीत करने की अनोखी कला का उल्लेख करते हुए बताया कि सामने चाहे जितनी भी गंभीर चुनौती खड़ी हो, वह सिर्फ संवाद के दम पर दूसरे इंसान का आत्मविश्वास और हौसला इतना बढ़ा देते हैं कि आधी उलझन वहीं खत्म महसूस होने लगती है। उनके अनुसार, विपरीत परिस्थितियों में सकारात्मक बने रहना शाहरुख खान की सबसे बड़ी ताकत रही है।
फिल्म 'प्रहार' के प्रचार के लिए पहुंचे और दिखा खास बदलाव
राजकुमार राव इस शो के मंच पर अपनी आगामी फीचर फिल्म 'प्रहार' के प्रचार के सिलसिले में पहुंचे थे। यह सिनेमाई प्रोजेक्ट देश के विख्यात वकील उज्ज्वल निकम के जीवन और कानूनी संघर्षों पर केंद्रित है। इस फिल्म में राजकुमार राव मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि उनके साथ वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर भी प्रमुख किरदारों में नजर आने वाले हैं।
इस भूमिका को प्रामाणिक बनाने के लिए राजकुमार राव ने जो शारीरिक और रूप-रंग संबंधी बदलाव किए हैं, उसकी वर्तमान में सबसे ज्यादा चर्चा देखने को मिल रही है। उज्ज्वल निकम के व्यक्तित्व में पूरी तरह ढलने के मकसद से उन्होंने लगभग 9 से 10 किलो तक अपना शारीरिक वजन बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त स्क्रीन पर वास्तविक दिखने के लिए उन्होंने हल्की दाढ़ी रखी है, विशेष चश्मा पहना है और मराठी भाषा के उच्चारण तथा संवाद अदायगी पर महीनों कड़ा अभ्यास किया है।
सौरव गांगुली की बायोपिक को लेकर भी चल रही तैयारी
फिल्म 'प्रहार' के अलावा राजकुमार राव भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के जीवन पर बनने जा रही आधिकारिक बायोपिक में भी मुख्य भूमिका निभाने वाले हैं। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट का शीर्षक 'दादा- द सौरव गांगुली स्टोरी' तय किया गया है। खेल जगत और सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चित यह फिल्म 14 मई 2027 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है।



















