भारतीय सिनेमा उद्योग में फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अक्सर खास और भाग्यशाली तारीखों की तलाश करते हैं। हालांकि, 9 सितंबर का इतिहास यह दर्शाता है कि कोई भी तारीख बॉक्स ऑफिस पर सफलता की गारंटी नहीं दे सकती। इस खास तारीख को रिलीज हुई बॉलीवुड की 7 प्रमुख फिल्मों का रिकॉर्ड देखें तो परिणाम बेहद संतुलित नजर आता है। इनमें 3 फिल्में हिट साबित हुईं, 2 फिल्में फ्लॉप रहीं और 2 फिल्में पूरी तरह से डिजास्टर घोषित हुईं। यहां तक कि बड़े सितारों और भारी-भरकम बजट वाली फिल्में भी इस दिन रिलीज होकर ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर का दर्जा हासिल नहीं कर सकीं। यह आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने और फिल्म को कामयाब बनाने में रिलीज की तारीख से कहीं ज्यादा मजबूत पटकथा, बेहतर निर्देशन और विषय-वस्तु की भूमिका होती है।
9 सितंबर को रिलीज हुई तीन प्रमुख हिट फिल्में
इस तारीख को रिलीज हुई सफल फिल्मों की सूची में पहला नाम वर्ष 2022 में आई फिल्म ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन का है। निर्देशक अयान मुखर्जी के मार्गदर्शन में बनी और रणबीर कपूर तथा आलिया भट्ट के अभिनय से सजी यह फिल्म 9 सितंबर 2022 को बड़े पर्दे पर उतारी गई थी। शानदार विजुअल इफेक्ट्स के कारण फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता थी। लगभग 375 से 400 करोड़ रुपये के विशाल बजट में तैयार इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 420 करोड़ रुपये से अधिक की कुल कमाई की और हिट की श्रेणी में जगह बनाई। हालांकि, भारी निर्माण और विपणन लागत के चलते व्यापार विश्लेषकों की अपेक्षाओं के अनुसार यह ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर का आंकड़ा नहीं छू पाई, जिससे निर्माताओं को थोड़ी निराशा जरूर हुई।
इसके अलावा 9 सितंबर 2011 को रिलीज हुई रोमांटिक कॉमेडी फिल्म मेरे ब्रदर की दुल्हन एक बेहद लाभदायक प्रोजेक्ट साबित हुई। निर्देशक अली अब्बास जफर की इस फिल्म में इमरान खान, कैटरीना कैफ और अली जफर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। महज 22 करोड़ रुपये की सीमित लागत में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 85 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार कारोबार किया। कैटरीना कैफ का सहज अभिनय और संगीतकार सोहेल सेन का लोकप्रिय संगीत फिल्म की सफलता के मुख्य आधार बने।
वहीं 9 सितंबर 2005 को प्रदर्शित हुई यश राज फिल्म्स की सलाम नमस्ते ने भी बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन किया था। निर्देशक सिद्धार्थ आनंद के संचालन में बनी इस फिल्म में सैफ अली खान और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म ने भारतीय दर्शकों को लिव-इन रिलेशनशिप की आधुनिक अवधारणा से परिचित कराया। घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशी बॉक्स ऑफिस पर भी इस फिल्म को काफी सराहा गया। लगभग 11 करोड़ रुपये के बजट में निर्मित इस फिल्म ने 57 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर हिट का टैग हासिल किया।
अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकीं दो फ्लॉप फिल्में
9 सितंबर को रिलीज हुई कुछ ऐसी फिल्में भी रहीं जिनसे निर्माताओं को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे दर्शकों को आकर्षित करने में विफल रहीं। 9 सितंबर 2016 को प्रदर्शित हुई सिद्धार्थ मल्होत्रा और कैटरीना कैफ स्टारर फिल्म बार बार देखो इसका बड़ा उदाहरण है। नित्या मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आधुनिक संबंधों और टाइम ट्रैवल का ताना-बाना बुना गया था। रिलीज से पहले फिल्म का गाना काला चश्मा काफी लोकप्रिय हुआ था और इससे भारी उम्मीदें जग गई थीं। हालांकि, जटिल और कमजोर पटकथा के कारण दर्शक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचे। 50 करोड़ रुपये के बजट में तैयार यह फिल्म घरेलू बॉक्स ऑफिस पर केवल 31 करोड़ रुपये ही कमा सकी और फ्लॉप रही।
उसी दिन यानी 9 सितंबर 2016 को बार बार देखो के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी और एमी जैक्सन की फिल्म फ्रीकी अली का मुकाबला हुआ। सोहेल खान के निर्देशन में बनी यह स्पोर्ट्स-कॉमेडी फिल्म गोल्फ के खेल और एक साधारण व्यक्ति के संघर्ष पर आधारित थी। नवाजुद्दीन सिद्दीकी के बेहतरीन अभिनय के बावजूद कमजोर निर्देशन और सुस्त प्रचार के चलते यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर टिक नहीं सकी। लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह फिल्म केवल 14 करोड़ रुपये का कारोबार कर सकी और फ्लॉप साबित हुई।
1994 के बॉक्स ऑफिस क्लैश में डिजास्टर साबित हुईं दो फिल्में
वर्ष 1994 में 9 सितंबर की तारीख दो बड़ी फिल्मों के लिए बेहद निराशाजनक रही जब दोनों फिल्में एक साथ रिलीज होकर बॉक्स ऑफिस पर धराशाई हो गईं। इस दिन ऋषि कपूर के अभिनय से सजी फिल्म प्रेम योग थिएटर्स में आई थी। भारी प्रचार के बावजूद कमजोर कहानी और साधारण संगीत के कारण दर्शकों ने इस फिल्म को सिरे से नकार दिया और यह बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई।
इसी दिन प्रेम योग के साथ रिलीज हुई एक्शन फिल्म रखवाला का भी ऐसा ही हश्र हुआ। इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, गोविंदा और धर्मेंद्र जैसे 90 के दशक के शीर्ष कलाकार शामिल थे। बड़ी स्टार कास्ट होने के बावजूद पुरानी घिसी-पिटी कहानी और कमजोर निर्देशन के कारण यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म बुरी तरह असफल रही और डिजास्टर बनकर रह गई।
फिल्म की सफलता में कंटेंट और स्क्रीनप्ले की भूमिका
इन सातों फिल्मों के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों का विश्लेषण करने से यह स्पष्ट होता है कि फिल्मों की सफलता में रिलीज की तारीख या केवल बड़े सितारों की मौजूदगी निर्णायक नहीं होती। जहां 22 करोड़ रुपये की मेरे ब्रदर की दुल्हन और 11 करोड़ रुपये की सलाम नमस्ते ने अपनी मजबूत पटकथा के बल पर बजट से कई गुना अधिक कमाई की, वहीं 400 करोड़ रुपये के बजट वाली ब्रह्मास्त्र को ब्लॉकबस्टर बनने के लिए संघर्ष करना पड़ा। 1994 में बड़े स्टार्स वाली रखवाला और 2016 में लोकप्रिय गानों वाली बार बार देखो की नाकामी यह साबित करती है कि दर्शक अंततः केवल अच्छी कहानी और चुस्त स्क्रीनप्ले को ही अपना प्यार देते हैं।



















