'इंडियन आइडल' पर भावुक हुए शत्रुघ्न सिन्हा
म्यूजिक रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के आने वाले एपिसोड में दर्शकों को बॉलीवुड के सुनहरे अतीत की कुछ बेहद खास झलकियां देखने को मिलेंगी। इस खास मौके पर हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा बतौर मेहमान शिरकत करेंगे। उन्होंने यहां अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक बेहद भावुक किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने सदाबहार अभिनेता देव आनंद के साथ अपने रिश्ते और उनसे मिली एक महत्वपूर्ण सीख का जिक्र किया। उनके इस खुलासे ने सेट पर मौजूद सभी लोगों को अचंभित कर दिया।
शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि देव आनंद सिर्फ एक बड़े स्टार ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने उनके करियर को दिशा देने में एक गुरु की भूमिका निभाई थी। देव आनंद ने उन्हें जीवन भर के लिए एक ऐसी सलाह दी, जो उनके पूरे अभिनय करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई।
करियर की पहली सीढ़ी और 'प्रेम पुजारी'
शत्रुघ्न सिन्हा ने खुलासा किया कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत देव आनंद के आशीर्वाद से ही हुई थी। देव आनंद ने उन्हें अपनी फिल्म 'प्रेम पुजारी' में एक छोटा सा किरदार दिया था। यह वही प्रतिष्ठित फिल्म है जिसमें 'फूलों के रंग से, दिल की कलम से' जैसा मशहूर गाना फिल्माया गया था। 'प्रेम पुजारी' में शत्रुघ्न सिन्हा को एक पाकिस्तानी अफसर का किरदार निभाना था। भले ही यह एक छोटा रोल था, लेकिन जब उन्होंने सेट पर अपना पहला डायलॉग बोला, तो वहां मौजूद सभी लोगों ने उनके प्रदर्शन की जमकर सराहना की और तालियां बजाईं।
देव आनंद की अनमोल सलाह: 'नकल मत करो'
अपने पहले शॉट में मिली खूब तारीफ के बावजूद, देव आनंद ने शत्रुघ्न सिन्हा को एक ऐसी सलाह दी, जो उनके लिए जीवन भर का सबक बन गई। देव आनंद धीरे से उनके पास आए और फिल्म के निर्देशक के सामने ही शत्रुघ्न सिन्हा से कहा कि किसी बड़े कलाकार से प्रेरित होना, उससे सीखना और उसकी ऊर्जा को अपनाना अच्छी बात है, लेकिन कभी भी किसी की नकल मत करो। उन्होंने जोर देकर कहा कि कैमरे के सामने हमेशा अपनी खुद की मौलिकता यानी अपना असली अंदाज बनाए रखो। यह सीख युवा शत्रुघ्न सिन्हा के दिल में गहराई तक उतर गई।
मौलिकता का जादू और देव आनंद की प्रतिक्रिया
देव आनंद की सलाह को गांठ बांधकर, शत्रुघ्न सिन्हा अपने अगले शॉट के लिए तैयार हुए, जिसमें उन्हें एक लंबा डायलॉग बोलना था। इस बार उन्होंने किसी की नकल करने की बजाय, अपने ही अनूठे अंदाज में अभिनय किया। जैसे ही शॉट खत्म हुआ, सेट पर एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सबसे आगे खड़े होकर, सबसे पहले और सबसे जोर से तालियां बजाने वाले कोई और नहीं, बल्कि खुद देव आनंद थे। देव आनंद उनके काम से उस दिन बहुत खुश हुए थे। उनकी इस मौलिक परफॉरमेंस से प्रभावित होकर, देव आनंद ने तुरंत उन्हें अपनी अगली फिल्म 'गैंबलर' में भी एक छोटा लेकिन प्रभावी रोल ऑफर किया। यह पल शत्रुघ्न सिन्हा के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था और इसने उनके करियर की दिशा तय कर दी।













