किशोर कुमार के गाने आज भी नई पीढ़ी के बीच उतने ही पसंद किए जाते हैं जितने दशकों पहले थे. हाल ही में टीवी शो इंडियन आइडल के एक एपिसोड में उनके बेटे सुमित कुमार स्पेशल गेस्ट के तौर पर पहुंचे और एक कंटेस्टेंट की परफॉर्मेंस देखकर वह भावुक हो उठे. इस दौरान उन्होंने अपने पिता से जुड़ी कई पुरानी यादें दर्शकों के साथ साझा कीं.
बचपन की यादें बनीं ये दो गाने
सुमित कुमार ने बताया कि उनका बचपन संगीत और स्टेज शोज के माहौल में ही बीता है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पिता किशोर कुमार को कई बार स्टेज पर परफॉर्म करते हुए देखा था और इनमें दो गाने खास तौर पर उनकी यादों में बसे हुए हैं, ईना मीना डीका और एक चतुर नार. उनके मुताबिक ये सिर्फ गाने नहीं बल्कि उनके बचपन का एक अहम हिस्सा थे. जब भी इन गानों को स्टेज पर गाया जाता था, पूरा माहौल हंसी और मनोरंजन से भर जाता था.
मनराज की परफॉर्मेंस ने कर दिया इमोशनल
सुमित कुमार ने बताया कि जैसे ही कंटेस्टेंट मनराज ने स्टेज पर परफॉर्म किया, वह तुरंत अपने बचपन के दिनों में पहुंच गए. उन्होंने कहा कि इस परफॉर्मेंस ने उन्हें वो पुराने पल याद दिला दिए जब वह अपने पिता और परिवार को स्टेज पर परफॉर्म करते देखा करते थे. उस दौर में स्टेज पर संगीत के साथ एक अलग तरह की जुगलबंदी होती थी और माहौल में जो मस्ती भरी होती थी, उसे दर्शक भी खूब पसंद करते थे.
'एक चतुर नार' से बदल जाता था पूरा माहौल
सुमित कुमार ने खास तौर पर गाने एक चतुर नार का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस गाने की परफॉर्मेंस के दौरान स्टेज पर अक्सर मजाकिया अंदाज में हालात बदल जाते थे और पूरा माहौल ठहाकों से गूंज उठता था. उन्होंने कहा कि बचपन में यह सब देखकर वह हैरान भी होते थे और साथ ही बेहद खुश भी. उन्हें यह नजारा इतना पसंद था कि कई बार वह खुद भी उठकर मंच पर चले जाते थे और इस मजेदार माहौल का हिस्सा बन जाते थे.
'ईना मीना डीका' के बिना अधूरा रहता था हर लाइव शो
इसके बाद सुमित कुमार ने गाने ईना मीना डीका के बारे में भी बताया. उनके मुताबिक यह गाना उनके पिता किशोर कुमार के हर लाइव शो का जरूरी हिस्सा हुआ करता था. चाहे कार्यक्रम कोई भी हो, यह गाना जरूर गाया जाता था और दर्शक इसे बेहद पसंद करते थे. उनके अनुसार बिना इस गाने के कोई भी शो पूरा नहीं माना जाता था.
किशोर कुमार की विरासत आज भी जिंदा
किशोर कुमार को भारतीय सिनेमा के सबसे महान गायकों में गिना जाता है. उन्होंने अपने लंबे करियर में हजारों गाने गाए और कई भारतीय भाषाओं में अपनी आवाज दी. उनके मशहूर गीत जैसे रूप तेरा मस्ताना, मेरे सपनों की रानी, ओ मेरे दिल के चैन, ये शाम मस्तानी और जिंदगी एक सफर है सुहाना आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. सुमित कुमार का इंडियन आइडल के मंच पर भावुक होना यह दिखाता है कि किशोर कुमार का संगीत आज भी परिवार और फैंस दोनों के लिए उतना ही खास बना हुआ है.













