सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी फिल्में दर्ज हैं जिनके मुख्य कलाकारों के साथ-साथ छोटे किरदारों में नजर आए चेहरे भी अपनी छाप छोड़ जाते हैं। वर्ष 2003 में रिलीज हुई शाहरुख खान, प्रीति जिंटा और सैफ अली खान अभिनीत रोमांटिक ड्रामा 'कल हो ना हो' दर्शकों के दिलों में हमेशा खास मुकाम रखती है। इस क्लासिक फिल्म में न्यूयॉर्क की पृष्ठभूमि में फिल्माए गए एक छोटे से दृश्य में सिर पर बंधाना बांधे, कानों में हेडफोन लगाए एक युवा डीजे नजर आया था। उस किरदार का नाम फ्रैंकी रामदयाल था, जिसे धीपेश भट्ट ने परदे पर जीवंत किया था। उस वक्त उनके दुबले-पतले शरीर और चुटीले अंदाज ने दर्शकों को हंसाया, लेकिन उस संक्षिप्त भूमिका के बाद वह अभिनेता फिर किसी फिल्म में नजर नहीं आया। पर्दे से पूरी तरह ओझल होकर उन्होंने एक ऐसा रास्ता चुना जिसने उनका पूरा जीवन और शारीरिक बनावट बदल दी।
सिल्वर स्क्रीन पर पहली और आखिरी उपस्थिति
निखिल आडवाणी द्वारा निर्देशित और करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित 'कल हो ना हो' धीपेश भट्ट के लिए अभिनय की पहली और आखिरी मंजिल साबित हुई। यह कहानी अमन नाम के एक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गंभीर बीमारी से जूझते हुए अपनी पड़ोसी नैना की जिंदगी संवारने की कोशिश करता है। अमन खुद नैना से प्रेम करने के बावजूद उसे उसके करीबी दोस्त रोहित के साथ मिलाने की जुगत में लगा रहता है। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की ओर से अपार सराहना मिली थी, साथ ही बॉक्स ऑफिस पर भारी सफलता अर्जित करने के अलावा इसने आठ फिल्मफेयर पुरस्कार भी अपने नाम किए थे। अमूमन ऐसी बड़ी ब्लॉकबस्टर का हिस्सा बनने के बाद युवा कलाकार अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने की होड़ में लग जाते हैं, मगर धीपेश ने बिल्कुल विपरीत दिशा चुनी। उन्होंने फिल्म जगत में रोल तलाशने के बजाय अपने जीवन को शारीरिक सौष्ठव और फिटनेस की ओर मोड़ दिया।
दुबले डीजे से मस्कुलर शिवभक्त तक का सफर
अभिनय छोड़ने के बाद धीपेश भट्ट ने अपने शरीर को तराशने के लिए वर्षों तक कठिन परिश्रम किया। आज वह बेहद मजबूत, मांसल और सुगठित शरीर के मालिक हैं। उनके शरीर पर बने कई टैटू भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आध्यात्मिक आस्था को बयां करते हैं। वर्ष 2003 के फ्रैंकी रामदयाल और आज के धीपेश के व्यक्तित्व में इतना बड़ा बदलाव आ चुका है कि पहली नजर में कोई भी दर्शक यह यकीन नहीं कर पाएगा कि यह वही कलाकार हैं। फिटनेस की दुनिया में कदम रखते हुए उन्होंने 'शिवोहाम' नाम से अपनी पहचान स्थापित की और धीरे-धीरे भारतीय फिटनेस उद्योग में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया।
बॉलीवुड के शीर्ष सितारों को बनाया फिट
धीपेश भट्ट की असली ख्याति एक सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर के तौर पर फैली। उन्होंने हिंदी सिनेमा के कई बड़े दिग्गजों को फिल्मों की मांग के अनुसार शारीरिक बदलाव हासिल करने में मदद की। उन्होंने रणबीर कपूर को 'तू झूठी मैं मक्कार' और 'एनिमल' जैसी फिल्मों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा आमिर खान की चर्चित फिल्मों 'तलाश' और 'लाल सिंह चड्ढा' के दौरान भी वह उनके फिटनेस रूटीन से सीधे जुड़े रहे। उनके नियमित क्लाइंट्स में अमिताभ बच्चन, जैकलीन फर्नांडीज और दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राम चरण जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे हैं। जिस व्यक्ति ने कभी कुछ पलों के लिए परदे पर उपस्थिति दर्ज कराई थी, वही बाद में सिनेमा जगत के सबसे बड़े सितारों की फिटनेस रीढ़ बन गया।
वेलनेस में साझीदार बनीं पत्नी वृंदा भट्ट
धीपेश की निजी और पेशेवर यात्रा में उनकी पत्नी वृंदा भट्ट भी अहम भूमिका निभाती हैं। वृंदा स्वास्थ्य और समग्र जीवनशैली के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वह एक होलिस्टिक हेल्थ कोच होने के साथ-साथ योगिक साइकोथेरेपी की विशेषज्ञ हैं। उनका मानना है कि शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ मन और ऊर्जा का संतुलन ही संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार है। वृंदा ने भी सिनेमा जगत की कई जानी-मानी हस्तियों को मार्गदर्शन दिया है। उनके साथ अमिताभ बच्चन, आमिर खान, करण जौहर, काजोल और सुष्मिता सेन जैसी हस्तियों ने वेलनेस ट्रेनिंग ली है। दोनों पति-पत्नी ने मिलकर स्वस्थ जीवनशैली को अपने काम का केंद्र बनाया है।
शिवफिट की स्थापना और क्रॉसफिट का विस्तार
वर्ष 2017 में धीपेश और वृंदा ने मिलकर मुंबई में 'शिवफिट' नाम से एक आधुनिक जिम और फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर की नींव रखी। भारत में क्रॉसफिट वर्कआउट को आम लोगों और एथलीटों के बीच लोकप्रिय बनाने का काफी श्रेय धीपेश को जाता है। फिटनेस क्षेत्र में उनके योगदान के कारण वह करीब नौ वर्षों तक वैश्विक ब्रांड रीबॉक के ब्रांड एंबेसडर भी रहे। आज वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए पोषण, कसरत और मानसिक संतुलन से जुड़ी जानकारियों का नियमित आदान-प्रदान करते हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर करीब 9.39 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जो उनकी फिटनेस सलाह और यात्रा से प्रेरणा लेते हैं।



















