सिनेमा जगत के कुछ सुनहरे नगमे ऐसे होते हैं जो वक्त गुजरने के बाद भी जेहन में ताजा रहते हैं और बीते दौर की अनमोल यादें जगा देते हैं। साल 1974 की लोकप्रिय फिल्म 'हाथ की सफाई' का सदाबहार गीत 'वादा कर ले साजना' भी ऐसा ही संगीत का नायाब तोहफा है। इस मशहूर गाने की एक वीडियो क्लिप सामने आने के बाद अभिनेत्री सिमी गरेवाल अपने पुराने दिनों की यादों में भावुक हो गईं। मौका था हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना की 80वीं जयंती का, जिस दौरान प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनकी यादगार फिल्मों के दृश्य और गाने साझा करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोशल मीडिया पर एक प्रशंसक ने फिल्म 'हाथ की सफाई' से सिमी गरेवाल और विनोद खन्ना पर फिल्माए गए इस रोमांटिक गीत की छोटी सी क्लिप साझा की थी। उस यूजर ने अभिनेत्री को टैग करते हुए यह संदेश लिखा कि अगर विनोद खन्ना आज जीवित होते तो वह 80 वर्ष के पूरे हो जाते, साथ ही इस वीडियो को दोनों कलाकारों की एक बेहद खूबसूरत याद करार दिया। इस पुराने वीडियो को देखते ही सिमी गरेवाल खुद को प्रतिक्रिया देने से नहीं रोक सकीं और उन्होंने उस पोस्ट को आगे साझा करते हुए अपने दिल की बात बयां की।
सह-कलाकार के साथ पड़ोसी और दोस्त भी थे विनोद खन्ना
सिमी गरेवाल ने उस वीडियो क्लिप को रीशेयर करते हुए अपने और विनोद खन्ना के निजी व पेशेवर तालमेल पर रोशनी डाली। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि वह उन्हें बहुत याद करती हैं और विनोद न सिर्फ उनके बेहतरीन सह-कलाकार थे, बल्कि उनके पड़ोसी और बेहद करीबी दोस्त भी रहे थे। चंद शब्दों के इस भावुक संदेश ने यह साफ कर दिया कि पर्दे पर साथ काम करने के अलावा दोनों कलाकारों के बीच एक मजबूत घरेलू और दोस्ताना रिश्ता भी कायम था।
1974 की चर्चित क्राइम-ड्रामा थी फिल्म 'हाथ की सफाई'
विनोद खन्ना और सिमी गरेवाल के इस यादगार सफर की शुरुआत प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म 'हाथ की सफाई' से गहराई से जुड़ी है। इस फिल्म की पटकथा मशहूर लेखक जोड़ी सलीम-जावेद ने तैयार की थी। कहानी दो ऐसे सगे भाइयों के इर्द-गिर्द बुनी गई थी, जो बचपन के दिनों में बिछड़ जाते हैं और बाद में बिल्कुल अलग-अलग रास्तों पर निकल पड़ते हैं। फिल्म में विनोद खन्ना ने बड़े भाई शंकर की भूमिका निभाई थी, जो आगे चलकर अपराध और अंडरवर्ल्ड की दुनिया में कुमार साहब के नाम से पहचान बनाता है।
दूसरी तरफ अभिनेता रणधीर कपूर ने छोटे भाई राजू का किरदार निभाया था, जो हालात के थपेड़ों के बीच एक माहिर जेबकतरे के रूप में बड़ा होता है। दोनों भाइयों की जिंदगी किस तरह नाटकीय मोड़ लेते हुए एक बार फिर आमने-सामने आती है, यही इस क्राइम-ड्रामा फिल्म की मुख्य कहानी थी। फिल्म के अन्य महत्वपूर्ण किरदारों में रंजीत और सत्येन कप्पू जैसे मंझे हुए कलाकार भी शामिल थे, जिन्होंने कहानी के सस्पेंस और ड्रामा को मजबूती प्रदान की थी।
फिल्म के किरदार और संगीत का सदाबहार जादू
इस फिल्म में सिमी गरेवाल ने शंकर की पत्नी रोमा का गरिमामय किरदार निभाया था, जबकि अभिनेत्री हेमा मालिनी कामिनी की मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। सत्तर के दशक के सिनेमाई अंदाज के अनुरूप इस कहानी में भरपूर एक्शन, गहरे पारिवारिक जज्बात और दिलकश रोमांस का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला था। फिल्म के गानों को सजाने का श्रेय संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी को जाता है, जबकि इसके बोल गीतकार गुलशन बावरा ने कलमबद्ध किए थे।
इस फिल्म का सबसे चर्चित और लोकप्रिय गाना 'वादा कर ले साजना तेरे बिना' साबित हुआ, जिसे पार्श्वगायन के दो सबसे बड़े नामों मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज दी थी। दशकों बीत जाने के बाद भी यह रोमांटिक गाना आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर चढ़ा हुआ है और अक्सर रेडियो, टेलीविजन तथा सोशल मीडिया पर पुरानी यादों की महक बिखेरता रहता है।



















