बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच चल रहे कानूनी विवाद में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। 19 अगस्त को मुंबई स्थित बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं सुनीता आहूजा ने गोविंदा के खिलाफ पूर्व में दायर की गई तलाक की याचिका को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया है। इस दौरान उनके साथ उनके बेटे यशवर्धन आहूजा भी मौजूद थे। कोर्ट परिसर के बाहर सुनीता आहूजा की उपस्थिति का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद दांपत्य जीवन में अलगाव की अटकलें तेज हो गई थीं, जिन्हें बाद में पारिवारिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया।
बांद्रा कोर्ट परिसर में उपस्थिति और याचिका वापसी
बुधवार, 19 अगस्त को बांद्रा फैमिली कोर्ट परिसर के बाहर सुनीता आहूजा अपने पुत्र यशवर्धन के साथ दिखाई दी थीं। इस दृश्य के सामने आते ही सामाजिक माध्यमों पर यह कयास लगाए जाने लगे कि दोनों के मध्य वैवाहिक विच्छेद की औपचारिक कार्यवाही अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। हालांकि, इन अटकलों के बीच गोविंदा के प्रबंधक शशि सिन्हा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सुनीता कोर्ट में तलाक की प्रक्रिया आगे बढ़ाने नहीं, बल्कि पूर्व में दी गई अर्जी को निरस्त कराने पहुंची थीं।
दिसंबर 2024 में दर्ज हुआ था मामला
प्राप्त विवरण के अनुसार, सुनीता आहूजा ने 5 दिसंबर 2024 को मुंबई की बांद्रा फैमिली कोर्ट में गोविंदा के विरुद्ध तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इस कानूनी मामले की जानकारी सार्वजनिक होने पर अगस्त 2025 में दोनों के संबंधों को लेकर विभिन्न चर्चाएं आरंभ हुई थीं। उस समय गोविंदा का पक्ष रख रहे कानूनी सलाहकार ने यह स्पष्ट किया था कि यह विवाद पुराना है और दोनों पक्षों के बीच आपसी मतभेदों को सुलझाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
हिंदू विवाह अधिनियम की धाराएं और कानूनी आधार
सुनीता द्वारा प्रस्तुत याचिका में हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा 13(1)(i), 13(1)(ia) तथा 13(1)(ib) का समावेश किया गया था। कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत इन धाराओं में वैवाहिक निष्ठा का उल्लंघन, मानसिक अथवा शारीरिक प्रताड़ना तथा बिना किसी पर्याप्त कारण के अलग रहने जैसे आधार शामिल होते हैं। प्रबंधक शशि सिन्हा ने जानकारी दी कि यह मामला पिछले 2 वर्षों से अदालत में लंबित चल रहा था। अगस्त 2025 में भी गोविंदा के वकील ने पुष्टि की थी कि हालांकि औपचारिक कानूनी पृथक्करण लागू नहीं हुआ था, परंतु अदालत में मामला विचाराधीन था।
हवाई अड्डे की घटना और अन्य चर्चाएं
विगत कुछ समय से गोविंदा का नाम अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ जोड़ा जा रहा था। मुंबई एयरपोर्ट पर दोनों को साथ देखे जाने के बाद इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। सुनीता आहूजा ने इस निकटता पर अपनी असहजता जताई थी और सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए थे। हालांकि, शुरुआती दौर में गोविंदा और कोमल रानी दोनों ने ही इस विषय पर प्रतिक्रिया देने से दूरी बनाए रखी थी।
'शुगर डैडी' टिप्पणी पर गोविंदा का जवाब
अभिनेत्री के साथ तस्वीरें सामने आने के उपरांत सुनीता आहूजा ने तीखे शब्दों में अपना विरोध व्यक्त किया था। उन्होंने गोविंदा के कम उम्र की सह-कलाकार के साथ दिखाई देने पर आपत्ति जताते हुए अपनी मर्यादा बनाए रखने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने गोविंदा पर तंज कसते हुए 'शुगर डैडी' शब्द का प्रयोग किया था। सुनीता के इस वक्तव्य के पश्चात गोविंदा ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने अपनी पत्नी से सार्वजनिक मंचों पर बातचीत के दौरान गरिमा बनाए रखने का अनुरोध किया तथा कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति का अनादर नहीं किया जाना चाहिए जिसके पास उनकी भांति ख्याति या धन उपलब्ध न हो।
भावनाओं में लिया गया निर्णय और वैवाहिक पृष्ठभूमि
19 अगस्त को याचिका वापस लिए जाने के निर्णय पर प्रबंधक शशि सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सुनीता ने पूर्व में यह कदम अत्यधिक भावुक होकर उठाया था, परंतु बाद में उन्होंने अपना विचार बदल लिया। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि दोनों के बीच कोई अलगाव नहीं हो रहा है। यद्यपि सुनीता या गोविंदा की ओर से इस निर्णय के विस्तृत कारणों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, तथापि इसे रिश्ते के समापन के स्थान पर कानूनी विवाद से पीछे हटने का कदम माना जा रहा है। गोविंदा और सुनीता का विवाह वर्ष 1987 में संपन्न हुआ था और उनके 2 बच्चे हैं। याचिका निरस्त होने के पश्चात अब प्रशंसक दोनों की ओर से किसी आधिकारिक संयुक्त वक्तव्य की प्रतीक्षा कर रहे हैं।



















