हवा में उड़ते यात्री विमान के कॉकपिट में अचानक उपजे जानलेवा संकट के बीच अदम्य साहस दिखाते हुए सैकड़ों यात्रियों की रक्षा करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की दुनियाभर में गूंज सुनाई दे रही है। दुबई से तेल अवीव की उड़ान के दौरान हुए खौफनाक हादसे में गंभीर चोटें आने के बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया और विमान को सुरक्षित उतारने का रास्ता तैयार किया। अब सिनेमा जगत के जाने-माने लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने पायलट की इस बेमिसाल बहादुरी को सलाम करते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने का पुरजोर समर्थन किया है।
जावेद अख्तर ने की देश के दूसरे सर्वोच्च सैन्य सम्मान की मांग
पायलट की जांबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी तस्वीर साझा की और उनकी तत्परता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट लिखा कि स्मित मच्छार को सलाम और वे निस्संदेह महावीर चक्र जैसे प्रतिष्ठित सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं। महावीर चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा सैन्य वीरता पुरस्कार माना जाता है, जिसे अमूमन युद्ध या सैन्य संघर्ष के समय प्रदर्शित किए जाने वाले असाधारण शौर्य और पराक्रम के लिए प्रदान किया जाता है। सोशल मीडिया पर सामने आते ही उनका यह विचार तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।
कॉकपिट में हुआ था खूनी संघर्ष, 180 से ज्यादा लोग थे सवार
यह रोंगटे खड़े कर देने वाला घटनाक्रम 30 सितंबर को उस समय सामने आया, जब फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 दुबई से उड़ान भरकर तेल अवीव की ओर बढ़ रही थी। उस समय विमान में 180 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य मौजूद थे। सफर के दौरान अचानक कॉकपिट के भीतर दोनों पायलटों के बीच अप्रत्याशित और हिंसक तकरार शुरू हो गई। प्राप्त विवरण के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर प्राणघातक हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले और अफरा-तफरी के कारण विमान तेजी से नीचे की दिशा में गोता लगाने लगा, जिससे आसमान में ही बड़ी तबाही का खतरा मंडराने लगा था।
लहूलुहान हालत में खोला दरवाजा, ताबुक में कराई गई सुरक्षित लैंडिंग
हमले में बेहद गंभीर रूप से लहूलुहान और जख्मी होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा और किसी तरह संघर्ष करते हुए कॉकपिट का सुरक्षा दरवाजा खोलने में सफल रहे। दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने तत्काल भीतर घुसकर हमलावर को काबू में किया और स्थिति पर नियंत्रण पाया। उसी विमान में दो ऑफ-ड्यूटी पायलट भी यात्रा कर रहे थे, जिन्होंने आगे आकर तुरंत कमान संभाली और नियंत्रण वापस पाकर विमान को सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित नीचे उतारा। इस सनसनीखेज वारदात की विस्तृत जांच प्रक्रिया अभी जारी है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने की सराहना, बॉलीवुड से भी मिला समर्थन
इस अभूतपूर्व सूझबूझ और असीम धैर्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के जज्बे की खुले दिल से प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि कैप्टन ने अपनी जान जोखिम में डालकर असाधारण कर्तव्यनिष्ठा दिखाई और एक भीषण विमान हादसे को टाल दिया। इसके साथ ही देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उनकी वीरता और संकट प्रबंधन की प्रशंसा की है।
सिनेमा जगत से भी उनके लिए दुआओं और सम्मान का तांता लगा हुआ है। आर. माधवन, परेश रावल, विजय देवरकोंडा, सोनम कपूर, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, जैकी श्रॉफ तथा कंगना रनौत जैसी प्रमुख फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कैप्टन स्मित के पराक्रम को नमन करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
मुंबई के रहने वाले हैं कैप्टन स्मित, हो चुकी है सफल सर्जरी
हमले में आई गंभीर चोटों के चलते कैप्टन स्मित मच्छार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी जरूरी सर्जरी की गई है और फिलहाल उनकी शारीरिक स्थिति स्थिर बताई जा रही है। भारतीय प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित दूतावास के प्रतिनिधि उनके इलाज और स्वास्थ्य सुधार पर पूरी नजर रखे हुए हैं। मूल रूप से मुंबई के निवासी कैप्टन स्मित को कमर्शियल विमानन क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा समय का लंबा अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में फ्लाईदुबई के साथ सेवा दे रहे कैप्टन स्मित इससे पहले स्पाइसजेट एयरलाइंस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।



















