सिनेमाघरों में आध्यात्मिक पृष्ठभूमि पर तैयार फिल्म हनुमान अंश ने दर्शकों के बीच अभूतपूर्व सफलता दर्ज करते हुए टिकट खिड़की पर 200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर लिया है। इस ऐतिहासिक वित्तीय सफलता के ठीक बाद फिल्म से जुड़े रचनाकारों ने अपने नए सिनेमाई प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस आगामी फिल्म का शीर्षक राम बोला रखा गया है, जो महान संत और कवि गोस्वामी तुलसीदास के जीवन, उनकी भक्ति और उनकी कालजयी रचनाओं पर आधारित होगी। हालांकि, इस बार सुर्खियां केवल नई फिल्म की घोषणा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके निर्माता महावीर जैन द्वारा लिया गया एक बड़ा परोपकारी संकल्प भी केंद्र बिंदु बन गया है।
कमाई का 100 प्रतिशत हिस्सा जनकल्याण को समर्पित
निर्माता महावीर जैन ने एक आधिकारिक बयान साझा करते हुए अपनी निजी आय को लेकर एक अहम प्रतिज्ञा ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राम बोला से प्राप्त होने वाली अपनी व्यक्तिगत कमाई और समस्त बचत का पूरा 100 प्रतिशत हिस्सा समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए दान करेंगे। यह धनराशि विभिन्न सेवा परियोजनाओं और लोक कल्याणकारी कार्यों में लगाई जाएगी। निर्माता ने अपने इस विशेष संकल्प की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर की, जिसकी चर्चा अब फिल्म उद्योग और सामाजिक हलकों में व्यापक रूप से हो रही है।
बचपन के नाम और भक्ति यात्रा पर केंद्रित होगी कहानी
आगामी फिल्म राम बोला का निर्देशन और लेखन विशाल चतुर्वेदी संभाल रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार, राम बोला वास्तव में गोस्वामी तुलसीदास जी के बचपन का नाम था। यह बायोपिक मुख्य रूप से उनके बाल्यकाल से लेकर उनकी गहन आध्यात्मिक साधना, अटूट रामभक्ति और अमर साहित्यिक कृतियों की रचना प्रक्रिया को बड़े पर्दे पर पेश करेगी।
मात्र 2 करोड़ के बजट से रचा 200 करोड़ का कीर्तिमान
यह नया प्रोजेक्ट ऐसे समय सामने आया है जब निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की पूर्ववर्ती फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर असाधारण मुनाफा कमाया है। नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित इस फिल्म का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में किया गया था। सीमित लागत के बावजूद फिल्म ने भारत में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करते हुए सफलता का नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस अभूतपूर्व सफलता के बाद अब दर्शकों और विश्लेषकों की निगाहें टीम के अगले प्रयास राम बोला पर टिकी हैं।



















