हिंदी फिल्म उद्योग में अपनी आवाज का जादू चलाने वाली गायिका भूमि त्रिवेदी की सफलता के पीछे अटूट लगन और संघर्ष की एक लंबी कहानी छिपी है। संगीत से सराबोर परिवार में पली-बढ़ी भूमि ने अपने बचपन के जुनून को बॉलीवुड में एक चमकदार करियर में तब्दील कर दिया। टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो में बार-बार मिलीं चुनौतियों और व्यक्तिगत दिक्कतों का सामना करते हुए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी एक खास पहचान बनाई है।
संगीत के माहौल में बीता शुरुआती बचपन
भूमि त्रिवेदी का जन्म 23 अगस्त 1988 को गुजरात के वडोदरा शहर में एक संगीत प्रेमी परिवार में हुआ था। उनके घर में शुरू से ही सुरों और धुनों का वास था। उनके पिता भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे और उन्हें भी गाने का गहरा शौक था। वहीं उनकी मां एक लोक गायिका थीं, जो अपना खुद का म्यूजिकल ग्रुप भी चलाती थीं। माता-पिता के इस संगीतमय माहौल का भूमि पर गहरा असर पड़ा और उन्होंने आठवीं कक्षा में पढ़ते हुए ही औपचारिक रूप से संगीत की शिक्षा लेना शुरू कर दिया था।
इंडियन आइडल के मंच पर कठिन इम्तिहान
अपनी गायकी को देश के सामने पेश करने के लिए भूमि त्रिवेदी ने लोकप्रिय रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' का रुख किया। हालांकि यह सफर आसान नहीं था। 'इंडियन आइडल 3' में ऑडिशन के जरिए चयन होने के बावजूद पीलिया की बीमारी के कारण उन्हें शो बीच में ही छोड़ना पड़ा। इसके अगले साल उन्होंने 'इंडियन आइडल 4' के लिए फिर से ऑडिशन दिया और चुनी गईं, लेकिन परिवार में किसी करीबी सदस्य के देहांत की वजह से उन्हें एक बार फिर प्रतियोगिता छोड़नी पड़ी। इन तमाम झटकों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 'इंडियन आइडल 5' के मंच पर जोरदार वापसी की। इस सीजन में वह प्रतियोगिता की रनर-अप रहीं और अपनी गायकी से पूरे देश का दिल जीत लिया।
संजय लीला भंसाली की फिल्म से मिला बड़ा ब्रेक
भूमि त्रिवेदी ने बॉलीवुड में बतौर प्लेबैक सिंगर अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'प्रेम मयी' के गाने 'बहने दे' से की थी, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। लेकिन उनके करियर का असली टर्निंग पॉइंट साल 2013 में आया। निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'गोलियों की रासलीला' के सुपरहिट गाने 'राम चाहे लीला' में जब भूमि ने अपनी आवाज दी, तो वे रातोरात शोहरत के शिखर पर पहुंच गईं। इस एक गाने ने संजय लीला भंसाली को भी उनकी गायकी का मुरीद बना दिया और भूमि को फिल्म इंडस्ट्री में नाम, पहचान और लगातार नया काम मिलने लगा।
सुपरहिट गानों के साथ जमाया कब्जा
भंसाली की फिल्म से मिली सफलता के बाद भूमि त्रिवेदी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ गुजराती भाषा में भी कई यादगार फिल्मों और एल्बमों में अपनी आवाज दी है। उनके लोकप्रिय गानों में शाहरुख खान की फिल्म 'रईस' का गाना 'उडी उडी जाए', फिल्म 'जीरो' का 'हुस्न परचम', और करण जौहर की फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' का धमाकेदार गाना 'धिंढोरा बाजे रे' शामिल हैं। आज भूमि त्रिवेदी हिंदी सिनेमा की सबसे भरोसेमंद और चर्चित प्लेबैक सिंगरों की गिनती में शामिल हैं।



















