नब्बे के दशक के हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में आईं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत छाप छोड़ी। साल 1996 में पर्दे पर उतरी फिल्म ‘दिलजले’ भी उन्हीं चुनिंदा फिल्मों में शामिल है, जिसे एक्शन, ड्रामा और रोमांस के बेहतरीन तालमेल के लिए आज भी याद किया जाता है। इस फिल्म में अजय देवगन के साथ मधु और सोनाली बेंद्रे मुख्य किरदारों में नजर आई थीं। कहानी में मौजूद देशभक्ति का जज्बा, प्यार की कशिश और बलिदान की भावना ने इसे उस दौर की बेहद चर्चित फिल्म बना दिया था।
जूही चावला के ठुकराने के बाद बदली स्टारकास्ट
इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इसके कास्टिंग दौर का है। फिल्म के मुख्य किरदारों के चयन के दौरान निर्माताओं ने सबसे पहले यह प्रोजेक्ट जूही चावला को पेश किया था। उस दौर में जूही चावला बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार थीं और उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स की कतार लगी थी। हालांकि, कहानी जूही को उतनी प्रभावशाली नहीं लगी और उन्होंने इसमें काम करने से मना कर दिया। उनके इस फैसले के बाद मेकर्स ने कहानी में बदलाव करते हुए दो अलग-अलग अभिनेत्रियों को मुख्य भूमिकाओं में शामिल करने की योजना बनाई।
मधु और सोनाली बेंद्रे की एंट्री से नया मोड़
जूही चावला के इनकार के बाद फिल्म में मधु और सोनाली बेंद्रे को चुना गया। उस समय सोनाली बेंद्रे अपनी खूबसूरती और सादगी के साथ दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रही थीं। वहीं मधु उस वक्त दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ-साथ हिंदी फिल्मों में भी अपनी खास पहचान बना चुकी थीं। दोनों अभिनेत्रियों की मौजूदगी ने फिल्म के ताने-बाने को नया विस्तार दिया। सोनाली और मधु दोनों ने ही अपनी-अपनी भूमिकाओं को पूरी शिद्दत से निभाया, जिससे फिल्म का रोमांटिक पक्ष काफी निखर कर सामने आया।
दोहरी केमिस्ट्री और अजय देवगन का दमदार अंदाज
‘दिलजले’ की सबसे खास बात यह रही कि इसमें अजय देवगन का रोमांस दो अलग अभिनेत्रियों के साथ दिखाया गया था। फिल्म की पटकथा में दोनों किरदारों के साथ अजय की अलग-अलग केमिस्ट्री गढ़ी गई थी, जिसने दर्शकों को स्क्रीन पर बांधे रखा। 1996 में जब यह फिल्म आई, तब अजय देवगन इंडस्ट्री में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहे थे। एक्शन से भरपूर किरदारों और गंभीर अभिनय में उनकी महारत साबित हो चुकी थी। इस फिल्म ने उनके करियर की उस गति को और तेज रफ्तार देने का काम किया।
श्याम से शाका बनने का सफर और लोकप्रिय संगीत
फिल्म में अजय देवगन ने दो अलग रंगों वाला किरदार निभाया था। पहले वह सीधे-सादे नौजवान श्याम के रूप में दिखाई दिए, जो बाद में हालात के थपेड़ों से एक बागी और विद्रोही शाका के रूप में तब्दील हो जाता है। उनके इस उग्र और गंभीर अंदाज ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। एक्शन दृश्यों के अलावा इस फिल्म का संगीत भी इसकी सफलता का मुख्य स्तंभ साबित हुआ। इसके गीत रिलीज के बाद लंबे समय तक लोगों की पसंद बने रहे और आज भी नब्बे के दशक के संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में शामिल रहते हैं।


















