छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले अंतर्गत मैनपाट क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां वैवाहिक बंधन में बंधने के करीब 4 महीने बाद ही एक नवविवाहिता वर्षा यादव ने चूहे मारने वाली दवा का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका मूल रूप से सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 13, प्रगतिनगर की रहने वाली थी।
शादी के बाद पढ़ाई और विवाद की शुरुआत
परिजनों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्षा यादव का विवाह 1 मई 2026 को मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों के तहत संपन्न हुआ था। विवाह तय होते समय ससुराल पक्ष की ओर से यह सहमति दी गई थी कि वर्षा शादी के बाद भी अपनी एम.एस-सी. (M.Sc.) की पढ़ाई जारी रख सकेगी। हालांकि मायके पक्ष का कहना है कि विवाह के केवल दो महीने बीतने के बाद से ही ससुराल के लोगों का रवैया बदलने लगा और उन्होंने वर्षा को परेशान करना शुरू कर दिया।
पिता को भेजा गया अंतिम संदेश और अस्पताल में भर्ती
मामले में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने अपने पिता उमेश यादव के मोबाइल पर व्हाट्सऐप संदेश भेजा। इस संदेश में उसने साफ लिखा था कि वह अब जीवित नहीं रहना चाहती और उसे सुकून से मरने दिया जाए। यह संदेश पहुंचने के कुछ ही देर उपरांत पति अजय यादव ने अपने ससुर उमेश यादव को कॉल करके सूचना दी कि वर्षा की तबीयत अचानक अत्यधिक बिगड़ गई है।
इसके बाद अजय यादव वर्षा को लेकर अंबिकापुर स्थित मिशन अस्पताल पहुंचा। युवती की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में भर्ती कर दिया। 19 सितंबर को जब वर्षा के पिता अस्पताल पहुंचे, तब उसने उन्हें बताया कि ससुराल के लोग उसके साथ बिल्कुल अच्छा बर्ताव नहीं करते हैं। अस्पताल में लगातार उपचार चलने के बावजूद वर्षा के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार की सुबह उसकी मृत्यु हो गई।
गला दबाने और चोट के गंभीर आरोप
वर्षा के पिता उमेश यादव ने पुलिस के समक्ष दिए अपने आधिकारिक बयान में ससुराल पक्ष के सदस्यों पर गंभीर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि 15 सितंबर को भी वर्षा ने फोन पर अपनी आपबीती सुनाई थी। उस दौरान उसने बताया था कि पति अजय ने उसके पेट पर चढ़कर उसका गला दबाने का प्रयास किया था। मायके वालों ने यह भी दावा किया है कि वर्षा के पार्थिव शरीर पर चोट के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम सक्रिय हुई और अस्पताल पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए गए। मायके पक्ष ने शारीरिक मारपीट के अलावा पैसों के लेन-देन से जुड़ी प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं। पुलिस ने इन शिकायतों को दर्ज करते हुए मामले की विस्तृत छानबीन शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की औपचारिक रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होगी और उसी आधार पर वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।























