बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसी पुरानी घटनाएं हैं जो सालों बाद भी कलाकारों के जेहन में तरोताजा रहती हैं। फिल्म शूटिंग के दौरान सेट पर होने वाले अनुभव कलाकारों के शुरुआती दिनों की यादों का हिस्सा बन जाते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा मराठी अभिनेता पुष्कर जोग के बचपन का है, जब उन्होंने महज 7 साल की उम्र में अपनी पहली हिंदी फिल्म की शूटिंग शुरू की थी। एक गाने के सीन की रिहर्सल करते वक्त उनसे अनजाने में एक छोटी सी भूल हो गई, जिसके बाद दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का गुस्सा उन पर फूट पड़ा था। 7 साल का बच्चा इस डांट से सहम गया और सेट पर ही फूट-फूटकर रोने लगा, लेकिन इसके बाद अभिनेता नाना पाटेकर ने जिस तरह से स्थिति को संभाला, उसने इस वाकये को और भी यादगार बना दिया।
ऑडिशन के बिना बाल कलाकार के रूप में मिली थी पहली फिल्म
पुष्कर जोग ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बेहद छोटी उम्र में कर दी थी। जब वह सिर्फ 7 साल के थे, तब उन्हें हिंदी फिल्म 'हम दोनों' में एक बाल कलाकार की भूमिका निभाने का अवसर मिला। इस फिल्म में प्रवेश करने की प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प थी, क्योंकि पुष्कर जोग को इस किरदार के लिए कोई ऑडिशन नहीं देना पड़ा था। पुणे के रहने वाले पुष्कर जोग को जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर व्यक्तिगत रूप से पहचानते थे। नाना पाटेकर के सुझाव और सिफारिश की वजह से ही निर्माताओं ने पुष्कर जोग को फिल्म का हिस्सा बनाया था। इस तरह बिना किसी औपचारिक ऑडिशन के पुष्कर सीधे इतने बड़े बैनर की फिल्म के सेट पर पहुंच गए थे।
बड़े सेट का माहौल और ऋषि कपूर का दबदबा
पुणे से मुंबई आकर इतने बड़े हिंदी फिल्म सेट पर काम करना 7 साल के पुष्कर जोग के लिए बिल्कुल नया और चकित कर देने वाला अनुभव था। शूटिंग के पहले ही दिन जब वह सेट पर पहुंचे, तो वहां का माहौल देखकर हैरान रह गए। सेट पर लगभग 100 से 150 लोग मौजूद थे, जो अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इतने सारे लोगों और कैमरों के बीच काम करने का दबाव पहले से ही था, ऊपर से दिग्गज स्टार ऋषि कपूर की उपस्थिति ने पुष्कर के मन में घबराहट और बढ़ा दी। ऋषि कपूर अपनी सख्त और बेबाक शख्सियत के लिए जाने जाते थे। वह सेट पर ज्यादा किसी से घुलते-मिलते नहीं थे और उनका रुतबा ऐसा था कि बड़े-बड़े कलाकार भी उनके सामने काफी सतर्क होकर रहते थे। ऐसे माहौल में एक छोटे बच्चे का डरना स्वाभाविक था।
रिहर्सल के दौरान हुई चूक और ऋषि कपूर की डांट
फिल्म के एक गाने के सीक्वेंस की शूटिंग चल रही थी, जिसमें मुख्य रूप से ऋषि कपूर और पूजा भट्ट को एक नई कार लेकर पहुंचते हुए दिखाया जाना था। इस गाने की कोरियोग्राफी प्रसिद्ध कोरियोग्राफर फराह खान कर रही थीं। दृश्य के अनुसार पुष्कर जोग को एक गैराज वर्कर का छोटा सा किरदार निभाना था। रिहर्सल के समय पुष्कर के हाथों में फूलों की कुछ पंखुड़ियां दी गई थीं। टेक की तैयारी के दौरान अनजाने में पुष्कर के हाथों से वे पंखुड़ियां ऋषि कपूर के सिर पर गिर गईं। जैसे ही दृश्य समाप्त हुआ और निर्देशक ने कट बोला, ऋषि कपूर इस गलती पर बहुत ज्यादा नाराज हो गए। उन्होंने तुरंत 7 साल के पुष्कर पर अपना गुस्सा निकाला और उन्हें सख्त लहजे में डांट दिया।
वैन में ले गईं फराह खान और नाना पाटेकर का हस्तक्षेप
दिग्गज अभिनेता की इस अचानक पड़ी डांट से 7 साल का मासूम बच्चा पूरी तरह डर गया और सेट पर ही फूट-फूटकर रोने लगा। सेट पर मौजूद उनकी मां भी इस अचानक हुए घटनाक्रम और माहौल की तल्खी से काफी घबरा गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोरियोग्राफर फराह खान तुरंत आगे आईं और उन्होंने रोते हुए पुष्कर को संभाला। फराह खान उन्हें शांत कराने के लिए सेट से दूर वैनिटी वैन में ले गईं। इस घटना के बाद पुष्कर ने पूरा वाकया नाना पाटेकर को बताया, जिनके साथ उनका बेहद आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता था।
अगले दिन सेट पर पहुंचकर नाना पाटेकर ने लगाई क्लास
हालांकि घटना वाले दिन बात वहीं शांत हो गई थी, लेकिन अगले दिन जब नाना पाटेकर को इस बारे में पता चला तो वह काफी आहत हुए। उस दिन नाना पाटेकर का शूटिंग शेड्यूल नहीं था, फिर भी वह विशेष रूप से सेट पर पहुंचे। वह सीधे ऋषि कपूर के पास गए और बिना किसी झिझक के उनसे बात की। नाना पाटेकर ने ऋषि कपूर को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट कहा कि एक 7 साल के छोटे बच्चे के साथ बात करने का यह तरीका सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इतने छोटे बच्चे को टेक और रिहर्सल की समझ नहीं होती, इसलिए उस पर इस तरह चिल्लाना बिल्कुल गलत था। नाना पाटेकर की इस बेबाकी और बच्चे के प्रति सुरक्षात्मक रवैये ने सेट पर मौजूद हर शख्स को प्रभावित किया।
बचपन की याद और ऋषि कपूर के प्रति अटूट सम्मान
पुष्कर जोग आज भी अपने बचपन के उस घटनाक्रम को याद करते हुए नाना पाटेकर की हिम्मत और अपनेपन की सराहना करते हैं। उनका मानना है कि ऋषि कपूर जैसे बड़े स्टार के सामने खड़े होकर किसी बच्चे का पक्ष लेना नाना पाटेकर के व्यक्तित्व की महानता को दर्शाता है। इसके साथ ही पुष्कर जोग यह भी स्पष्ट करते हैं कि उस अप्रिय घटना के बावजूद उनके मन में ऋषि कपूर के प्रति बेहद सम्मान और प्यार हमेशा बना रहा। वह ऋषि कपूर की अदाकारी और उनके सिनेमाई योगदान के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं, लेकिन बचपन का वह वाकया उनके जीवन का एक ऐसा अध्याय बन गया जिसे वह कभी भूल नहीं पाए।



















