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जमशेदपुर का जुबली पार्क बना हर पीढ़ी का पसंदीदा ठिकाना, 6 से 80 साल के लोग पाते हैं नई ऊर्जाझारखंड
9 सित॰ 2026, 8:34 am (1 घंटे पहले)· 2

जमशेदपुर का जुबली पार्क बना हर पीढ़ी का पसंदीदा ठिकाना, 6 से 80 साल के लोग पाते हैं नई ऊर्जा

जमशेदपुर के केंद्र में स्थित दो एकड़ का जुबली पार्क 6 से 80 वर्ष के लोगों के लिए फिटनेस और सामाजिक जुड़ाव का प्रमुख स्थल बन चुका है, जहाँ नियमित आने से बुजुर्गों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।

झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के मध्य भाग में फैला जुबली पार्क स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य, ऊर्जा और सामाजिक संपर्क का एक अनूठा केंद्र बन चुका है। लगभग दो एकड़ के विशाल दायरे में फैला यह हरित क्षेत्र हर सुबह और शाम शहर की आपाधापी से दूर शांति की तलाश करने वालों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस परिसर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ 6 वर्ष के नन्हे बच्चों से लेकर 80 वर्ष के बुजुर्ग एक साथ सक्रिय जीवनशैली अपनाते हुए दिखाई देते हैं। प्राकृतिक वातावरण के बीच समय बिताने से लोगों को न केवल मानसिक सुकून मिलता है, बल्कि वे शारीरिक रूप से भी अधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं।

शहर के केंद्र में प्राकृतिक और स्वच्छ माहौल

जुबली पार्क का दो एकड़ का भूभाग अपने हरे-भरे पेड़ों, साफ-सुथरे रास्तों और पक्षियों की मनमोहक चहचहाहट के लिए जाना जाता है। शहर के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित होने के कारण यहाँ पहुँचना आसपास के सभी इलाकों के निवासियों के लिए बेहद आसान और सुविधाजनक है। सुबह के समय यहाँ का माहौल विशेष रूप से जीवंत हो उठता है, जब बड़ी संख्या में लोग नियमित वॉक, योगाभ्यास और विभिन्न प्रकार के शारीरिक व्यायाम करने पहुँचते हैं। शहरी शोर-शराबे और प्रदूषण के बीच यह पार्क लोगों को शुद्ध हवा में सांस लेने और प्रकृति से सीधा जुड़ाव स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है।

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स्वास्थ्य सुधार और वरिष्ठ नागरिकों का सामाजिक दायरा

उम्रदराज लोगों के लिए यह स्थान सिर्फ टहलने का पार्क नहीं, बल्कि उनकी दैनिक जीवनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। यहाँ आने वाली 73 वर्षीय नंदिता बताती हैं कि उन्हें लंबे समय से अस्थमा और घुटनों के दर्द की समस्या परेशान कर रही थी। नियमित रूप से पार्क में आने, ताजी हवा में सांस लेने और दोस्तों के साथ वॉक करने से उनके स्वास्थ्य में चमत्कारिक सुधार आया है और वे खुद को पहले से अधिक चुस्त महसूस करती हैं।

इसी तरह 65 वर्षीय धनंजय का कहना है कि पार्क के प्रांगण में कदम रखते ही उनका शरीर स्वतः ही सक्रिय हो उठता है। यहाँ बिताया गया समय उन्हें उनकी 65 वर्ष की उम्र का एहसास नहीं होने देता। लोगों से बातचीत करने, हल्की कसरत में भाग लेने और लगातार टहलने की आदत ने उनकी फिटनेस और मनोबल दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

हर पीढ़ी के लिए ऊर्जा और फिटनेस का संगम

जुबली पार्क की कार्यशैली यह साबित करती है कि शारीरिक सक्रियता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए उम्र कभी कोई बाधा नहीं बनती। जहाँ एक तरफ छोटे बच्चे खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, वहीं युवा वर्ग जिमिंग और फिटनेस अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित करता है। दूसरी ओर, वरिष्ठ नागरिक पूर्ण उत्साह के साथ टहलते और हल्की कसरतों में संलग्न रहते हैं। यही कारण है कि यह स्थान जमशेदपुर के नागरिकों के बीच एक ऐसे जीवंत स्थल के रूप में लोकप्रिय हो गया है, जहाँ आकर उम्र ढलने की चिंता समाप्त हो जाती है और जीवन जीने का नया उत्साह जागृत होता है।

सवाल-जवाब

जुबली पार्क कहाँ स्थित है और इसका क्षेत्रफल कितना है?
जुबली पार्क झारखंड के जमशेदपुर शहर के केंद्र में स्थित है और यह लगभग दो एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
जुबली पार्क में किस उम्र के लोग आते हैं?
इस पार्क में 6 साल के छोटे बच्चों से लेकर 80 साल तक के बुजुर्ग नागरिक नियमित रूप से आते हैं।
73 वर्षीय नंदिता को पार्क आने से क्या स्वास्थ्य लाभ हुआ?
अस्थमा और घुटनों के दर्द से परेशान नंदिता को पार्क में नियमित टहलने और ताजी हवा में सांस लेने से शारीरिक चुस्ती और राहत मिली है।
65 वर्षीय धनंजय ने पार्क के अपने अनुभव के बारे में क्या बताया?
धनंजय के अनुसार पार्क में पहुंचते ही उनका शरीर सक्रिय हो जाता है और लोगों से बातचीत व टहलने की आदत से वे अपनी 65 वर्ष की उम्र भूल जाते हैं।
जुबली पार्क में सुबह के समय लोग क्या गतिविधियां करते हैं?
सुबह के समय लोग यहाँ वॉक करने, योगाभ्यास करने, कसरत करने और प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए इकट्ठा होते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·15 मिनट पहले

यह खबर दर्शाती है कि कैसे शहरी क्षेत्रों में हरित गलियारे विकसित करके नागरिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारा जा सकता है। दो एकड़ के इस पार्क जैसे मॉडल उत्तर प्रदेश के शहरों में भी वायु प्रदूषण और तनाव से निपटने के लिए लागू किए जाने चाहिए, जिससे हर आयु वर्ग के लोगों को स्वच्छ वातावरण और सामाजिक जुड़ाव का लाभ मिल सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 मिनट पहले

यह रिपोर्ट दर्शाती है कि शहर के भीतर इस तरह के सार्वजनिक स्थान स्वास्थ्य सुधार के साथ-साथ सामुदायिक सुरक्षा और आपसी सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं। अपराध शास्त्र और लोक नीति के दृष्टिकोण से, व्यस्त हरित क्षेत्रों में नागरिकों की निरंतर और सकारात्मक उपस्थिति से स्वतः ही अनधिकृत गतिविधियों पर अंकुश लगता है। जब 6 से 80 वर्ष के लोग सुबह और शाम के वक्त बड़ी संख्या में पार्कों का उपयोग करते हैं, तो यह क्षेत्र एक स्वाभाविक सामाजिक निगरानी केंद्र में बदल जाता है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा मजबूत होती है और तनाव कम होने से आपराधिक प्रवृत्तियों में भी कमी आती है।

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