हिंदी सिनेमा का इतिहास 100 से अधिक वर्षों का रहा है और इस सुदीर्घ यात्रा में भारतीय फिल्म उद्योग ने दर्शकों को अनगिनत सदाबहार और भावुक रोमांटिक गीत दिए हैं। इन नगमों की धुनें दशकों बीत जाने के बाद भी लोगों के दिलों में तरोताजा महसूस होती हैं। इसी कड़ी में साल 1990 में आई फिल्म 'दूध का कर्ज' का एक बेहद हसीन और यादगार गीत 'तुम्हें दिल से कैसे जुदा हम करेंगे' आज भी संगीत प्रेमियों के बीच खास जगह बनाए हुए है। रिलीज के 36 साल बीत जाने के बावजूद इस गाने का आकर्षण और इसकी मिठास जरा भी कम नहीं हुई है। जब भी यह धुन बजती है, लोग 90 के दशक के उस जादुई दौर की यादों में खो जाते हैं।
मोहम्मद अजीज और अनुराधा पौडवाल की मखमली आवाज का जादू
गीत 'तुम्हें दिल से कैसे जुदा हम करेंगे' केवल एक साधारण फिल्मी नगमा नहीं है, बल्कि यह 1990 के दशक में बने शुद्ध और सच्चे प्रेम गीतों का एक उत्कृष्ट प्रतीक है। इस यादगार गाने की रचना प्रसिद्ध गीतकार आनंद बक्शी ने की थी। उनके लिखे एक-एक बोल सीधे सुनने वालों के हृदय को छू लेते हैं। वहीं संगीत निर्देशक अनु मलिक ने अपनी विशिष्ट धुनों से इसमें अद्वितीय ताजगी और मिठास घोल दी थी। इस नगमे को अपनी सुरीली आवाज से सजाने का काम दिग्गज गायक मोहम्मद अजीज और पार्श्व गायिका अनुराधा पौडवाल ने किया। दोनों गायकों की भावुक और मखमली गायकी ने गाने में ऐसा जादुई माहौल पैदा किया जिसे आने वाले वर्षों में कोई भी दूसरा कलाकार दोहरा नहीं सका है। यही वजह है कि 36 साल बाद भी यह गीत लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
जंगल के बैकड्रॉप में जैकी श्रॉफ और नीलम कोठारी की केमिस्ट्री
इस गाने के फिल्मांकन और वीडियो प्रस्तुति ने भी इसे ऐतिहासिक बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। गाने के दृश्य में अभिनेता जैकी श्रॉफ और अभिनेत्री नीलम कोठारी घने जंगल के प्राकृतिक माहौल में रोमांस करते हुए दिखाई देते हैं। पर्दे पर जैकी श्रॉफ और नीलम कोठारी के बीच दिखाई गई केमिस्ट्री ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। हालांकि फिल्म 'दूध का कर्ज' जब सिनेमाघरों में आई तो यह बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा व्यावसायिक धमाका नहीं कर सकी, लेकिन मोहम्मद अजीज और अनुराधा पौडवाल का यह सुरीला गीत रातों-रात हर संगीत प्रेमी की जुबान पर चढ़ गया और इसने लोगों के दिलों में हमेशा के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया।
'दूध का कर्ज' की कहानी और नाग-शक्ति का अनोखा थ्रिलर
फिल्म 'दूध का कर्ज' एक उच्च-स्तरीय रिवेंज थ्रिलर ड्रामा थी, जिसकी पटकथा बदला लेने की भावना पर आधारित थी। कहानी का मुख्य केंद्र सूरज (जैकी श्रॉफ) नामक किरदार है। सूरज का पालन-पोषण उसकी मां (अरुणा ईरानी) और एक बेहद वफादार नाग (सांप) ने मिलकर किया था। सूरज के पिता (अमरीश पुरी) की गांव के कुछ ताकतवर जमींदारों और दबंग बाहुबलियों द्वारा बेदर्दी से हत्या कर दी जाती है। जब सूरज बड़ा होता है, तो वह अपनी मां के अपमान का हिसाब चुकता करने और अपने निर्दोष पिता की जघन्य हत्या का बदला लेने के लिए मैदान में उतरता है। इस तरह फिल्म में धार्मिक आस्था, नाग-शक्ति और पारिवारिक प्रतिशोध का एक अनूठा संगम देखने को मिला था।
कलाकारों का अभिनय और विलेन ब्रिगेड का खौफनाक अंदाज
अभिनय के मोर्चे पर जैकी श्रॉफ ने सूरज की अपनी भूमिका में कड़क, आक्रामक और प्रभावी अभिनय से नई जान फूंक दी थी। दूसरी ओर, अभिनेत्री नीलम कोठारी की मासूमियत, सादगी और खूबसूरती ने फिल्म के गंभीर माहौल में एक बेहद सुखद रोमांटिक संतुलन कायम किया। मां के भावनात्मक किरदार में अरुणा ईरानी ने अपने मार्मिक अभिनय से दर्शकों की आंखें नम कर दी थीं। इसके अलावा, फिल्म में खलनायक की भूमिकाओं में अमरीश पुरी, सदाशिव अमरापुरकर, गुलशन ग्रोवर और प्रेम चोपड़ा जैसे दिग्गज सितारों की दमदार मौजूदगी ने कहानी के सस्पेंस और थ्रिल को चरम सीमा पर पहुंचा दिया था। इस चर्चित फिल्म का कुशल निर्देशन निर्देशक अशोक गायकवाड़ ने किया था।
बजट, बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन और म्यूजिक कैसेट की धमाकेदार बिक्री
जैकी श्रॉफ और नीलम कोठारी अभिनीत फिल्म 'दूध का कर्ज' 30 अगस्त 1990 को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस दौर में इस फिल्म का निर्माण लगभग 1.50 से 2 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट में किया गया था। सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद कमाई के मामले में यह फिल्म कोई बहुत बड़ा वित्तीय कीर्तिमान नहीं स्थापित कर पाई और बॉक्स ऑफिस पर इसे औसतन (एवरेज) प्रदर्शन करने वाली फिल्म घोषित किया गया। हालांकि, फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, लेकिन इसके म्यूजिक एलबम ने रिकॉर्डतोड़ सफलता हासिल की। अनु मलिक के संगीत से सजे इस फिल्म के गानों की ऑडियो कैसेट उस जमाने में दुकानों से रातों-रात बिक गई थीं और लोग इस गाने को बार-बार सुनना पसंद करते थे।



















