मुंबई में एंटी-करप्शन ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी बीएमसी के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अरेस्ट किए गए आरोपियों की पहचान 43 वर्षीय जूनियर इंजीनियर नीरव कुमार चुनीलाल जैसुर और 46 वर्षीय नागरिक कर्मचारी विजय रमेश पाटिल के रूप में हुई है। ये दोनों मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित बीएमसी के के/वेस्ट वार्ड कार्यालय में तैनात थे। अधिकारियों ने यह कार्रवाई 50 वर्षीय एक बेकरी मालिक की शिकायत पर की, जिससे बेकरी को बिना किसी प्रशासनिक बाधा के चलाने देने के बदले 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
रिश्वत की मांग और मोलभाव की पूरी कहानी
मामले के विवरण के अनुसार, 50 साल के शिकायतकर्ता अंधेरी क्षेत्र में बेकरी का संचालन करते हैं। बीएमसी कर्मचारी विजय रमेश पाटिल ने कथित तौर पर बेकरी मालिक से संपर्क किया था। पाटिल ने खुद के लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारी जूनियर इंजीनियर नीरव कुमार चुनीलाल जैसुर के लिए बेकरी मालिक से 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पाटिल ने आश्वासन दिया था कि रिश्वत देने के बाद बीएमसी बेकरी के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं करेगी और व्यापार सुचारू रूप से चलता रहेगा। हालांकि, बेकरी मालिक ने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाते हुए बुधवार को एंटी-करप्शन ब्यूरो की मुंबई इकाई में लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
एसीबी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले का सत्यापन शुरू किया। पड़ताल के दौरान पाटिल ने 70 हजार रुपये की मांग दोहराई और बेकरी मालिक को जूनियर इंजीनियर नीरव कुमार चुनीलाल जैसुर से मिलाया। शिकायतकर्ता के साथ हुई बातचीत में जैसुर रिश्वत की राशि कम करने पर सहमत हो गया और सौदा 60 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद एसीबी की टीम ने अंधेरी पश्चिम स्थित के/वेस्ट वार्ड दफ्तर में जाल बिछाया। जैसे ही पाटिल ने बेकरी मालिक से 60 हजार रुपये की नकद राशि ली, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। इसके तुरंत बाद साजिश में शामिल जूनियर इंजीनियर जैसुर को भी हिरासत में ले लिया गया।
लाखों की बेहिसाब नकदी और मोबाइल फोन जब्त
रंगे हाथों पकड़ने के बाद जब एसीबी अधिकारियों ने तलाशी ली, तो आरोपी पाटिल के पास से बड़ी मात्रा में बेहिसाब कैश बरामद हुआ। पाटिल की तलाशी के दौरान उसकी जेब से 40,820 रुपये नकद मिले, जबकि उसके बैग की जांच करने पर 2,37,600 रुपये अतिरिक्त बरामद हुए। इस प्रकार पाटिल के पास से कुल 2.78 लाख रुपये से अधिक (कुल 2,78,420 रुपये) की बेहिसाब नकदी जब्त की गई। इसके अलावा एसीबी ने साक्ष्य के तौर पर 3 मोबाइल फोन सीज किए हैं, जिनमें 2 फोन जूनियर इंजीनियर नीरव कुमार चुनीलाल जैसुर के और 1 फोन विजय रमेश पाटिल का है। अधिकारियों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।


















