राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव 2026 की जंग अब अपने सबसे निर्णायक और सनसनीखेज मोड़ पर पहुँच चुकी है। राज्य भर की नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकायों में चुनावी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। गुरुवार दोपहर 3 बजे नामांकन वापस लेने की अंतिम समय-सीमा समाप्त होते ही चुनावी समर में उतरने वाले अंतिम उम्मीदवारों की धुंधली तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां 3 बजे के निशान की ओर बढ़ रही हैं, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के रणनीतिकार बगावत का झंडा बुलंद करने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों तथा असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। कई वार्डों में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशियों के सामने खड़े बागी उम्मीदवार पूरे गणित को बिगाड़ने का माद्दा रखते हैं। इस बीच, राज्य के अलग-अलग कोनों से आ रही हिंसा, मारपीट, टिकट वितरण में चूक, एसीबी की कार्रवाई, प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की खबरें इस चुनावी सरगर्मी को और अधिक बढ़ा रही हैं।
बीकानेर में चुनावी रंजिश: कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल पर हमला, 4 गिरफ्तार
बीकानेर शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट और अभद्रता की गंभीर घटना सामने आई। यह वाकया बुधवार को वार्ड नंबर 50 में कांग्रेस पार्टी के नए चुनाव कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान घटित हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान अचानक उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया, जिसमें जिलाध्यक्ष के साथ बदसूली की गई। पीड़ित जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल की तहरीर पर जेएनवीसी थाना पुलिस ने मोहित अरोड़ा तथा उनके सहयोगियों के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया। पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान सनी वाल्मीकि, सोनू खोखर, अरुण वाल्मीकि तथा मोहम्मद आजाद के रूप में हुई है। स्थानीय पुलिस अधिकारी वर्तमान में इस पूरी झड़प के कारणों और लगाए गए आरोपों की गहनता से तहकीकात कर रहे हैं। निकाय चुनावों के एन वक्त पर पार्टी के जिला प्रमुख के साथ हुई इस हिंसक घटना से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
धौलपुर नगर परिषद में नामांकन वापसी की मियाद: बागी प्रत्याशियों को मनाने की जंग
धौलपुर नगर परिषद चुनाव 2026 के रणक्षेत्र में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के पास दोपहर 3 बजे तक अपना नामांकन पत्र वापस लेने का अंतिम अवसर है। इसके उपरांत ही चुनावी चौसर पर डटे रहने वाले अंतिम चेहरों का चित्र पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा। नामांकन वापस लेने की समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों ने अपने-अपने बागी तथा असंतुष्ट नेताओं को साधने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जहां एक ओर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी बागी उम्मीदवारों से होने वाले वोटों के बिखराव को रोकने के लिए लगातार संवाद कर रही है। दोनों दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से असंतुष्ट दावेदारां के संपर्क में हैं ताकि उन्हें चुनाव मैदान से हटने के लिए राजी किया जा सके। इस बीच, धौलपुर के पूर्व सभापतियों ने भी चुनावी समर में निर्दलीय या बागी रूप में उतरकर मुकाबले को और अधिक रोचक बना दिया है। अपराह्न 3 बजे के बाद ही यह तय हो सकेगा कि धौलपुर नगर परिषद की सत्ता पाने के लिए किस दल को कितनी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
टोंक में कांग्रेस को करारा झटका: पूर्व पार्षद अशरफ गुज ने बगावत कर ठोकी ताल
टोंक नगर परिषद चुनाव के दौरान कांग्रेस संगठन के भीतर अंदरूनी कलह सतह पर आ गई है। वार्ड संख्या 17 से कांग्रेस के पूर्व पार्षद अशरफ गुज ने पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने से नाराज होकर खुलेआम मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दल से बगावत करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी रण में उतरने की घोषणा कर दी है। देर रात अपने वार्ड में चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए अशरफ गुज ने पार्टी की टिकट आवंटन प्रक्रिया पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से स्थानीय निवासियों और युवा कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने का वादा किया था, परंतु टिकट बांटते समय धरातल पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी पैराशूट प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को संगठन ने आगे बढ़ाया, वही आज पार्टी की जड़ों को कमजोर करने में लगे हैं। अशरफ गुज के इस बागी रुख के कारण वार्ड 17 में कांग्रेस की चुनावी राह बेहद कठिन नजर आ रही है।
देशनोक के पूर्व पालिकाध्यक्ष ओम प्रकाश मूंदड़ा पर एसीबी की गाज: सरकारी जमीन के पट्टे हड़पने का आरोप
बीकानेर जिले के देशनोक नगर पालिका से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने देशनोक नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश मूंदड़ा के खिलाफ पद के दुरुपयोग का आपराधिक मामला दर्ज किया है। मूंदड़ा पर आरोप है कि उन्होंने पालिकाध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया और लगभग 381.55 वर्गमीटर की बेशकीमती सरकारी भूमि के तीन अलग-अलग पट्टे खुद के नाम जारी करवा लिए। एसीबी के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, ये तीनों पट्टे 31 दिसंबर 2021 को तैयार और स्वीकृत किए गए थे। ब्यूरो ने मामले का संज्ञान लेते हुए औपचारिक जांच शुरू कर दी है, जिसकी कमान पुलिस उपअधीक्षक (डीएसपी) इंद्रकुमार को सौंपी गई है। एसीबी की जांच टीम अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि पट्टा जारी करने की समूची प्रक्रिया में किन-किन भू-राजस्व व निकाय नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं और सार्वजनिक संपत्ति को व्यक्तिगत नाम पर स्थानांतरित करने के लिए पद का किस प्रकार दुरुपयोग हुआ। इस कानूनी कार्रवाई से निकाय गलियारों में हड़कंप व्याप्त है।
जयपुर नगर निगम: 1378 में से 1007 नामांकन वैध, पहले दिन 23 निर्दलीयों ने खींचे हाथ
जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। निगम चुनाव हेतु कुल 1378 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे भरे थे। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की गई बारीक जांच-पड़ताल के बाद 1007 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र नियम अनुसार वैध पाए गए। बुधवार को नामांकन वापसी के प्रथम चरण में 23 निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने पर्चे वापस लेकर चुनावी दौड़ से हटने का फैसला किया। गुरुवार दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापस लेने का आखिरी मौका उपलब्ध है, जिसके पश्चात चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। राजनीतिक दलों की टीमें अब भी मैदान में डटे निर्दलीयों को अपने पक्ष में बैठाने का प्रयास कर रही हैं। नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होते ही प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे, जिसके बाद जयपुर नगर निगम का चुनावी मुकाबला पूरी रंगत में आ जाएगा।
जयपुर में बड़ी चुनावी चूक: भाजपा प्रत्याशी ट्रैफिक में फंसी तो कांग्रेस के पर्चे पर कोर्ट का अड़ंगा
जयपुर नगर निकाय चुनाव के दौरान दो प्रमुख राजनीतिक दलों को भारी रणनीतिक और तकनीकी झटके सहने पड़े हैं। वार्ड नंबर 146 में भाजपा की घोषित उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र समय पर जमा नहीं कर सकीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उम्मीदवार को पार्टी से सिंबल और टिकट मिलने की सूचना काफी विलंब से प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वे नामांकन स्थल के लिए रवाना हुईं, लेकिन रास्ते में भीषण यातायात जाम में फंस जाने के कारण निर्धारित समय-सीमा तक रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं हो सकीं। समय पर पर्चा दाखिल न होने से भाजपा वार्ड 146 में बिना लड़े ही चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गई, जिसका सीधा व एकतरफा लाभ कांग्रेस की प्रत्याशी अफरोज को मिलता दिख रहा है। दूसरी ओर, वार्ड नंबर 111 में कांग्रेस पार्टी को तब बड़ा झटका लगा जब उसके अधिकृत प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन निरस्त कर दिया गया। ज्वाला प्रसाद के खिलाफ एक आपराधिक प्रकरण लंबित था, जिसमें 5 वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान था। अदालत द्वारा मामले में संज्ञान लेने तथा 29 अगस्त 2024 को आरोप तय किए जाने के आधार पर चुनाव अधिकारी ने उनका पर्चा खारिज कर दिया।
सिरोही में भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी का भारी विरोध: ब्राह्मण समाज का टिकट काटने पर पुतले जले
नगरीय निकाय चुनाव के बीच सिरोही जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर आंतरिक असंतोष गहराता जा रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष रक्षा भंडारी की कार्यशैली और टिकट वितरण नीति को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं व ब्राह्मण समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रक्षा भंडारी के पुतले फूंक कर विरोध प्रदर्शन दर्ज कराए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने टिकट बांटने में घोर अनियमितता और पक्षपात किया है। शिवगंज नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा अपने प्रत्याशी तक खड़े करने में नाकाम रही, जबकि आबूरोड क्षेत्र में ब्राह्मण समाज के स्थापित दावेदारों के टिकट अकारण काट दिए गए। विरोध कर रहे नेताओं का दावा है कि इस अन्यायपूर्ण फैसले से करीब 10,000 मतदाताओं के रुख पर विपरीत असर पड़ेगा, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है। इस भारी बवाल के बावजूद पार्टी हाईकमान की ओर से अब तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया है, जिससे भाजपा के लिए सिरोही में चुनावी राह मुश्किल दिखाई दे रही है।
धौलपुर में 7 निकायों के लिए 436 BU और 337 CU का पहला रैंडमाइजेशन संपन्न
नगरीय निकाय चुनाव 2026 को पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए धौलपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स वोटिंग मशीन (ईवीएम) का प्रथम रैंडमाइजेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस प्रक्रिया के तहत जिले की सभी 7 नगरीय निकायों धौलपुर, बाड़ी, बसेड़ी, राजाखेड़ा, सैंपऊ, सरमथुरा और मनिया के लिए कुल 436 बैलेट यूनिट (BU) तथा 337 कंट्रोल यूनिट (CU) का आवंटन किया गया। किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या आपात स्थिति से निपटने के लिए 20 प्रतिशत रिजर्व ईवीएम मशीनों की व्यवस्था भी सुरक्षित रखी गई है। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार 5 सितंबर को ईवीएम का द्वितीय रैंडमाइजेशन किया जाएगा, जिसके उपरांत मशीनों को संबंधित मतदान केंद्रों के हिसाब से अंतिम रूप से आवंटित कर दिया जाएगा।
चुनाव ड्यूटी से गायब 9 कर्मचारियों पर गिरी गाज: 17 CCA के तहत चार्जशीट, FIR की चेतावनी
जयपुर जिले में चुनावी तैयारियों के दौरान लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निकाय चुनाव की ट्रेनिंग से लगातार अनुपस्थित रहने वाले 9 कर्मचारियों को 17 सीसीए (17 CCA) के अंतर्गत चार्जशीट जारी की गई है। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, ये कर्मचारी 26 और 27 अगस्त को आयोजित प्रथम चरण के प्रशिक्षण शिविर में बिना किसी सूचना के गायब रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें सुधार का अवसर देते हुए 1 सितंबर को पुनः आयोजित विशेष प्रशिक्षण में शामिल होने का निर्देश दिया, परंतु वे दूसरी बार भी अनुपस्थित पाए गए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसे चुनाव कार्य के प्रति घोर लापरवाही माना है। यदि संबंधित कार्मिकों द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया जाता है, तो उनके खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 134(1A) के तहत विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बीच, जयपुर जिले की 18 नगर पालिकायों की पोलिंग पार्टियां 8 सितंबर को गंतव्य के लिए रवाना होंगी, जबकि जयपुर नगर निगम की मतदान टीमों को 10 सितंबर को भवानी निकेतन केंद्र से रवाना किया जाएगा।
नामांकन वापसी के बाद 4 सितंबर को बटेंगे चुनाव चिन्ह, प्रचार पकड़ेगा रफ्तार
राजस्थान भर में चल रहे नगरीय निकाय चुनाव प्रक्रिया के तहत आज गुरुवार दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित है। 3 बजे के बाद चुनावी मैदान में किस्मत आजमाने वाले सभी वैध उम्मीदवारों की अंतिम सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी। प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए आज दोपहर तक अपने-अपने बागी प्रत्याशियों को मनाकर नामांकन वापस कराना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार दलीय प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ सकते हैं। नामांकन वापस लेने का समय समाप्त होने के अगले दिन, यानी 4 सितंबर को चुनाव अधिकारियों द्वारा सभी उम्मीदवारों को उनके संबंधित चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रत्याशियों का जनसंपर्क अभियान और लाउडस्पीकर प्रचार चरम पर पहुंच जाएगा।
अलवर में भाजपा दिग्गजों का जमावड़ा: राधा मोहन दास, सतीश पूनिया और भूपेंद्र यादव की प्रेस वार्ता
नगरीय निकाय चुनाव के प्रचार अभियान को धार देने के लिए आज अलवर जिले में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गजों की बड़ी बैठक आयोजित हो रही है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल, राष्ट्रीय महामंत्री सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राज्य के वन मंत्री संजय शर्मा, निकाय चुनाव के संभाग सह प्रभारी मोतीलाल मीणा तथा पूर्व सांसद रामचरण बोहरा अपराह्न 2 बजे अलवर पहुंच रहे हैं। सभी वरिष्ठ नेता अंबेडकर नगर स्थित भाजपा के जिला कार्यालय में एकत्रित होकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। इसके पश्चात पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ रणनीतिक बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें टिकट वितरण के बाद उपजी स्थिति, बूथ प्रबंधन और चुनावी प्रचार की रणनीति पर विस्तृत मंथन होगा। भाजपा जिला प्रवक्ता दीपक पंडित ने नेताओं के इस संगठनात्मक दौरे की आधिकारिक पुष्टि की है।
धौलपुर पुलिस का अलर्ट मोड: एसपी विकास सांगवान के नेतृत्व में फ्लैग मार्च और गश्त
निकाय चुनावों के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए धौलपुर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। धौलपुर शहर के साथ-साथ चुनाव वाले सभी कस्बों में पुलिस बल द्वारा लगातार फ्लैग मार्च और पैदल गश्त की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के प्रत्यक्ष निर्देशन में संवेदनशील इलाकों, प्रमुख व्यापारिक बाजारों, मुख्य चौराहों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कड़ा पहरा बैठाया गया है। पुलिस अधिकारियों की विशेष टीमों ने अति-संवेदनशील मतदान क्षेत्रों का दौरा कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों, उपद्रवियों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है तथा किसी भी प्रकार की शांति भंग करने की कोशिश पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बीकानेर में ट्रांसजेंडर समुदाय का लोकतांत्रिक संकल्प: 100% मतदान का लिया प्रण
बीकानेर शहर में लोकतंत्र के महापर्व को लेकर एक अनूठी और प्रेरक पहल देखने को मिली। नगरीय निकाय चुनाव 2026 के अंतर्गत बड़ा बाजार क्षेत्र में स्वीप (SVEEP) कार्यक्रम के तहत 'ट्रांसजेंडर मतदाता संवाद' का आयोजन किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत जैन और स्वीप प्रभारी व जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शैलजा पांडे के दिशानिर्देशों पर आयोजित इस कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को वोट के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने समुदाय के लोगों से न केवल स्वयं 100 प्रतिशत मतदान करने का आह्वान किया, बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम में उपस्थित ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधियों ने आगामी निकाय चुनावों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
भीलवाड़ा में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के सिंबल अटके: भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल का तंज
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी में सिंबल जमा कराने को लेकर बड़ा प्रशासनिक व राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भीलवाड़ा निगम में कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के चुनाव सिंबल निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा न हो पाने के कारण उनका दलीय दर्जा संकट में पड़ गया है। इस विफलता पर भाजपा के स्थानीय सांसद दामोदर अग्रवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने जानबूझकर अपने ही 17 कार्यकर्ताओं को टिकट और सिंबल समय पर नहीं दिए और अब अपनी नाकामी का दोष दूसरों पर मढ़ने का प्रयास कर रही है। सांसद ने दावा किया कि टिकट से वंचित दो-तीन कांग्रेस कार्यकर्ता उनसे मिले थे और उन्होंने राहत की सांस लेते हुए कहा था कि सिंबल जमा न होना उनके लिए अच्छा ही रहा, अन्यथा चुनाव में उनके 4 से 5 लाख रुपये बेवजह खर्च हो जाते। इस जुबानी हमले के बाद भीलवाड़ा की राजनीति में गरमाहट आ गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का प्रहार: 'कांग्रेस में कहीं मारपीट तो कहीं टिकट की बिकवाली'
निकाय चुनाव के गरमाते माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी खींचतान पर जोरदार हमला बोला है। मदन राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस का ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है, जहां कहीं उनकी पार्टी के जिला अध्यक्ष पर सरेआम हमले हो रहे हैं तो कहीं कार्यकर्ताओं द्वारा टिकट बेचने के संगीन आरोप लगाए जा रहे हैं। भीलवाड़ा में कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल जमा न होने के प्रकरण पर राठौड़ ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संस्था है और कांग्रेस को समय रहते अपने सिंबल जारी करने चाहिए थे। अपनी पार्टी में असंतोष की संभावनाओं को खारिज करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है जहां कार्यकर्ताओं के लिए 'राष्ट्र प्रथम' का सिद्धांत सर्वोपरि है। उन्होंने स्वीकार किया कि सक्षम कार्यकर्ताओं की अधिक संख्या होने के कारण थोड़ी नाराजगी हो सकती है, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता सिद्धांतों से बंधा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का वर्चुअल संवाद: नगरीय विकास संकल्प पत्र जारी, 78% वादे पूरे
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नगरीय निकाय चुनाव 2026 के मद्देनजर प्रदेशवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल संवाद आयोजित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी का 'नगरीय विकास संकल्प पत्र' औपचारिक रूप से जारी किया। अपने संबोधन में सीएम भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा किया कि महज ढाई साल के अल्प कार्यकाल में उनकी सरकार ने पिछले संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत वादों को धरातल पर पूरा कर दिखाया है। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारियों के उत्थान के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राजस्थान निकट भविष्य में अन्य राज्यों को बिजली निर्यात करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौर में भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण का बोलबाला था। उन्होंने यमुना जल समझौते का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस जिस काम को असंभव बताती थी, उसे उनकी सरकार ने पूरा कर दिखाया है और अब राजस्थान की धरती पर यमुना का पानी आ रहा है।
झालावाड़ में पुलिस का फ्लैग मार्च: डीएसपी हर्षराज सिंह के नेतृत्व में दिया सुरक्षा का संदेश
निकाय चुनावों में शांति व्यवस्था कायम रखने के उद्देश्य से झालावाड़ शहर में पुलिस प्रशासन ने विशाल फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च झालावाड़ बस स्टैंड से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न व्यस्त मार्गों से होते हुए मल्ल मोहल्ला क्षेत्र तक पहुंचा। डीएसपी हर्षराज सिंह के कुशल नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में कोतवाली थाना, सदर थाना, झालरापाटन थाना और महिला पुलिस थाने के अधिकारियों व सशस्त्र जवानों ने हिस्सा लिया। पुलिस बल ने संवेदनशीलता वाले इलाकों और प्रमुख व्यावसायिक बाजारों में कदमताल करते हुए आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण में मतदान करने का भरोसा दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पैदा करने वाले असमाजिक तत्वों और हुड़दंगियों से सख्ती से निपटा जाएगा।



















