अपनी मां की जयंती के अवसर पर 83 वर्षीय दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एक बेहद भावुक और विचारशील संदेश साझा किया है। 12 अगस्त के इस खास दिन पर उन्होंने किसी पुरानी तस्वीर का सहारा नहीं लिया, बल्कि केवल शब्दों के माध्यम से अपनी मां तेजी बच्चन के प्रति अपना गहरा आदर प्रकट किया। अमिताभ बच्चन ने अपनी मां को प्रेरणा, हौसले और सब्र की अनुपम मिसाल बताया और कहा कि उनकी स्मृतियां हमेशा उनके जीवन का मार्गदर्शन करती रहती हैं।
बिना तस्वीर के ब्लॉग पर साझा की अपने मन की बात
बुधवार की सुबह अमिताभ बच्चन ने अपने व्यक्तिगत ब्लॉग पर अपनी मां तेजी बच्चन की जन्मजयंती के मौके पर एक विशेष टिप्पणी लिखी। प्रशंसकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि उन्होंने इस अवसर पर मां की कोई फोटो क्यों नहीं लगाई। इस पर अभिनेता ने सहज भाव से स्पष्ट किया कि जिस मां की छवि हृदय में सदा के लिए रची-बसी हो, उसे किसी डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित करने की आवश्यकता नहीं महसूस होती। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट संख्या T 5823 के जरिए लिखा कि उनकी मां एक विशाल दुनिया की भांति सदैव उनके दिल में निवास करती हैं।
साहित्य और रंगमंच में तेजी बच्चन की विशिष्ट पहचान
तेजी बच्चन का जन्म 12 अगस्त 1914 को हुआ था और वे अपने समय के साहित्यिक तथा सांस्कृतिक परिवेश में एक जाना-माना नाम थीं। वर्ष 1941 में उनका विवाह हिंदी के प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन के साथ हुआ था। हरिवंश राय बच्चन के साथ जुड़े होने के अलावा उनकी अपनी एक स्वतंत्र सांस्कृतिक पहचान भी थी। वे एक कुशल रंगमंच कलाकार थीं और उन्होंने कई प्रसिद्ध नाटकों में अभिनय किया था। महान नाटककार विलियम शेक्सपियर के विश्व प्रसिद्ध नाटक 'मैकबेथ' के हिंदी रूपांतरण में उनका अभिनय काफी सराहनीय माना गया था।
दोनों बेटों के अलग मार्ग और जीवन का अंतिम चरण
तेजी बच्चन अमिताभ बच्चन और अजिताभ बच्चन की माता थीं। उनके दोनों बेटों ने अपने करियर के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का चयन किया। अजिताभ बच्चन ने फिल्म जगत की चकाचौंध से दूरी बनाए रखी और व्यापार क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई, जबकि अमिताभ बच्चन ने अभिनय को अपना माध्यम चुना और हिंदी सिनेमा के महानायक बने। तेजी बच्चन का निधन 21 दिसंबर 2007 को मुंबई में 93 वर्ष की उम्र में हुआ। उनका यह देहावसान उनके पोते अभिषेक बच्चन और बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन की शादी के महज कुछ ही महीनों बाद हुआ था।
जीवन भर रहा मां के संस्कारों और हिम्मत का प्रभाव
अमिताभ बच्चन अक्सर अपने भाषणों और लेखों में अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां से मिले आत्मबल और धैर्य को देते रहे हैं। हर वर्ष 12 अगस्त को वे अपनी मां के योगदान को याद करते हैं। इस बार भी बिना किसी दिखावे या तस्वीर के लिखा गया उनका यह संदेश उनके प्रशंसकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है, क्योंकि यह सादगी के साथ एक पुत्र का अपनी मां के प्रति अटूट प्रेम और सम्मान व्यक्त करता है।



















