बॉलीवुड संगीत के इतिहास में कई ऐसे नगमों की रचना हुई है जो दशकों बाद भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं। साल 1973 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म यादों की बारात का सुपरहीट गाना चुरा लिया है तुमने जो दिल को आज भी युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है। इस सदाबहार गाने की सबसे बड़ी खासियत इसकी शुरुआती धुन है, जिसे बनाने के लिए संगीतकार ने किसी परंपरागत वाद्य यंत्र के बजाय कांच के एक गिलास और चम्मच का अनोखा प्रयोग किया था।
आरडी बर्मन की अनूठी रचना और संगीत की प्रयोगधर्मिता
इस ऐतिहासिक गाने के संगीत संयोजन की जिम्मेदारी महान संगीत निर्देशक आरडी बर्मन (पंचम दा) के कंधों पर थी। अपने लीक से हटकर संगीत प्रयोगों के लिए जाने जाने वाले आरडी बर्मन इस गाने की शुरुआत में कुछ बिल्कुल नया और कर्णप्रिय जोड़ना चाहते थे। इसी सोच के तहत उन्होंने रिकॉर्डिंग स्टूडियो में कांच के गिलास पर चम्मच खड़काकर एक खास रिदम और खनक पैदा की, जिसने गिटार के नोट्स के साथ मिलकर एक कालजयी धुन का रूप ले लिया।
मजरूह सुल्तानपुरी के बोल और दिग्गज गायकों का जादू
इस नगमे के खूबसूरत और रूमानी बोल महान गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। गाने में आवाज का जादू बिखेरने के लिए उस दौर के दो सबसे दिग्गज पार्श्व गायकों को चुना गया था। आशा भोसले की चुलबुली और ताजगी से भरी आवाज के साथ मोहम्मद रफी की जादुई व रोमांटिक गायकी ने मिलकर इस गाने को अमर बना दिया। दोनों गायकों की जुगलबंदी ने गीत के हर एक शब्द में नया अहसास भर दिया।
जीनत अमान और विजय अरोड़ा की केमिस्ट्री
परदे पर यह गाना ग्लैमरस अभिनेत्री जीनत अमान और अभिनेता विजय अरोड़ा पर फिल्माया गया था। सफेद लिबास में जीनत अमान का गिटार हाथ में लेकर गाना और विजय अरोड़ा की रोमांटिक प्रतिक्रिया ने दर्शकों को बांधकर रख दिया था। 1973 से लेकर आज तक, पांच दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह गाना शादी-ब्याह, पार्टियों और संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा बना हुआ है।


















