मशहूर संगीतकार बप्पी लहरी अपनी अनूठी धुनों और नए प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। भारतीय सिनेमा में संगीत की एक अलग शैली स्थापित करने वाले बप्पी दा ने 1984 की प्रसिद्ध फिल्म 'तोहफा' का गाना 'तोहफा तोहफा लाया लाया' तैयार करते समय एक बेहद दिलचस्प प्रयोग किया था। इस गाने की लय और मुख्य बोलों को बार-बार दोहराने का आइडिया उन्हें अपनी ही पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'डिस्को डांसर' के ऑल-टाइम हिट ट्रैक 'जिमी जिमी आजा आजा' से मिला था।
'डिस्को डांसर' के पैटर्न से 'तोहफा' तक की यात्रा
संगीत की दुनिया में जब बप्पी लहरी ने 'जिमी जिमी आजा आजा' में एक ही शब्द को बार-बार दोहराने वाला नया साउंड तैयार किया, तो यह श्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 1984 में आई फिल्म 'तोहफा' के टाइटल ट्रैक में भी इसी तरह का रिपीट रिदम पैटर्न अपनाया। गीतकार इंदीवर ने इस धुन के मिजाज को समझते हुए 'तोहफा तोहफा लाया लाया' जैसे कैची बोल लिखे।
इस मेलोडियस गाने को महान गायक किशोर कुमार और सुरों की मलिका आशा भोंसले ने अपनी सुरीली आवाज में पिरोया। दोनों गायकों की जुगलबंदी ने इस ट्रैक को रिलीज होते ही उस दौर का सबसे बड़ा चार्टबस्टर बना दिया।
जितेंद्र, श्रीदेवी और जया प्रदा की तिकड़ी का जादू
यह गाना सिर्फ अपनी धुन के लिए ही नहीं, बल्कि अपने शानदार विजुअल्स और स्टारकास्ट के लिए भी याद किया जाता है। परदे पर इस गाने को दिग्गज अभिनेता जितेंद्र, श्रीदेवी और जया प्रदा पर फिल्माया गया था। गाने का डांस और तीनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
वर्ष 1984 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'तोहफा' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए। इस फिल्म की अपार सफलता ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जितेंद्र के साथ-साथ श्रीदेवी और जया प्रदा की स्टार वैल्यू और कद को बेहद मजबूत कर दिया।
बप्पी दा का संगीतमय सफर और सदाबहार विरासत
बप्पी लहरी ने बॉलीवुड में डिस्को और पॉप म्यूजिक की नई लहर पैदा की थी। उनके संगीत में पश्चिमी बीट्स और भारतीय धुनों का ऐसा तालमेल होता था जो हर उम्र के लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता था। 'तोहफा' और 'डिस्को डांसर' जैसे गानों में किए गए उनके प्रयोग आज भी संगीत प्रेमियों और नए संगीतकारों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।


















