भारतीय हिंदी सिनेमा के संगीत इतिहास में 1971 की फिल्म शर्मीली का नाम एक खास मुकाम रखता है। इस फिल्म का सुप्रसिद्ध रोमांटिक गाना खिलते हैं गुल यहां आज भी प्रशंसकों के दिलों में तरोताजा है। महान संगीतकार सचिन देव बर्मन (एसडी बर्मन) के मार्गदर्शन में तैयार इस गीत को बेहद खूबसूरती से दो अलग अलग आवाजों में ढाला गया था। गीतकार नीरज के लिखे भावुक बोलों को एक तरफ जहां किशोर कुमार ने अपनी मखमली आवाज दी, वहीं दूसरी तरफ लता मंगेशकर ने भी इसे अपनी सुरीली गायकी से अमर बना दिया।
एक ही गीत के दो यादगार रूप
फिल्म शर्मीली के इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसका दो रूप में सामने आना था। पर्दे पर अभिनेता शशि कपूर और अभिनेत्री राखी की जोड़ी पर फिल्माया गया यह गाना कहानी के अलग अलग मोड़ों और जज्बातों को बयां करता है। पुरुष संस्करण में जहां किशोर कुमार की आवाज ने प्यार के अहसास को गहराई दी, वहीं महिला संस्करण में लता मंगेशकर की प्रस्तुति ने इसमें एक अलग तरह का आकर्षण भर दिया।
एसडी बर्मन का संगीत और नीरज की कलम का जादू
संगीत निर्देशक सचिन देव बर्मन ने इस रचना में जिस तरह की सादगी और सुरीलापन पिरोया, उसने 1971 से लेकर आज तक संगीत प्रेमियों को बांधकर रखा है। कवि और गीतकार नीरज की काव्य शैली ने गाने के हर शब्द में जीवन भर दिया। शशि कपूर और राखी की ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री ने इस गीत को दृश्य रूप से भी उतना ही आकर्षक बनाया जितना यह सुनने में मधुर है।


















