लकी अली का नाम सुनते ही 'सुनो' के वे सुरीले गाने ज़हन में गूंज उठते हैं जिन्होंने 90 के दशक में पूरे देश को दीवाना किया था. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मशहूर गायक ने शोहरत मिलने से पहले कालीन साफ करने और समुद्र में तेल रिफाइनरी पर मजदूरी जैसे कड़े काम किए. लकी अली, जिनका असली नाम मकसूद महमूद अली है, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता, कॉमेडियन और डायरेक्टर महमूद के बड़े बेटे हैं.
फिल्मी परिवार का बेटा, पर चुनी अपनी राह
जिस घर में सिनेमा की दुनिया बिल्कुल करीब हो, वहां पले-बढ़े होने के बावजूद लकी अली ने अपने दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया. उन्होंने एक्टिंग में हाथ आजमाया और 'सुर' तथा 'जॉगर्स पार्क' फिल्मों में काम भी किया. लेकिन परदे पर वो जादू नहीं जमा और उन्होंने एक्टिंग हमेशा के लिए छोड़ दी. उनका असली हुनर कैमरे के सामने नहीं, बल्कि माइक्रोफोन के सामने था और यही पहचान उनकी ज़िंदगी की असली धुरी बनी.
कालीन साफ किया, समुद्र में रिफाइनरी पर काम किया
शोहरत से पहले के वे दिन बेहद संघर्षपूर्ण थे. लकी अली ने कालीन साफ करने का काम किया और समुद्र में तेल रिफाइनरी पर भी नौकरी की. फिल्मी पृष्ठभूमि होने के बावजूद उन्होंने इन कामों से मुंह नहीं मोड़ा और अपनी राह खुद तलाशते रहे.
'सुनो' ने रातोंरात बदल दी पहचान
साल 1996 में लकी अली ने अपना पहला एल्बम 'सुनो' लॉन्च किया और भारतीय पॉप म्युजिक की दुनिया पलट गई. उस दौर में जब बॉलीवुड का संगीत हर तरफ छाया हुआ था, 'सुनो' ने इंडी पॉप को एक नई जगह और नई पहचान दिलाई. यह एल्बम घर-घर पहुंचा और लकी अली भारत के सबसे बड़े गैर-फिल्मी संगीत सितारों में से एक बन गए. 1990 के दशक के मध्य से लेकर 2000 के दशक की शुरुआत तक उनकी लोकप्रियता चरम पर रही. उनकी आवाज और उनके अंदाज ने करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बनाया. इंडी पॉप के जरिए उन्होंने एक ऐसा फैन बेस खड़ा किया जो आज भी उतना ही वफादार है.
तीन शादियां, पांच बच्चे और अकेला जीवन
लकी अली की निजी ज़िंदगी भी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही. उनकी पहली पत्नी न्यूजीलैंड में जन्मी मेघन जेन मैकक्लेरी थीं, जिनसे अलग होने से पहले दो बच्चे हुए. इसके बाद उन्होंने अनाहिता से शादी की, जिनसे दो और बच्चे पैदा हुए, लेकिन यह रिश्ता भी टूट गया. तीसरी शादी पूर्व ब्रिटिश ब्यूटी क्वीन केट एलिजाबेथ हैलम से हुई, जिनसे एक बेटा हुआ. इस तरह लकी अली कुल पांच बच्चों के पिता बन गए. अब वे अकेले रहते हैं और बच्चे कभी-कभी उनके साथ वक्त बिताते हैं.
खेती, घोड़े और अब भी स्टेज पर
बीते कुछ सालों में लकी अली ने खेती और घोड़े पालने जैसे शौक अपनाए हैं. लेकिन संगीत से उनका रिश्ता आज भी उतना ही गहरा है. वे स्टेज पर परफॉर्म करते रहते हैं और 'सुनो' के करीब तीन दशक बाद भी उनके चाहने वाले बड़ी संख्या में मौजूद हैं.













