प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े दो बड़े फैसलों को मंजूरी प्रदान की गई है। सरकार ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (NH-15) पर बैहाटा चारियाली से तेजपुर के बीच 135.871 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इसके साथ ही देश में बायोगैस उत्पादन को नई रफ्तार देने के लिए 23,731 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय एकीकृत योजना 'गोबरधन' (GOBARdhan) को भी स्वीकृति दे दी गई है। यह फैसला पूर्वोत्तर भारत में सड़क संपर्क व्यवस्था सुधारने और देश को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर का विस्तार और लागत
असम में तैयार होने वाला यह 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड राजमार्ग गुवाहाटी के पास स्थित बैहाटा चारियाली से शुरू होकर तेजपुर तक जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग (मूल) योजना यानी NH(O) के तहत कुल 8970.20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा। सड़क निर्माण का कार्य 'बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOT) टोल मॉडल पर पूरा किया जाएगा। इस कॉरिडोर के चालू होने से वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी और गुवाहाटी से तेजपुर के बीच लगने वाला यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा। इसके अलावा बेहतर सड़क संरचना से ईंधन की बचत होगी और वाहनों के रखरखाव व परिचालन लागत में भी बड़ी कमी आएगी।
वायु सेना के लिए 4.9 किमी लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी
इस राजमार्ग परियोजना की एक प्रमुख विशेषता तेजपुर बाईपास पर बनने वाली 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है। इस लैंडिंग स्ट्रिप को भारतीय वायु सेना (IAF) के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया गया है, जो सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है। आपातकालीन स्थिति में इसका इस्तेमाल सैन्य और राहत विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा यह नया कॉरिडोर ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर वाहनों के अत्यधिक ट्रैफिक दबाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
बाईपास, पुल और वन्यजीव सुरक्षा के विशेष इंतजाम
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जाम की समस्या से निपटने के लिए परियोजना के तहत कुल 58.7 किलोमीटर की लंबाई वाले 5 प्रमुख बाईपास बनाए जाएंगे। ये बाईपास बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर जैसे कस्बों को कवर करेंगे। मार्ग पर निर्बाध यातायात बनाए रखने के लिए 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, 46 अंडरपास और 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। वन्यजीव संरक्षण का ध्यान रखते हुए तेजपुर बाईपास क्षेत्र में 1 विशेष हाथी अंडरपास भी बनाया जाएगा, ताकि हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
23,731 करोड़ रुपये से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली 'गोबरधन' योजना
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि देश में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के लिए 'गोबरधन' योजना को मंजूरी दी गई है। 23,731 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान वाली इस योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक यानी 10 वर्षों की अवधि के दौरान लागू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कम्प्रेस्ड बायोगैस को भारत के भविष्य के ऊर्जा ढांचे का एक मजबूत और प्रमुख स्तंभ बनाना है।
ग्रामीण आय वृद्धि और कचरा प्रबंधन का नया खाका
सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार 'गोबरधन' योजना के माध्यम से कृषि अपशिष्ट, पशुओं के गोबर, गन्ने की खोई, शहरी जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग किया जाएगा। इन अपशिष्ट पदार्थों को स्वच्छ ईंधन और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ेगी और राष्ट्रीय आर्थिक मूल्य का सृजन होगा। इस क्षेत्र को निजी और सार्वजनिक निवेश के लिए आकर्षक बनाने के उद्देश्य से सरकार निश्चित मांग, स्थिर मूल्य निर्धारण, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना विकास, क्रेडिट सपोर्ट और आधुनिक प्रौद्योगिकी विकास जैसे प्रोत्साहन प्रदान करेगी।


















