कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की केंद्रीय कोर समिति की अहम बैठक गुरुवार को संपन्न हो गई। बैठक के तुरंत बाद आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बड़े राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम का ऐलान किया। दीपके ने जानकारी दी कि सितंबर माह से 'क्या बोलती पब्लिक' नामक एक विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस मुहिम के तहत देश के कोने-कोने में जाकर सीधे आम जनता से संवाद स्थापित किया जाएगा और उनके बुनियादी प्रश्नों व समस्याओं को समझा जाएगा। इस देशव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य यह आकलन करना है कि आम नागरिक देश की वर्तमान परिस्थितियों के विषय में क्या विचार रखते हैं और उन्हें दैनिक जीवन में किन प्रमुख कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
युवा शक्ति और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे पर वक्तव्य
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हालिया इस्तीफे के संदर्भ में पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने इस घटनाक्रम को देश के युवाओं और जेन जी की एक बड़ी ऐतिहासिक सफलता करार दिया। दीपके ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार में इस्तीफों की परंपरा देखने को नहीं मिली थी, लेकिन इस बार संगठित युवा शक्ति ने सरकार को निर्णय बदलने पर विवश कर दिया। उनके अनुसार, इस पूरे आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि आम नागरिकों के मन से भय का पूरी तरह समाप्त होना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि "इस आंदोलन की सबसे बड़ी अचीवमेंट लोगों के मन से डर का खत्म होना है।" निर्भय होकर लोग अब अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जनता ने एक मंत्री का त्यागपत्र हासिल किया है और आने वाले समय में अन्य पदों पर बैठे लोगों से भी जवाबदेही मांगी जाएगी।
संवैधानिक मूल्यों और महापुरुषों का मार्गदर्शन
राजनीतिक दिशा और कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए सीजेपी संस्थापक ने पार्टी के वैचारिक आधार को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी विकसित भारत के निर्माण के लिए भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी अपनी नीतियों को बाबासाहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा दिखाए गए मार्ग और लोकतांत्रिक दृष्टि के अनुरूप आगे बढ़ाएगी। दीपके ने दोहराया कि भारतीय संविधान की आत्मा ही पार्टी की सर्वोच्च गाइडलाइन और विचारधारा है।
बेरोजगारी और शिक्षा सुधार को राष्ट्रीय मंच पर लाने की योजना
राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए अभिजीत दीपके ने जनसांख्यिकी आंकड़ों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि जंतर मंतर पर आयोजित आंदोलन में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में देश के बेरोजगार युवा भी शामिल हुए थे। भारत की कुल जनसंख्या का 60 प्रतिशत हिस्सा 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं का है, और यही युवा वर्ग जंतर मंतर की सड़कों पर अपनी आवाज बुलंद कर रहा था। उन्होंने घोषणा की कि सीजेपी बेरोजगारी के संकट को एक प्रमुख राष्ट्रव्यापी मुद्दे के रूप में स्थापित करेगी। इसके साथ ही वर्तमान शैक्षणिक ढांचे में व्यापक सुधार की मांग की जाएगी। दीपके ने चिंता व्यक्त की कि देश में शिक्षा का स्तर लगातार व्यावसायिक और मुनाफा केंद्रित कारोबार बनता जा रहा है, जिसे बदलना उनकी पार्टी का मुख्य लक्ष्य है।


















