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मानसून में आज भी फैंस को दीवाना बनाता है कुदरत का ये गीत, वजह जानकर चौंक जाएंगेबॉलीवुड
5 सित॰ 2026, 12:22 pm (8 दिन पहले)· 2

मानसून में आज भी फैंस को दीवाना बनाता है कुदरत का ये गीत, वजह जानकर चौंक जाएंगे

मानसून के मौसम में आज भी फिल्म कुदरत का गीत तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया गूंजता है, जिसे लता मंगेशकर की आवाज़ और उनके बहनोई आरडी बर्मन के संगीत ने अमर बना दिया था.

बारिश की बूंदें जब खिड़कियों से टकराती हैं, तो पुराने दौर के कुछ गीत अपने आप जेहन में उतर आते हैं. इन्हीं में एक नाम है फिल्म कुदरत के गीत तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया का, जिसे परदे पर राजेश खन्ना और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था. चार दशक से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी यह गीत मानसून के मौसम में उतनी ही शिद्दत से सुना जाता है, जितना अपनी रिलीज के दिनों में सुना जाता था. चाय की चुस्कियों और बारिश की फुहारों के बीच यह गीत आज भी किसी न किसी की प्लेलिस्ट में जगह बना ही लेता है.

संगीत की तिकड़ी ने रचा जादू

यह गीत साल 1981 में सिनेमाघरों में पहुंची फिल्म कुदरत का हिस्सा है. इसे अपनी आवाज दी दिग्गज पार्श्वगायिका लता मंगेशकर ने, जबकि संगीत तैयार करने की जिम्मेदारी संभाली संगीतकार आरडी बर्मन ने, जो रिश्ते में लता मंगेशकर के बहनोई लगते थे. गीत के बोल मशहूर शायर मजरूह सुल्तानपुरी की कलम से निकले थे. आवाज, संगीत और शब्दों की इस तिकड़ी ने मिलकर ऐसा नगमा गढ़ दिया, जो आज इतने बरस बाद भी उतना ही ताजा महसूस होता है. यही वजह है कि इस गीत को सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं, बल्कि उस दौर की एक सांगीतिक विरासत माना जाता है.

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पुनर्जन्म के सस्पेंस में लिपटी प्रेम कहानी

कुदरत की कहानी पुनर्जन्म के विषय पर बुनी गई थी. फिल्म में दिखाया गया कि एक महिला को पिछले जन्म में उसके साथ रेप कर हत्या कर दी जाती है. वही महिला अगले जन्म में लौटती है और उन्हीं गुनहगारों से हिसाब बराबर करने निकल पड़ती है. दो जन्मों के बीच फैली इस बदले की कहानी में राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की जोड़ी ने जो रोमांस परदे पर उतारा, उसने दर्शकों को खासा लुभाया और फिल्म के गंभीर विषय के बीच एक हल्का, खूबसूरत पल जोड़ दिया. हालांकि रिलीज के वक्त फिल्म को लेकर सिनेमाघरों में दर्शकों की राय बंटी हुई नजर आई थी, किसी दर्शक ने कहानी के अनोखे ट्रीटमेंट को सराहा तो किसी ने इसे ठंडा रिस्पॉन्स दिया. बावजूद इसके, फिल्म का यह रोमांटिक गीत अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा और वक्त के साथ फिल्म से भी ज्यादा मशहूर हो गया.

बोल ऐसे कि आज भी छू जाएं दिल

गीत के मुखड़े में लिखा गया है

तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया, पिया पिया बोले मतवाला जिया

आगे की पंक्तियों में प्रेमिका अपने साजन से पूछती है कि दिल में मचलती धड़कनों का यह शोर आखिर किसने पैदा किया और बाहों में समा जाने का यह जादू कैसे हुआ. इन चंद पंक्तियों में लिपटा प्यार और सिहरन इतनी असरदार है कि आज, 80 के दशक में बना यह गीत, हर प्रेमिका और हर पत्नी की पसंदीदा फेहरिस्त में शुमार रहता है. राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की परदे पर दिखी केमिस्ट्री ने इस गीत को और भी खास बना दिया, और यही वजह है कि बारिश के मौसम में यह आज भी उतनी ही शिद्दत से गुनगुनाया जाता है, जितना चार दशक पहले गुनगुनाया जाता था. समय बदला, सिनेमा का अंदाज बदला, लेकिन कुदरत के इस गीत की मिठास आज भी वैसी ही बनी हुई है.

सवाल-जवाब

फिल्म कुदरत किस साल रिलीज हुई थी?
फिल्म कुदरत साल 1981 में रिलीज हुई थी.
तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया गाने को आवाज किसने दी थी?
इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी.
इस गाने का संगीत किसने तैयार किया था?
गाने का संगीत आरडी बर्मन ने तैयार किया था, जो लता मंगेशकर के बहनोई थे.
गाने के बोल किसने लिखे थे?
गाने के बोल मशहूर शायर मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे.
फिल्म कुदरत की कहानी किस विषय पर आधारित थी?
फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित थी, जिसमें एक महिला को पिछले जन्म में रेप कर मार डाला जाता है और वो अगले जन्म में बदला लेने लौटती है.
गाने में मुख्य कलाकार कौन थे?
इस गाने में राजेश खन्ना और हेमा मालिनी नजर आए थे.
फिल्म कुदरत को बॉक्स ऑफिस पर कैसा रिस्पॉन्स मिला था?
फिल्म को लेकर दर्शकों की राय बंटी हुई थी, किसी ने इसे सराहा तो किसी ने ठंडा रिस्पॉन्स दिया.
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