मार्शल आर्ट्स और कठोर शारीरिक अभ्यास के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता विद्युत जामवाल ने मुंबई में आयोजित एक विशेष प्रचार कार्यक्रम के दौरान अपनी असाधारण योग साधना का प्रदर्शन किया। आगामी अंतरराष्ट्रीय परियोजना स्ट्रीट फाइटर के प्रचार से जुड़े इस समारोह में अभिनेता ने मंच पर खड़े होकर करीब 15 मिनट तक अपनी सांस रोके रखी। इस दौरान उनके शरीर में कंपन होने लगा और आंखों से आंसू छलक आए, जिसे देखकर सभागार में मौजूद दर्शक कुछ पलों के लिए स्तब्ध और चिंतित हो गए। हालांकि, इस कठिन साधना को पूरा करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके किरदार की तैयारी और योग के आंतरिक अनुशासन से जुड़ा एक सचेत अभ्यास था।
मंच पर सांस रोकने का अनोखा प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान विद्युत जामवाल ने अपनी शारीरिक और मानसिक एकाग्रता को चरम स्तर पर परखते हुए लगभग 15 मिनट तक श्वास रोककर पूरी तरह स्थिर खड़े रहने का प्रयास किया। शुरुआती पलों में वह बिल्कुल शांत और गतिहीन दिखाई दिए, लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, अत्यधिक शारीरिक दबाव के कारण उनकी देह कांपने लगी और आंखों से पानी बहने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के बीच इस दृश्य को देखकर घबराहट फैलने लगी थी, लेकिन विद्युत ने साधना का क्रम बीच में तोड़े बिना उसे पूरा किया। अभिनेता ने बाद में बताया कि यह प्रदर्शन उनकी आगामी फिल्म के चरित्र धलसिम के साथ गहरा संबंध स्थापित करने के लिए था, जो मूल गेमिंग दुनिया में योग, तपस्या और पराशारीरिक क्षमताओं के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।
पतंजलि योग सूत्र की विधि और मानसिक नियंत्रण
अपनी इस गहन ध्यान प्रक्रिया के समापन के बाद विद्युत जामवाल ने दर्शकों को बताया कि उन्होंने इस अभ्यास के लिए पतंजलि योग सूत्र से जुड़ी एक पारंपरिक और विशिष्ट विधि का सहारा लिया था। अभिनेता का कहना था कि इस प्रकार के अनुशासित अभ्यासों ने उनके जीवन के कई कठिन पड़ावों को पार करने और व्यक्तिगत उपलब्धियों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह इस प्राचीन ज्ञान और तकनीक को पहले भी कई युवाओं के साथ साझा कर चुके हैं।
विद्युत के अनुसार, योग केवल शारीरिक लचीलेपन अथवा कसरत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य मन को भीतर से सुदृढ़ और शांत बनाना है। उनका मानना है कि जब कोई व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को स्थिर रखने और अपनी चेतना पर नियंत्रण पाने में सक्षम हो जाता है, तो वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है।
दौड़ती जिंदगी में युवाओं को ठहरने का परामर्श
समारोह के मंच से विद्युत जामवाल ने आज की युवा पीढ़ी को जीवनशैली से जुड़ा एक गहरा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज में युवा लगातार एक अंधी दौड़ में शामिल हैं, जहां हर कोई तत्काल परिणाम और भौतिक उपलब्धियों के पीछे भाग रहा है। इस निरंतर भागदौड़ के बीच व्यक्ति अक्सर अपने मानसिक संतुलन और आंतरिक शांति को खो बैठता है।
अभिनेता ने युवाओं को समझाते हुए कहा कि हर समय सक्रिय रहने या कुछ न कुछ करते रहने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि जीवन में कई बार रुक जाना और शांत हो जाना भी एक अत्यंत आवश्यक हुनर है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन की कई उपलब्धियां इसलिए संभव हो सकीं क्योंकि उन्होंने विपरीत समय में भी खुद को स्थिर रखना सीखा। विद्युत ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति ठहरने और स्वयं के साथ मौन रहने की कला सीख लेता है, तो यह क्षमता उसे जीवन के लंबे सफर में बहुत आगे तक ले जा सकती है।
स्ट्रीट फाइटर से अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में पहला कदम
पेशेवर मोर्चे पर यह समय विद्युत जामवाल के करियर के लिए एक नया अध्याय साबित हो रहा है। आगामी फिल्म स्ट्रीट फाइटर के माध्यम से वह हॉलीवुड में अपना पहला कदम रखने जा रहे हैं। लोकप्रिय वीडियो गेम पर आधारित इस फिल्म में वह धलसिम की भूमिका में नजर आएंगे। वर्षों से कलारिपयट्टू, मार्शल आर्ट्स, कठिन फिटनेस रूटीन और योग साधना से जुड़ा उनका व्यक्तिगत अनुभव इस पौराणिक चरित्र को पर्दे पर जीवंत करने में बेहद उपयोगी साबित हुआ है।
स्ट्रीट फाइटर आगामी 16 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। भारतीय दर्शकों के लिए यह फिल्म अंग्रेजी के अलावा हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज की जा रही है। इससे पूर्व गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर विद्युत जामवाल मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में शंख और डमरू बजाकर भगवान गणेश की विशेष आरती करते हुए भी दिखाई दिए थे। अब दुनिया भर में फैले उनके प्रशंसकों को इस हॉलीवुड डेब्यू में उनके एक्शन और विशिष्ट योग अवतार का बेसब्री से इंतजार है।

















