अजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की विश्वप्रसिद्ध दरगाह परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब महिलाओं की पोशाक बुर्का पहनकर घूम रहे एक पुरुष को श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोके गए इस व्यक्ति का जब चेहरा ढकने वाला पर्दा हटवाया गया, तो उसके भीतर युवक को देखकर हर कोई हैरान रह गया। इस पूरे मामले का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें आसपास खड़े लोग उससे पूछताछ करते नजर आ रहे हैं।
संदिग्ध हरकतों से गहराया लोगों का शक
दरगाह परिसर के भीतर धार्मिक यात्रा पर आए जायरीनों और स्थानीय खादिमों ने इस व्यक्ति की चाल ढाल को असामान्य पाया। बुर्के में लिपटा यह व्यक्ति दरगाह क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में बिना किसी स्पष्ट कारण के भटक रहा था। उसकी संदिग्ध आवाजाही को देखते हुए वहां मौजूद लोगों को आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने उसे रास्ते में ही रोक लिया। जब उपस्थित लोगों ने जोर देकर उसका नकाब हटवाया, तो पर्दा उठते ही सामने एक युवक का चेहरा उजागर हुआ, जिससे वहां मौजूद भीड़ स्तब्ध रह गई।
पूछताछ में युवक ने दी अजीबोगरीब दलील
पकड़े जाने के बाद जब उपस्थित लोगों ने उससे इस तरह का रूप धारण करने का कारण पूछा, तो युवक ने अपनी सफाई में एक विचित्र बात कही। उसने दावा किया कि उसने ख्वाजा गरीब नवाज के पवित्र आस्ताने पर एक विशेष मन्नत मांगी थी। उसका कहना था कि जब उसकी प्रार्थना स्वीकार हो गई, तो उसने प्रण लिया था कि वह बुर्का पहनकर ही दरगाह में हाजिरी लगाने पहुंचेगा। हालांकि, बिना अनुमति और छद्म वेश में प्रवेश करने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से लोगों ने उसे हिरासत में लिया और दरगाह कमेटी के प्रतिनिधियों को सौंप दिया।
महाना छठी के धार्मिक अवसर की है यह घटना
यह पूरा वाकया करीब तीन दिन पहले का बताया जा रहा है, जब दरगाह में 'महाना छठी' का विशेष धार्मिक आयोजन चल रहा था। इस अवसर पर दरगाह में देश भर से आए श्रद्धालुओं का भारी जमघट था। इतने संवेदनशील स्थान पर इस तरह छिपकर प्रवेश करने का गंभीर मामला सामने आने के बावजूद, दरगाह कमेटी ने अब तक इस संबंध में पुलिस प्रशासन को कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं दी है। फिलहाल, इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।





















