साहित्य, कला और वैचारिक संवाद को एक साझा छत के नीचे लाने की दिशा में एक नया सांस्कृतिक ठिकाना सामने आया है। रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक-अध्यक्ष नीता अंबानी ने नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) परिसर में 'द लाइब्रेरी' की औपचारिक शुरुआत की। उद्घाटन के मौके पर उन्होंने जाने-माने ज्वेलरी आर्टिस्ट वालेस चान द्वारा तैयार किया गया 'सोअरिंग स्पिरिट' नाम का खास ब्रोच पहना था, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। ड्रैगनफ्लाई की बनावट से प्रेरित यह आभूषण परिवर्तन, असीम संभावनाओं, सपनों और आजादी के भाव को व्यक्त करता है।
कार्यक्रम में ईशा अंबानी का सधा हुआ अंदाज
इस विशेष आयोजन के दौरान ईशा अंबानी भी बेहद आकर्षक शैली में नजर आईं। उन्होंने इस शाम के लिए पारंपरिक ब्रोकेड टॉप के साथ डेनिम जींस का एक संतुलित और समकालीन पहनावा चुना। अपने लुक को सहज बनाए रखते हुए उन्होंने काफी सीमित एक्सेसरीज का इस्तेमाल किया और बालों को खुला रखा। इस सादगी भरे चयन के कारण उनके परिधान की डिजाइनिंग और बारीक कारीगरी पूरी तरह उभरकर सामने आई, जिसने समारोह में मौजूद लोगों को काफी प्रभावित किया।
सिनेमा और कला जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
इस नए सांस्कृतिक केंद्र के शुभारंभ की शाम मनोरंजन और रचनात्मक क्षेत्र के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। समारोह में सैफ अली खान अपनी पत्नी करीना कपूर के साथ पहुंचे, जबकि शाहिद कपूर ने पत्नी मीरा राजपूत के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त राजकुमार राव, विक्रांत मैसी, सोनाली कुलकर्णी, किम शर्मा, सोहा अली खान और वेदिका पिंटो जैसे कलाकार भी इस मौके पर मौजूद रहे।
सिनेमा निर्माण और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े दिग्गजों में निर्देशक राजकुमार हिरानी और फिल्म निर्माता विधु विनोद चोपड़ा भी इस शाम का हिस्सा बने। इनके साथ काजोल, न्यासा देवगन, फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा, कंटेंट क्रिएटर कुशा कपिला और ओरी भी इस आयोजन में शरीक हुए, जिससे यह पूरी शाम कला, सिनेमा और फैशन के संगम में बदल गई।
नई पीढ़ी में अध्ययन की रुचि जगाने का विजन
समारोह में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए इस पहल के मुख्य मकसद पर रोशनी डाली गई। नीता अंबानी ने स्पष्ट किया कि यह स्थल अध्ययन, गहन विचार-विमर्श और खानपान के अनुभवों को एक साथ जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा,
"हम नई पीढ़ी के बीच किताबों और पढ़ने के आनंद को वापस लाना चाहते हैं"
इस नए मंच की परिकल्पना एक ऐसे वातावरण के निर्माण के रूप में की गई है जहां लोग पुस्तकों के माध्यम से एक-दूसरे के करीब आएं, अपने विचार साझा करें और समकालीन संस्कृति के साथ नए सिरे से जुड़ सकें।



















