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राजस्थान कैडर में लौटे वरिष्ठ अधिकारी गौरव गोयल, लोकसभा सचिवालय से हुए कार्यमुक्तराजस्थान
1 नव॰ 2026, 9:29 am (1 घंटे पहले)· 1

राजस्थान कैडर में लौटे वरिष्ठ अधिकारी गौरव गोयल, लोकसभा सचिवालय से हुए कार्यमुक्त

लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव पद से कार्यमुक्त होकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गौरव गोयल राजस्थान लौट रहे हैं, जहां जल्द ही उन्हें नई प्रशासनिक कमान मिलने की संभावना है।

प्रशासनिक तंत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे वरिष्ठ नौकरशाह गौरव गोयल अब केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर अपने मूल राजस्थान कैडर में वापस लौट रहे हैं। दिल्ली स्थित लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव पद पर अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे राजस्थान कैडर के 2006 बैच के अधिकारी को 31 अक्टूबर की दोपहर बाद आधिकारिक तौर पर कार्यमुक्त कर दिया गया। राज्य प्रशासन की मांग और सक्षम प्राधिकारी से मिली हरी झंडी के उपरांत संसद सचिवालय द्वारा उनकी मूल कैडर वापसी के औपचारिक आदेश जारी किए गए। इस प्रशासनिक बदलाव के साथ ही प्रदेश की नौकरशाही में उनके आगामी कार्यभार और संभावित विभाग को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।

जयपुर आगमन और कार्मिक विभाग में उपस्थिति

सचिवालय से जिम्मेदारियों का प्रभार छोड़ने के पश्चात गौरव गोयल सीधे जयपुर पहुंचेंगे। तय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत वे अगले दिन सुबह शासन सचिवालय के कार्मिक विभाग में व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर अपनी आधिकारिक उपस्थिति दर्ज कराएंगे। प्रदेश स्तर पर उनके नए पदस्थापन को लेकर आज या कल में अंतिम निर्णय लिए जाने की प्रबल संभावना बनी हुई है। शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं को देखते हुए यह माना जा रहा है कि उन्हें किसी बेहद महत्वपूर्ण विभाग की कमान सौंपी जा सकती है। अपने अब तक के सफर में उन्होंने राज्य सचिवालय से लेकर जमीनी स्तर तक विभिन्न व्यवस्थाओं का संचालन बेहद करीब से देखा और संभाला है।

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शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक सफर की शुरुआत

गौरव गोयल का जन्म 5 जनवरी 1984 को हुआ था। उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री पूरी की और इसके पश्चात वर्ष 2006 में प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान हासिल किया। चयन के बाद उन्हें राजस्थान कैडर आवंटित हुआ, जहां उन्होंने शासन और प्रशासन के विभिन्न विभागों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। केंद्रीय सेवा के तहत वे 16 अगस्त 2024 से नई दिल्ली स्थित लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव के महत्वपूर्ण पद पर तैनात रहे। केंद्र में करीब दो साल से अधिक का कार्यकाल सफलता से पूरा करने के बाद अब वे अपने गृह कैडर में सेवाएं देने जा रहे हैं।

प्रशासन के विभिन्न पायदानों पर अनुभव

अपने पूरे सेवाकाल में गौरव गोयल ने जमीनी प्रशासन से लेकर शासन के नीतिगत स्तर तक कई विविध पदों की जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने प्रशासनिक सेवा की शुरुआत में सब डिविजनल ऑफिसर और बाद में जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के रूप में फील्ड में व्यापक कार्य किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने संभागीय स्तर पर डिविजनल कमिश्नर और राज्य सरकार में सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव, कमिश्नर, स्पेशल सेक्रेटरी, डायरेक्टर, मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में कार्य किया। मैदानी स्तर पर लोक सेवा से लेकर सचिवालय में नीति निर्माण के इस दोहरे अनुभव के कारण उनकी पहचान जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक नियंत्रण में दक्ष अधिकारी के तौर पर रही है।

चुनाव प्रबंधन और कौशल विकास के क्षेत्र में मिला सम्मान

प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान गौरव गोयल को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सराहा भी जा चुका है। वर्ष 2018 के जनरल असेंबली इलेक्शन के सुचारु और निष्पक्ष संचालन में श्रेष्ठ प्रबंधन दिखाने के लिए उन्हें आधिकारिक स्तर पर सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर रहते हुए उन्होंने युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता बढ़ाने के कई कार्यक्रम चलाए। उनके इस कार्यकाल के दौरान किए गए नवाचारों और संगठनात्मक पहलों की बदौलत राजस्थान को कौशल विकास के क्षेत्र में देश भर में सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में विशेष पहचान हासिल हुई थी। केंद्र से वापसी के बाद अब हर किसी की निगाहें राज्य सरकार के उस आधिकारिक पोस्टिंग आदेश पर टिकी हैं, जिसके जरिए उन्हें नया विभाग मिलेगा।

सवाल-जवाब

गौरव गोयल किस बैच और कैडर के आईएएस अधिकारी हैं?
गौरव गोयल वर्ष 2006 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं।
लोकसभा सचिवालय में वे किस पद पर कार्यरत थे?
वे लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे।
उन्हें लोकसभा सचिवालय से कब कार्यमुक्त किया गया?
उन्हें 31 अक्टूबर को दोपहर बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के साथ कार्यमुक्त किया गया।
जयपुर पहुंचकर उनकी पहली आधिकारिक प्रक्रिया क्या होगी?
वे जयपुर पहुंचकर अगले दिन सुबह शासन सचिवालय के कार्मिक विभाग में अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
गौरव गोयल की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) की डिग्री हासिल की है।
उन्हें पूर्व में किन प्रशासनिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जा चुका है?
उन्हें 2018 के जनरल असेंबली इलेक्शन में उत्कृष्ट चुनाव प्रबंधन और कौशल विकास निगम में बेहतर कार्यों के लिए पुरस्कार मिल चुके हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·4 मिनट पहले

केंद्र से लौटने के बाद अब इन्हें राजस्थान में कौन सी बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी, इस पर सबकी नजर है। लोकसभा सचिवालय में लंबा अनुभव रहा है, तो जाहिर है यहां भी किसी अहम विभाग की कमान ही मिलेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 मिनट पहले

अब देखना होगा कि जयपुर लौटकर इन्हें कौन सा बड़ा विभाग मिलता है।

Ravikash Gupta@ravikash·27 मिनट पहले

अरे अर्जुन भाई, 2006 बैच के हैं तो जाहिर है कोई मलाईदार महकमा ही मिलेगा इनको।

Rohan Verma@rohan-verma·49 मिनट पहले

गौरव गोयल की लोकसभा सचिवालय से विदाई तो हो गई है, लेकिन राजस्थान लौटकर उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय मिलेगा या कोई और बड़ा विभाग, यह देखने वाली बात होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·49 मिनट पहले

रोहन जी, बात सही है आपकी, 2006 बैच के इस अधिकारी का अगला पदस्थापन वाकई दिलचस्प रहेगा।

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