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चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ रामलीला मैदान में 19 विपक्षी दलों का महाजुटानराजनीति
1 नव॰ 2026, 7:59 am (2 घंटे पहले)· 2

चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ रामलीला मैदान में 19 विपक्षी दलों का महाजुटान

दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में आवाज उठाई।

देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर बड़े सियासी जमावड़े का गवाह बन रहा है। विपक्षी गठबंधन के घटक दल चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए रविवार को एक मंच पर जुटे हैं। 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के तहत आयोजित इस विशाल जनसभा का मुख्य मकसद चुनावी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को सामने लाना, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कड़ा विरोध जताना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद से इस्तीफे की मांग को पुरजोर तरीके से उठाना है। इस साझा विरोध प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, छात्र संगठन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं।

मार्च और जनसभा की रूपरेखा

कार्यक्रम की तय समय-सारिणी के अनुसार मुख्य जनसभा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रामलीला मैदान में चलेगी। इसके समानांतर दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान की दिशा में एक विरोध मार्च निकाला जाएगा। विपक्षी मोर्चे के प्रमुख नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आधिकारिक आवास पर एकत्र हुए और वहां से खुली बसों में सवार होकर मार्च के प्रारंभिक स्थल की ओर रवाना हुए। इस संयुक्त शक्ति प्रदर्शन में अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव समेत 19 राजनीतिक दलों के प्रमुख चेहरे एक साथ मंच साझा कर रहे हैं।

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सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और निगरानी तंत्र

इतने बड़े सियासी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे रैली स्थल और मार्च के रास्ते पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रामलीला मैदान को 14 अलग-अलग सुरक्षा जोन में विभाजित किया गया है, जहां प्रत्येक जोन की निगरानी की कमान सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।

भीड़ और व्यवस्था पर नजर रखने के लिए मैदान और आसपास 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, बॉडी-वॉर्न कैमरे और निगरानी ड्रोन सक्रिय किए गए हैं। साथ ही मैदान परिसर के भीतर एक केंद्रीय कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है जहां से हर गतिविधि पर पल-पल नजर रखी जा रही है। आयोजन समिति और कांग्रेस का दावा है कि इस सभा में 10 लाख से अधिक लोग जुटेंगे, जबकि पुलिस प्रशासन का अनुमान करीब 50 हजार लोगों के एकत्र होने का है।

मैदान की तैयारियां और दूर-दराज से पहुंचे समर्थक

कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले तक रामलीला मैदान में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर चलता दिखा। रैली शुरू होने से करीब 4 घंटे पहले तक मैदान में 2 जेसीबी मशीनें लगातार काम करती नजर आईं। दरअसल, मैदान के अधिकांश हिस्सों में बारिश का पानी जमा था और भारी कीचड़ फैला हुआ था, जिसे सुखाने और समतल करने के लिए सूखी मिट्टी डालकर पाटने का काम लगातार किया गया।

इस सभा में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से कार्यकर्ताओं का आना लगातार जारी रहा। वामपंथी दलों के समर्थक सुबह ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचना शुरू हो गए थे। इसी तरह हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोग बसों और टेम्पो ट्रेवलर के जरिए दिल्ली के मंडी हाउस स्थित हिमाचल भवन पहुंचे, जहां से वे जत्थों में रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए।

यातायात पर असर और एडवाइजरी

रैली और मार्च के चलते मध्य और पुरानी दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं। आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास के मार्गों पर वाहनों का दबाव अधिक रहने और जाम लगने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को इन रास्तों से बचने तथा वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

सवाल-जवाब

रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किस नारे के तहत किया गया है?
इस रैली का आयोजन 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के तहत किया गया है।
विपक्षी दलों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
विपक्षी दल चुनावी अनियमितताओं का विरोध कर रहे हैं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध जता रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इस सभा में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं?
इस सभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव समेत 19 दलों के नेता शामिल हैं।
रैली के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
मैदान और मार्च मार्ग पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और 14 सुरक्षा जोन बनाए गए हैं।
रैली के लिए मार्च कहां से कहां तक निकाला जाएगा?
मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान तक निकाला जाएगा।
दिल्ली के किन इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित रहने की संभावना है?
आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास यातायात प्रभावित रहने और डायवर्जन लागू रहने की संभावना है।
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टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·12 मिनट पहले

चुनाव आयोग पर इस तरह का दबाव और 19 पार्टियों का एक मंच पर आना बाजार की स्थिरता और राजनीतिक माहौल पर असर डाल सकता है।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·11 मिनट पहले

रविकेश जी, आपकी बात ठीक है, पर क्या इतने भारी विरोध के बाद भी चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया में कोई बदलाव करेगा?

Rohan Verma@rohan-verma·30 मिनट पहले

रामलीला मैदान में विपक्ष की यह भीड़ साफ बता रही है कि चुनाव आयोग के खिलाफ मामला अब ठंडा नहीं पड़ने वाला। दिल्ली से लेकर यूपी तक इसका असर दिखना तय है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·30 मिनट पहले

रोहन जी, बात तो सही है, पर 4 हजार पुलिसकर्मियों और 14 जोन का बंदोबस्त बता रहा है कि प्रशासन किसी भी कानून-व्यवस्था बिगड़ने वाले हालात से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

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