गोवा में 8 अक्टूबर को बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट की वजह से अचानक देहांत हो गया। उन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, इसलिए इस खबर ने फिल्म जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों को भी गहरे सदमे में डाल दिया। सिनेमाजगत के तमाम कलाकारों ने उनके जाने पर शोक जताया और उनके अभिनय करियर की सराहना की। लेकिन इसी बीच मीटू आंदोलन के दौरान उन पर गंभीर आरोप लगाने वाली पूर्व अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एक बार फिर अपनी बात रखी, जिसके चलते इंटरनेट पर कई लोगों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। अब इस पूरे मामले में जानी-मानी गायिका चिन्मयी श्रीपदा खुलकर तनुश्री के पक्ष में सामने आई हैं।
सोना महापात्रा के पुराने बयान को साझा कर चिन्मयी ने उठाए सवाल
चिन्मयी श्रीपदा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर गायिका सोना महापात्रा का मीटू आंदोलन के दौर का एक पुराना संदेश दोबारा साझा किया। इसके साथ उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि जो लोग दिवंगत अभिनेता की लगातार प्रशंसा कर रहे हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उन पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे और ऐसी घटनाएं केवल एक बार नहीं हुई थीं।
सोना महापात्रा ने उस पुराने संदेश में फिल्म निर्माण से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख किया था। उन्होंने लिखा था कि सेट पर मौजूद एक सहायक निर्देशक ने भी गलत आचरण की घटना को अपनी आंखों से देखने की गवाही दी थी। इसके बावजूद समाज अक्सर किसी महिला की आपबीती पर तुरंत विश्वास करने के बजाय अनगिनत सबूत मांगने लगता है। सोना ने अपने विचारों में यह स्पष्ट किया था कि केवल प्रतिभाशाली होना किसी को बेकसूर साबित नहीं करता। धर्मार्थ कार्यों और दान देने से किसी के आचरण को क्लीन चिट नहीं मिल सकती, और ना ही किसी व्यक्ति का निधन उसके पिछले कृत्यों को मिटाकर उसे संत बना देता है।
तनुश्री दत्ता को घेरे जाने पर चिन्मयी ने दर्ज कराई कड़ी आपत्ति
इसके ठीक अगले दिन, यानी 9 अक्टूबर को चिन्मयी ने एक और विस्तृत टिप्पणी साझा करते हुए तनुश्री दत्ता का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने याद दिलाया कि तनुश्री ने सबसे पहले साल 2018 में इस पूरे उत्पीड़न के खिलाफ बहादुरी से अपनी आवाज उठाई थी। चिन्मयी के अनुसार, हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान तनुश्री खुद इस मामले पर चर्चा करने से बच रही थीं और अपने कथित उत्पीड़क के निधन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती थीं। लेकिन इसके बावजूद मीडिया और आम लोग उनसे प्रतिक्रिया की मांग कर रहे थे और फिर उनके बयानों को लेकर उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर रहे थे।
कलाकारी और निजी आचरण के फर्क पर दिया कड़ा संदेश
चिन्मयी ने अपनी बात पूरी करते हुए लिखा कि एक कलाकार के रूप में नाना पाटेकर के अभिनय कौशल की तारीफ करना अपनी जगह सही हो सकता है, परंतु तनुश्री दत्ता द्वारा लगाए गए शोषण के आरोपों की सच्चाई भी उतनी ही जरूरी और गंभीर है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया से विदा हो जाने मात्र से कोई भी इंसान देवदूत या फरिश्ता नहीं बन जाता। उन्होंने इस संदर्भ में कथक नर्तक बिरजू महाराज और नाना पाटेकर दोनों का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी के चले जाने से अतीत के गंभीर आरोप स्वतः समाप्त नहीं हो जाते।



















