दिवाली के मौके पर शुक्रवार, 5 नवंबर को सिनेमाघरों में उतरने जा रही बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' को रिलीज से ठीक पहले कानूनी मोर्चे पर अहम सुरक्षा हासिल हो गई है. निर्देशक नितेश तिवारी के मार्गदर्शन और निर्माता नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले तैयार हुई इस महाकाव्य रचना को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता है. इंटरनेट पर गैरकानूनी प्रसार और पायरेसी की आशंका को देखते हुए निर्माण कंपनी ने अदालत का रुख किया था, जहां से फिल्म की सुरक्षा के पक्ष में बड़ा आदेश जारी हुआ है.
पायरेसी रोकने के लिए अदालत का अंतरिम आदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फिल्म की अनधिकृत रिकॉर्डिंग, किसी भी डिजिटल माध्यम पर अपलोडिंग और अवैध ऑनलाइन स्ट्रीमिंग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है. अदालत द्वारा पारित अंतरिम आदेश में अज्ञात व्यक्तियों समेत विभिन्न डिजिटल मंचों को कॉपीराइट नियमों के उल्लंघन से दूर रहने और उल्लंघन होने पर फौरन एक्शन लेने के कड़े निर्देश दिए गए हैं. यह कानूनी कदम 5 नवंबर को होने वाले फिल्म के वैश्विक प्रदर्शन से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
अवैध लिंक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई के निर्देश
जस्टिस माधव जामदार की पीठ ने निर्माण कंपनी गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर यह निर्देश दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि प्रोडक्शन कंपनी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया वेबसाइट्स को पायरेटेड सामग्री से जुड़े नोटिस भेजती है, तो उन मंचों को वह सामग्री तुरंत हटानी होगी. इसके साथ ही जस्टिस माधव ने याचिकाकर्ता कंपनी को निर्देश दिया कि वे ऐसे विशिष्ट वेब पतों और वेबसाइटों की पहचान कर रिपोर्ट करें, जहां फिल्म के दृश्य अथवा वीडियो क्लिप बिना अनुमति के प्रसारित किए जा रहे हों.
अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा की मांग
गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी याचिका में दलील दी कि फिल्म के पूर्ण कॉपीराइट और भारत सहित अन्य क्षेत्रों में इसके संपूर्ण व्यावसायिक उपयोग के अधिकार उनके पास सुरक्षित हैं. कंपनी ने अदालत से फिल्म की पटकथा, पात्रों, फुटेज, संगीत, गीतों और ध्वनि रिकॉर्डिंग से जुड़े हर कॉपीराइट तत्व को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी.
गोपनीयता समझौते के उल्लंघन पर निर्माताओं की चिंता
याचिका में निर्माताओं ने खुलासा किया कि फिल्म के विशेष प्रीव्यू की स्क्रीनिंग के दौरान गोपनीयता बरकरार रखने के लिए कड़े नियम व कानूनी समझौते किए गए थे. इन पाबंदियों के बावजूद दोनों ट्रेलर की फुटेज को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर साझा कर दिया गया था. निर्माताओं ने अदालत में आशंका व्यक्त की कि जब रिलीज से पहले गोपनीय फुटेज लीक हो सकती है, तो सिनेमाघरों में 5 नवंबर को प्रदर्शन के बाद भी थियेटर से दृश्यों को अवैध रूप से रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर डाला जा सकता है, जिससे परियोजना को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है.



















