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ओटीटी पर डिजिटल स्ट्रीम हो रहीं रेखा की सदाबहार फिल्में, इन शानदार पारिवारिक ड्रामों में देखें भावनाओं का अनूठा सफरबॉलीवुड
20 अग॰ 2026, 12:07 pm (2 घंटे पहले)· 2

ओटीटी पर डिजिटल स्ट्रीम हो रहीं रेखा की सदाबहार फिल्में, इन शानदार पारिवारिक ड्रामों में देखें भावनाओं का अनूठा सफर

भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रेखा की क्लासिक पारिवारिक फिल्मों को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है। जानिए 'घर', 'खूबसूरत' और 'सिलसिला' जैसी यादगार फिल्मों की कहानी और उनके ओटीटी प्लेटफॉर्म।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में अभिनेत्री रेखा का योगदान अद्वितीय माना जाता है। चार दशकों से भी अधिक लंबे अपने शानदार अभिनय सफर में उन्होंने हिंदी फिल्म उद्योग को कई ऐसी कालजयी रचनाएं दी हैं, जिन्होंने हर उम्र के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। विशेष रूप से 1970 और 1980 के दशकों में उनकी फिल्मों ने पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक मान्यताओं, मानवीय संवेदनाओं और घरेलू ताने-बाने को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा। आज के आधुनिक डिजिटल दौर में, जब दर्शक अपनी पसंदीदा फिल्मों के लिए स्ट्रीमिंग सेवाओं का रुख कर रहे हैं, रेखा की ये चुनिंदा फिल्में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध हैं। यदि आप वीकेंड पर क्लासिक हिंदी सिनेमा और भावनाओं से भरे पारिवारिक ड्रामे का आनंद लेना चाहते हैं, तो नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार पर मौजूद रेखा की ये प्रमुख फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में शामिल होने के लिए बिल्कुल सही हैं।

घर (1978): नवविवाहित जोड़े के जीवन पर केंद्रित एक संवेदनशील पारिवारिक ड्रामा

वर्ष 1978 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई फिल्म 'घर' रेखा के करियर की सबसे महत्वपूर्ण और मील का पत्थर मानी जाने वाली फिल्मों में से एक है। माणिक चटर्जी के कुशल निर्देशन में बनी यह फिल्म एक नवविवाहित दंपति के जीवन पर आधारित एक बेहद गंभीर और भावनात्मक ड्रामा है। कहानी विनोद और आरती नाम के एक ऐसे जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी खुशहाल शादीशुदा जिंदगी एक दुखद और भयानक घटना के बाद अचानक पूरी तरह से बिखर जाती है। इस कठिन परिस्थिति में परिवार का मानसिक तनाव, समाज का दृष्टिकोण और एक-दूसरे के प्रति दंपति का समर्थन कहानी का मुख्य केंद्र बिंदु बनता है।

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फिल्म में रेखा ने आरती का मुख्य किरदार निभाया था, जबकि उनके पति विनोद की भूमिका में अभिनेता विनोद मेहरा नजर आए थे। आरती के रूप में रेखा ने जिस संजीदगी और गहराई के साथ एक पीड़ित और संघर्षशील स्त्री के भावों को पर्दे पर उतारा, उसने समीक्षकों और दर्शकों दोनों का दिल जीत लिया। इस फिल्म का संगीत भी अत्यधिक लोकप्रिय हुआ और आज भी याद किया जाता है। आर.डी. बर्मन द्वारा तैयार किए गए इसके सदाबहार गीतों में 'आजकल पांव जमीं पर नहीं पड़ते मेरे' और 'तेरे बिना जिया जाए ना' जैसे गाने शामिल हैं, जो आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद पसंदीदा हैं। यदि आप इस बेहतरीन क्लासिक को देखना चाहते हैं, तो यह ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेज़न प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध है।

खूबसूरत (1980): सख्त अनुशासन वाले घर में मंजू की चुलबुली मौजूदगी

ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी वर्ष 1980 की फिल्म 'खूबसूरत' को रेखा के अभिनय करियर की सबसे लोकप्रिय और यादगार पारिवारिक फिल्मों में गिना जाता है। यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी पेश करती है, जहां घर की मुखिया निर्मला गुप्ता अपने कड़े नियमों और सख्त अनुशासन के साथ पूरे परिवार का संचालन करती हैं। घर के सभी सदस्य उनके अनुशासन का पालन करने के लिए विवश होते हैं, जिससे परिवार में एक तनावपूर्ण और औपचारिक माहौल बना रहता है।

कहानी में नया मोड़ तब आता है जब निर्मला गुप्ता की बहू की चुलबुली, बेफिक्र और निडर बहन मंजू उस घर में रहने आती है। मंजू का किरदार रेखा ने निभाया है, जबकि उनके विपरीत राकेश रोशन नजर आए हैं। मंजू अपनी जीवंतता, हंसी-मजाक और खुले विचारों से उस कड़े अनुशासन वाले घर की फिजा को पूरी तरह बदल देती है। वह परिवार के सदस्यों को खुलकर जीना और अपनी भावनाएं व्यक्त करना सिखाती है। फिल्म में हास्य और पारिवारिक मूल्यों का बेहतरीन संतुलन दिखाया गया है। इस बेमिसाल अभिनय प्रदर्शन के लिए रेखा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। इस हल्की-फुल्की और दिल को छू लेने वाली पारिवारिक फिल्म को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।

आंचल (1980): पारिवारिक रिश्तों, गलतफहमियों और त्याग की भावुक कहानी

अगर आपको 1980 के दशक के दौर का पारिवारिक सिनेमा, रिश्तों की उलझनों का भावनात्मक चित्रण और रेखा का जीवंत अभिनय पसंद है, तो 'आंचल' एक बेहतरीन चुनाव है। अनिल गांगुली के निर्देशन में वर्ष 1980 में रिलीज हुई यह फिल्म भारतीय घरेलू व्यवस्था और पारिवारिक तनावों की एक गहरी दास्तान है। फिल्म की स्टार कास्ट बेहद मजबूत थी, जिसमें रेखा के साथ राजेश खन्ना, राखी, अमोल पालेकर और प्रेम चोपड़ा जैसे जाने-माने कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं।

फिल्म की मुख्य कहानी तुलसी नाम की एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो परिवार के ताने-बाने को जोड़े रखने की कोशिश करती है। प्यार, विवाह, गलतफहमियों और पारिवारिक ईर्ष्या के कारण जब तुलसी की जिंदगी में मुश्किलें पैदा होती हैं, तो वह खुद को एक बड़े धर्मसंकट में पाती है। रेखा ने तुलसी के किरदार में एक ऐसी भारतीय नारी की भूमिका को बेहद भावुक अंदाज में निभाया, जो तमाम मुश्किलों और लांछनों के बावजूद अपने परिवार और रिश्तों की गरिमा को बनाए रखने के लिए तत्पर रहती है। फिल्म का सुरीला संगीत भी इसकी बड़ी खासियत रहा। यह पारिवारिक ड्रामा वर्तमान में अमेज़न प्राइम वीडियो पर देखने के लिए उपलब्ध है।

सिलसिला (1981): प्रेम, विवाह और जज्बाती कशमकश का प्रसिद्ध मसाला ड्रामा

हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी रिश्तों के ताने-बाने और भावनात्मक संघर्ष पर बनी फिल्मों की चर्चा होती है, तो 1981 में रिलीज हुई फिल्म 'सिलसिला' का नाम सबसे ऊपर आता है। इस बहुचर्चित फिल्म में रेखा के साथ अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और शशि कपूर जैसे दिग्गज कलाकारों की मुख्य भूमिकाएं थीं। यह एक पूर्ण मसाला और इमोशनल ड्रामा फिल्म थी, जिसकी कहानी शादी के बाद पुराने प्यार के सामने आने और उससे पैदा होने वाली जज्बाती उलझनों पर आधारित है।

फिल्म में रेखा ने चांदनी का यादगार किरदार निभाया था। कहानी में चांदनी और अमित के बीच का गहरा प्रेम, परिस्थितिजन्य शादियां और उसके बाद रिश्तों में आने वाला तनाव बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश किया गया है। रेखा और अमिताभ बच्चन की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। फिल्म का संगीत भी भारतीय संगीत जगत का एक अमूल्य खजाना माना जाता है। इसमें 'देखा एक ख्वाब', 'ये कहां आ गए हम' और 'नीला आसमान सो गया' जैसे कालजयी गीत शामिल हैं, जो आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं जितने अपनी रिलीज के समय थे। इस क्लासिक रोमांटिक ड्रामा को दर्शक नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम कर सकते हैं।

जुदाई (1980): प्यार और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच फंसी काजल के फैसले

टी. रामाराव द्वारा निर्देशित और वर्ष 1980 में रिलीज हुई फिल्म 'जुदाई' रेखा के करियर की एक और बेहद भावुक और पारिवारिक रिश्तों पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में रेखा के साथ जीतेंद्र और अशोक कुमार ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। यह फिल्म शादीशुदा जिंदगी की उन कड़वी सच्चाइयों और सामाजिक दबावों को सामने लाती है, जहां भावनाओं और पारिवारिक मजबूरियों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है।

फिल्म में रेखा ने काजल नाम की महिला का किरदार निभाया है। विवाह के पश्चात काजल के जीवन में परिस्थितियां कुछ ऐसा मोड़ लेती हैं कि उसे अपने प्यार, आत्मसम्मान और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहद कठोर और असहज निर्णय लेने पड़ते हैं। फिल्म में रिश्तों के टूटने और जुड़ने की दर्दनाक प्रक्रिया को बेहद संवेदनशीलता के साथ दर्शाया गया है। 1980 के दशक के पारिवारिक ड्रामा और गहरे अभिनय के शौकीनों के लिए यह फिल्म एक बेहतरीन विकल्प है। यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर देखने के लिए उपलब्ध है।

बीवी हो तो ऐसी (1988): घरेलू राजनीति का मुकाबला और सलमान खान का बॉलीवुड डेब्यू

वर्ष 1988 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'बीवी हो तो ऐसी' एक पारिवारिक कॉमेडी-ड्रामा है, जिसका निर्देशन जे.के. बिहारी ने किया था। इस फिल्म में रेखा के साथ फारुख शेख, बिंदु और सलमान खान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी एक अमीर परिवार की दबंग और घमंडी सास तथा उसकी सीधी लेकिन स्वाभिमानी बहू के बीच के वैचारिक और व्यावहारिक टकराव पर आधारित है।

फिल्म में रेखा ने शालिनी का किरदार निभाया है, जो एक देहाती पृष्ठभूमि से आती है लेकिन अपने ससुराल में होने वाले दुर्व्यवहार, लालच और घरेलू साजिशों का डटकर मुकाबला करती है। शालिनी का बेबाक, निडर और समझदारी भरा रवैया पूरे परिवार को सही रास्ते पर लाने में मददगार साबित होता है। इस फिल्म की एक और बड़ी ऐतिहासिक खासियत यह है कि हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार सलमान खान ने इसी फिल्म से बतौर अभिनेता बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की थी। यद्यपि फिल्म में सलमान खान की भूमिका अपेक्षाकृत छोटी थी, लेकिन उनके करियर के शुरुआती मील के पत्थर के रूप में इसे हमेशा याद किया जाता है। इस मनोरंजक पारिवारिक फिल्म को दर्शक अमेज़न पर देख सकते हैं।

सदाबहार कहानियों का आधुनिक ओटीटी सफर

रेखा की ये सभी फिल्में न केवल मनोरंजन का बेहतरीन साधन हैं, बल्कि वे 1970 और 1980 के दशक के भारतीय समाज, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की जटिलताओं का एक आईना भी पेश करती हैं। इन फिल्मों में रेखा ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए हर किरदार में एक नई जान फूंकी है, चाहे वह 'घर' की गंभीर आरती हो, 'खूबसूरत' की चुलबुली मंजू हो या फिर 'बीवी हो तो ऐसी' की स्वाभिमानी शालिनी हो। आधुनिक डिजिटल युग में इन क्लासिक फिल्मों का ओटीटी पर उपलब्ध होना पुरानी यादों को ताजा करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को हिंदी सिनेमा के इस सुनहरे दौर से जोड़ने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।

सवाल-जवाब

रेखा की फिल्म 'घर' किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखी जा सकती है?
माणिक चटर्जी द्वारा निर्देशित 1978 की फिल्म 'घर', जिसमें रेखा और विनोद मेहरा मुख्य भूमिका में हैं, अमेजन प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।
फिल्म 'खूबसूरत' के लिए रेखा को कौन सा पुरस्कार मिला था?
ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में 1980 में बनी फिल्म 'खूबसूरत' में मंजू का किरदार निभाने के लिए रेखा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।
1981 की चर्चित फिल्म 'सिलसिला' किस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है?
अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शशि कपूर और रेखा अभिनीत ब्लॉकबस्टर रोमांटिक पारिवारिक ड्रामा 'सिलसिला' फिलहाल नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।
किस अभिनेता ने 1988 की फिल्म 'बीवी हो तो ऐसी' से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था?
अभिनेता सलमान खान ने 1988 की पारिवारिक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म 'बीवी हो तो ऐसी' में एक छोटी भूमिका के साथ बॉलीवुड में बतौर एक्टर अपना डेब्यू किया था।
1980 की पारिवारिक फिल्म 'आंचल' के निर्देशक कौन थे?
राजेश खन्ना, राखी, अमोल पालेकर, प्रेम चोपड़ा और रेखा अभिनीत फिल्म 'आंचल' का निर्देशन अनिल गांगुली ने किया था।
फिल्म 'जुदाई' किस ओटीटी पर देखी जा सकती है?
टी. रामाराव के निर्देशन में बनी और रेखा, जीतेंद्र तथा अशोक कुमार अभिनीत 1980 की भावनात्मक फिल्म 'जुदाई' अमेजन प्राइम वीडियो पर देखने के लिए उपलब्ध है।
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