भारतीय सिनेमा के इतिहास में रेखा का नाम एक ऐसी अदाकारा के रूप में दर्ज है, जिन्होंने अपनी अप्रतिम सुंदरता, बेहतरीन संवाद अदायगी और विविधतापूर्ण अभिनय से दर्शकों के दिलों पर दशकों तक राज किया है। सत्तर और अस्सी के दशक में फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों की पहली पसंद बनीं रेखा ने हर शैली की फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी। पारिवारिक कॉमेडी से लेकर एक्शन आधारित बदले की कहानियों और शास्त्रीय पीरियड ड्रामा तक, उनके किरदारों ने हिंदी सिनेमा को कई अमर फिल्में दी हैं। डिजिटल दौर में आज भी दर्शक इन सदाबहार फिल्मों का आनंद प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से ले सकते हैं।
मंजू दयाल के चुलबुले अंदाज से सजी 'खूबसूरत'
दिग्गज निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म 'खूबसूरत' हिंदी सिनेमा की सबसे सर्वकालिक और लोकप्रिय पारिवारिक कॉमेडी फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म में रेखा ने मंजू दयाल नामक एक ऐसी स्वतंत्र और चुलबुली युवती का किरदार निभाया, जो एक बेहद अनुशासनप्रिय और सख्त उसूलों वाले परिवार में जाकर वहां के माहौल को खुशियों से भर देती है। इस फिल्म का निर्माण एन. सी. सिप्पी ने किया था। फिल्म में रेखा के साथ राकेश रोशन, अशोक कुमार, दीना पाठक, शशिकला और डेविड अब्राहम ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं।
उस दौर में लगभग ₹2 करोड़ की लागत से तैयार हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब ₹2 करोड़ का ही व्यापार करके बड़ी सफलता हासिल की थी। इस फिल्म में रेखा के जीवंत और सहज अभिनय की व्यापक प्रशंसा हुई, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किया गया। पारिवारिक मूल्यों और हल्के-फुल्के हास्य से भरपूर इस क्लासिक फिल्म को आज भी दर्शक यूट्यूब पर बिल्कुल मुफ्त में देख सकते हैं।
बदले की कहानी का सशक्त उदाहरण 'खून भरी मांग'
राकेश रोशन के निर्देशन और निर्माण में बनी फिल्म 'खून भरी मांग' रेखा के संपूर्ण करियर की सबसे सफल व्यावसायिक फिल्मों में गिनी जाती है। यह फिल्म नारी सशक्तिकरण और बदले की पृष्ठभूमि पर आधारित एक थ्रिलर ड्रामा थी, जिसमें रेखा ने आरती नाम की महिला का सशक्त और दोहरे शेड्स वाला किरदार निभाया था। कहानी में आरती के साधारण जीवन से लेकर उसके नए रूप में वापस लौटकर बदला लेने के सफर को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म में कबीर बेदी, सोनू वालिया, शत्रुघ्न सिन्हा और कादर खान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं, जबकि इसका संगीत भी उस दौर में जबर्दस्त हिट रहा था।
महज ₹2 करोड़ के बजट में निर्मित 'खून भरी मांग' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए लगभग ₹8 करोड़ का शानदार कारोबार किया और सुपरहिट का दर्जा हासिल किया। इस फिल्म के जरिए रेखा ने एक बार फिर साबित किया कि वह अकेले दम पर फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिला सकती हैं। इस अभिनय के लिए उन्हें एक और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। 6.6/10 की आईएमडीबी रेटिंग वाली इस बेहतरीन फिल्म को वर्तमान में जी5 और प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।
ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई 'मुकद्दर का सिकंदर'
प्रकाश मेहरा के निर्देशन और प्रकाश मेहरा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' अमिताभ बच्चन और रेखा की जोड़ी की सबसे सफल और ऐतिहासिक फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में रेखा ने जोहरा बाई नाम की कोठे वाली का यादगार किरदार निभाया था। उनके भावुक और त्याग से भरे इस अभिनय को आज भी उनके करियर के सबसे मुकम्मल किरदारों में गिना जाता है। फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, राखी और अमजद खान शामिल थे।
फिल्म के व्यापारिक आंकड़ों की बात करें तो लगभग ₹2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ₹13 करोड़ का कलेक्शन किया। उस दौर में ₹13 करोड़ की कमाई करना एक अभूतपूर्व उपलब्धि थी, जिसने इस फिल्म को उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बना दिया। अमिताभ बच्चन और रेखा की यह केमिस्ट्री बॉक्स ऑफिस पर ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी।
संस्कृत नाटक पर आधारित पीरियड ड्रामा 'उत्सव'
बहुमुखी प्रतिभा के धनी निर्देशक गिरीश कर्नाड द्वारा निर्देशित फिल्म 'उत्सव' प्राचीन संस्कृत नाटक 'मृच्छकटिकम्' पर आधारित एक क्लासिक पीरियड रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। इस भव्य फिल्म का निर्माण दिग्गज अभिनेता शशि कपूर ने अपने प्रोडक्शन बैनर फिल्मवालाज के तहत किया था। फिल्म में रेखा ने वसंतसेना नाम की एक बेहद खूबसूरत, कलात्मक और आत्मनिर्भर गणिका की भूमिका निभाई थी।
हिंदी सिनेमा के इतिहास में रेखा के इस किरदार को उनके करियर के सबसे साहसिक, बोल्ड और प्रभावशाली अभिनय के रूप में याद किया जाता है। फिल्म का कला निर्देशन, संगीत और वेशभूषा उस दौर के हिसाब से काफी उन्नत थी। कलात्मक सिनेमा के प्रेमियों के लिए यह फिल्म यूट्यूब पर देखने के लिए उपलब्ध है।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित 'उमराव जान'
मुजफ्फर अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'उमराव जान' को भारतीय सिनेमा की महानतम क्लासिक कृतियों में गिना जाता है। मशहूर उर्दू लेखक मिर्ज़ा हादी रुसवा के ऐतिहासिक उपन्यास पर आधारित इस फिल्म में रेखा ने मशहूर शायरा और तवायफ अमराव जान अदा का अमर किरदार निभाया। लखनऊ की संस्कृति, नफासत, गज़लों और नज़ाकत को रेखा ने अपने अभिनय और आंखों की भाषा से पर्दे पर जीवंत कर दिया।
इस फिल्म में निभाया गया किरदार रेखा के करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जाता है। उनके इस अद्वितीय अभिनय के लिए उन्हें प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री) से सम्मानित किया गया था। भारतीय सिनेमा की इस अनमोल धरोहर को दर्शक नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।



















