उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर निचले इलाकों के लिए गंभीर संकट बन गया है। नदी का पानी अपने अब तक के सबसे ऊंचे मुकाम पर पहुंच गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों और तटवर्ती बस्तियों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।
भय के साये में ग्रामीण और डूबते रास्ते
बनियापुरवा और भोपालपुरवा जैसे कई गांवों में पानी गलियों को पार कर रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ जगहों पर जलस्तर कमर तक पहुंच गया है। चैनपुरवा समेत अन्य बस्तियों में भी स्थिति तेजी से गंभीर हो रही है। ग्रामीणों को अपने घरों के डूबने और खाने-पीने के सामान के खराब होने की चिंता सता रही है। पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। हर दो घंटे में पानी का स्तर करीब एक सेंटीमीटर बढ़ रहा है, जिससे लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
समुद्र जैसा विशाल रूप और प्रशासन की सक्रियता
गंगा बैराज से लेकर शुक्लागंज तक का पूरा इलाका किसी समंदर की तरह नजर आ रहा है। पानी के तेज बहाव और दूर तक फैले फैलाव ने तटवर्ती इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। प्रशासन की तरफ से यह तैयारी की जा रही है कि यदि हालात ज्यादा बिगड़ते हैं, तो लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सके।
लाखों क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज और खुले बैराज के गेट
लोअर गंगा कैनाल के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि बैराज से चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बैराज के सभी 30 गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं। जलस्तर में यदि और इजाफा होता है, तो पानी छोड़े जाने की मात्रा को और बढ़ाया जा सकता है। उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह ने बताया कि प्रभावित गांवों विशेषकर बनियापुरवा में राहत कार्यों के लिए ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई है। सिंचाई विभाग के गेज रीडर उत्तम पाल के अनुसार पानी लगातार बढ़ रहा है और शुक्लागंज में यह चेतावनी बिंदु तक पहुंच चुका है, जिसके चलते आगे का समय और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।





















