सिनेमा जगत के मंझे हुए कलाकार मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आने वाली सस्पेंस थ्रिलर फिल्म गजब रात को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। इस नई पेशकश में वह अजय दीक्षित नाम के एक पुलिस अधिकारी की मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे। अपने इस नए रोल को लेकर अभिनेता ने साफ किया है कि उनका मकसद पर्दे पर सिर्फ पुलिस की वर्दी पहनना नहीं है, बल्कि उस वर्दी के भीतर मौजूद आम इंसान के जज्बातों, उसके रोजमर्रा के संघर्षों और उसकी व्यक्तिगत जिंदगी को दर्शकों के सामने जीवंत करना है। उनका मानना है कि जब किसी किरदार के मानवीय पक्ष को उभारा जाता है, तभी वह स्क्रीन पर पूरी तरह विश्वसनीय और सच्चा नजर आता है।
वर्दी के पीछे छिपी मानवीय संवेदनाएं
मनोज बाजपेयी के मुताबिक कोई भी किरदार किसी भी पेशे से जुड़ा हो, सबसे अधिक महत्व इस बात का होता है कि उस पेशे के पीछे कैसा इंसान खड़ा है। हर व्यक्ति के अपने निजी हालात, अपनी अलग कहानी और अपनी अनूठी परेशानियां होती हैं। जब एक कलाकार किसी पात्र की निजी जिंदगी की गहराई में उतरता है, तो वह भूमिका अपने आप दर्शकों के दिल को छू लेती है। अभिनेता का कहना है कि यही सोच उनके हर पुलिस वाले किरदार को एक दूसरे से बिल्कुल जुदा बनाती है। उन्होंने इससे पहले भी पुलिसकर्मियों के रोल किए हैं, मगर हर बार उनके अभिनय में एक नया मानवीय रंग देखने को मिला है क्योंकि वह हर पात्र की मनोदशा को अलग ढंग से पेश करते हैं।
पुलिस सेवा की वास्तविक चुनौतियां और जवाबदेही
पुलिस महकमे के कामकाज पर खुलकर बात करते हुए अभिनेता ने कहा कि उनके कई करीबी दोस्त पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। इसी वजह से वह बहुत नजदीकी से जानते हैं कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी कितनी कठिन, तनावपूर्ण और जोखिम भरी होती है। इसके साथ ही उन्होंने इस कड़वी हकीकत को भी स्वीकार किया कि समाज में अक्सर ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं जहां कुछ वर्दीधारी अपने पद और ताकत का गलत फायदा उठाते हैं। उनका कहना है कि हर क्षेत्र की तरह इस पेशे में भी अच्छे और बुरे दोनों तरह की सोच वाले लोग होते हैं। इसलिए किसी एक या दो व्यक्तियों के गलत आचरण के आधार पर पूरे महकमे को गलत ठहराना किसी भी तरह से उचित नहीं है।
फिल्म इंडस्ट्री से तुलना और निष्पक्ष नजरिया
अपनी बात को और स्पष्ट करने के लिए मनोज बाजपेयी ने खुद फिल्म जगत का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि सिनेमा इंडस्ट्री में बेहतरीन काम करने वाले कलाकारों और तकनीशियनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन कभी-कभी कुछ लोगों की गलतियों के कारण पूरी इंडस्ट्री पर उंगलियां उठने लगती हैं। लोग अक्सर किसी एक शख्स को बेहद ऊंचा दर्जा दे देते हैं और फिर उसी क्षेत्र के किसी दूसरे व्यक्ति की चूक सामने आने पर पूरे समूह को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। अभिनेता का मानना है कि जनता को किसी भी पेशे को सामूहिक रूप से बुरा कहने के बजाय हर इंसान का मूल्यांकन उसके व्यक्तिगत आचरण और काम के आधार पर करना चाहिए।
एक रात के घटनाक्रम में सिमटी गजब रात की कहानी
निर्देशक रितेश शाह के निर्देशन में तैयार हुई यह फिल्म एक वन नाइट थ्रिलर प्रारूप पर आधारित है। इसका अर्थ यह है कि कहानी की पूरी पटकथा, उतार चढ़ाव और सारे नाटकीय मोड़ केवल एक रात के भीतर घटित होने वाले हादसों के इर्द गिर्द रचे गए हैं। मनोज बाजपेयी के अलावा इस रोमांचक थ्रिलर में नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम और अक्षय ओबेरॉय भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह पूरी स्टार कास्ट मिलकर दर्शकों को एक बेहद तनावपूर्ण और अप्रत्याशित थ्रिलर का अनुभव कराने के लिए तैयार है।



















