बढ़ता वजन और पेट के आसपास चर्बी जमा होना आज के समय में एक आम परेशानी बन चुका है। लोग फ्लैट टमी पाने के लिए जिम में काफी समय बिताते हैं, लेकिन सुबह की एक गलत आदत की वजह से उनके सारे प्रयास बेकार हो जाते हैं। अगर दिन की शुरुआत किसी अनहेल्दी ब्रेकफास्ट से की जाए, तो शरीर में ब्लड शुगर का स्तर तेजी से ऊपर चढ़ता है और विशेष रूप से पेट के हिस्से में चर्बी इकट्ठी होने लगती है।
सुबह के नाश्ते में इन चीजों से बनाएं दूरी
यदि आप अपनी लटकती तोंद से परेशान हैं और वजन कम करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं, तो सुबह के भोजन में कुछ खास खाद्य पदार्थों को बिल्कुल शामिल नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि वे पांच चीजें कौन सी हैं जिन्हें नाश्ते की थाली से तुरंत हटा देना चाहिए।
मीठे और रिफाइंड ब्रेकफास्ट सीरियल्स
सुबह की भागदौड़ में लोग अक्सर डिब्बाबंद कॉर्नफ्लेक्स या मीठे सीरियल्स को चुनते हैं, जिन पर अक्सर सेहतमंद होने के दावे किए जाते हैं। हालांकि, इनमें चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जबकि प्रोटीन बेहद कम पाया जाता है। इनका सेवन करने से ब्लड शुगर अचानक बहुत तेजी से बढ़ जाता है, जिसके कारण थोड़ी देर बाद फिर से तेज भूख लगती है और अंततः वजन बढ़ने लगता है।
पैनकेक और वाफल्स
मैदे, मक्खन और सिरप के मिश्रण से तैयार किए जाने वाले पैनकेक और वाफल्स स्वाद में भले ही अच्छे लगें, लेकिन वे बेली फैट के बड़े दुश्मनों में गिने जाते हैं। इनमें कैलोरी, फैट और शुगर की भरमार होती है, जबकि फाइबर और प्रोटीन लगभग न के बराबर होते हैं। यह पेट को तुरंत तो भर देते हैं, लेकिन शरीर को लंबे समय तक आवश्यक ऊर्जा प्रदान नहीं कर पाते हैं।
बटर ब्रेड या मक्खन लगा टोस्ट
सफेद ब्रेड पर मक्खन लगाकर खाना सुबह के समय एक आसान विकल्प लग सकता है, लेकिन यह वजन घटाने की प्रक्रिया में बाधा बनता है। इसमें प्रोटीन की कमी होती है और अधिकांश कैलोरी केवल ब्रेड के कार्बोहाइड्रेट और मक्खन के फैट से आती है। यदि आपको ब्रेड खानी ही है, तो रिफाइंड मैदे की बजाय होल-ग्रेन यानी साबुत अनाज से बनी ब्रेड का चुनाव करें और उसके साथ प्रोटीन वाली चीजें भी जोड़ें।
मफिंस और बेक्ड चीजें
अक्सर लोगों के मन में यह गलतफहमी होती है कि ओट्स या बेरीज से तैयार मफिंस सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मफिंस रिफाइंड मैदे, तेल और भारी मात्रा में चीनी से बनाए जाते हैं। इनमें कैलोरी की मात्रा अत्यधिक होती है, जहां एक अकेले मफिन में लगभग 400 कैलोरी तक हो सकती है, जो तेजी से पेट की चर्बी बढ़ाने का काम करती है।
पैकेटबंद या छनवाकर पिए गए फलों का जूस
ताजा फलों का जूस पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन जूस निकालते समय फलों का सारा फाइबर बाहर निकल जाता है और केवल शुगर ही बच जाती है। यह किसी सोडा या कोल्ड ड्रिंक की तरह ही शरीर में शुगर और फैट को तेजी से बढ़ाता है। जूस पीने के बजाय हमेशा साबुत फल खाना सेहत के लिए ज्यादा लाभकारी साबित होता है।
यदि आप अपनी लटकती तोंद से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो सुबह के नाश्ते की थाली में फाइबर, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर आहार को ही जगह दें। खानपान की यह छोटी सी अदला-बदली आपके बेली फैट लॉस के सफर को काफी आसान बना सकती है।
वजन कम करने और पेट की चर्बी घटाने के लिए केवल सुबह के नाश्ते में कुछ चीजों से परहेज करना ही काफी नहीं होता है। एक संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पूरी नींद और एक स्वस्थ जीवनशैली का होना भी उतना ही आवश्यक है। हर व्यक्ति का शरीर और स्वास्थ्य अलग प्रकृति का होता है, इसलिए अपनी डाइट में किसी भी तरह के बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या किसी योग्य डाइटीशियन की सलाह अवश्य लें। यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दी गई है और इसे किसी भी तरह की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।



















