अगर आप राजस्थान के खूबसूरत शहर उदयपुर में सामान्य तवे पर सेंके जाने वाले पराठों से हटकर कुछ अलग और नया स्वाद तलाश रहे हैं, तो सूरजपोल इलाके में गुलाब बाग रोड पर स्थित साईं बाबा पराठा एक बेहतरीन जगह साबित हो सकती है। यहां मेन्यू में आपको पराठों की कई तरह की वैरायटी देखने को मिल जाएंगी, लेकिन जिस एक आइटम ने यहां आने वाले खाने के शौकीनों के दिलों पर खास जगह बनाई है, वह यहां का स्पेशल आलू पराठा है। इस पराठे की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता यह है कि इसे पारंपरिक तरीके से तवे पर पकाने के बजाय कड़ाही में तेल के अंदर डीप फ्राय करके तैयार किया जाता है। जब यह पराठा गर्म तेल में अच्छी तरह पककर बाहर आता है, तो इसकी बाहरी परत बेहद कुरकुरी और सुनहरी होती है, जबकि इसके भीतर आलू की भरपूर और स्वादिष्ट स्टफिंग भरी होती है जो खाने वाले को पहली ही बाइट में मंत्रमुग्ध कर देती है।
जब इस गरमागरम आलू पराठे को प्लेट में सर्व किया जाता है, तो इसके ठीक ऊपर अमूल बटर की लगभग एक चौथाई टिक्की रख दी जाती है। पराठे की तेज आंच और गर्मी की वजह से यह मक्खन धीरे-धीरे पिघलकर उसकी परतों में समाने लगता है, जिससे इस व्यंजन का स्वाद कई गुना और बढ़ जाता है। इस पराठे के साथ प्लेट में दही और खास तौर पर तैयार की गई तीखी लहसुन की चटनी भी परोसी जाती है। इस पूरे भोजन की सबसे खास बात यह है कि इसके साथ मिलने वाली लहसुन की चटनी लोगों को इतनी ज्यादा पसंद आती है कि खाने के दौरान इसे बार-बार मांगने का मन करता है और लोग इसे दो-तीन बार से भी ज्यादा मंगा लेते हैं।
खाने के शौकीनों के लिए यहां पराठे के साथ प्लेट में मिक्स दाल भी परोसी जाती है, हालांकि अगर स्वाद और लोकप्रियता की तुलना की जाए तो दाल के मुकाबले लहसुन की चटनी लोगों को ज्यादा आकर्षित करती है। चूँकि यह पराठा आलू की भारी स्टफिंग से भरा होता है और ऊपर से इसे डीप फ्राय भी किया जाता है, इसलिए यह काफी भारी यानी हैवी हो जाता है। यदि आप किसी दिन कुछ हल्का खाने के मूड में हैं, तो आपके लिए सिर्फ एक पराठा ही पूरी तरह पर्याप्त साबित हो सकता है। इसके विपरीत, अगर कोई व्यक्ति दो पराठे खा ले तो उसका पेट इतनी बुरी तरह भर जाता है कि उसे ऐसा महसूस होने लगता है कि अब दिनभर में कुछ और खाने की गुंजाइश ही नहीं बची है।
साईं बाबा पराठा की लोकप्रियता के पीछे सिर्फ इसका अनोखा स्वाद ही नहीं, बल्कि इसका बड़ा आकार और इसे बनाने की अनूठी प्रक्रिया भी एक बड़ा कारण है। आमतौर पर घरों में या रेस्टोरेंट में आलू पराठे को तवे पर घी या तेल लगाकर सेंका जाता है, लेकिन इस दुकान पर इसे कड़ाही में पूरी तरह डुबोकर तला जाता है। यही वजह है कि इसका बाहरी आवरण सामान्य पराठों की तुलना में कहीं अधिक क्रिस्पी और कड़क नजर आता है। ऊपर से मक्खन की लेयर, साथ में खट्टा-मीठा दही और वह जबरदस्त लहसुन की चटनी मिलकर इस पूरे व्यंजन के स्वाद को पूरा करती है और अनुभव को यादगार बना देती है।
यहाँ आने वाले ग्राहकों के लिए केवल आलू का विकल्प ही नहीं है, बल्कि पराठों की कई दूसरी वैरायटी भी मेन्यू में उपलब्ध हैं, ताकि अगर कोई आलू के अलावा कुछ और आजमाना चाहे तो उसके पास दूसरे विकल्प भी खुले रहें। हालांकि, जो लोग इस दुकान पर पहली बार आ रहे हैं, उनके लिए आलू पराठा ही वह मुख्य आइटम है जिसे सबसे पहले आजमाया जाना चाहिए। यह जगह खासतौर पर उन लोगों के लिए एकदम सही है जो थोड़ा मसालेदार, अत्यधिक क्रिस्पी और भरपेट भोजन करने का शौक रखते हैं, जिससे उनकी भूख पूरी तरह शांत हो सके।
इस पूरे भोजन की कीमत की अगर बात की जाए, तो यहाँ दो पराठों की एक पूरी प्लेट की कीमत करीब 150 रुपए तय की गई है। पराठे का बड़ा साइज, ऊपर से मिलने वाला मक्खन, साथ में परोसा जाने वाला दही और वह मशहूर लहसुन की चटनी को अगर ध्यान में रखा जाए, तो यह कीमत काफी वाजिब और किफायती लगती है। यदि आप अपने दोस्तों या परिवार के किसी सदस्य के साथ यहाँ पहुँचे हैं, तो आप दो पराठों की एक प्लेट आपस में साझा करके भी खा सकते हैं, क्योंकि यह भोजन मात्रा और गुणवत्ता दोनों में काफी भारी और पेट भरने वाला होता है।


















