घर के माहौल को खुशनुमा और तनावमुक्त रखने के लिए ताजे फूलों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन असली फूल चंद दिनों में ही अपनी ताजगी खो बैठते हैं। फूलों को तरोताजा बनाए रखने के लिए कई लोग अक्सर उनके डंठल काटते हैं, नियमित अंतराल पर पानी बदलते हैं और उन्हें सही स्थान पर रखते हैं, फिर भी वे समय से पहले ही मुरझा जाते हैं। क्या इसका मतलब यह है कि कटे हुए फूलों की उम्र बढ़ाई ही नहीं जा सकती है?
फ्लावर फूड से बढ़ाएं फूलों की उम्र
तथ्य यह है कि आप उचित देखभाल के जरिए फूलों की ताजगी को काफी दिनों तक बनाए रख सकते हैं। इसके लिए एक बेहद असरदार तरीका फ्लावर फूड का उपयोग करना है। यह फूलों को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ उनके पानी को भी स्वच्छ बनाए रखने में मदद करता है। अच्छी बात यह है कि इसके वास्ते आपको बाजार से महंगे उत्पाद खरीदने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। रसोई में मौजूद कुछ सामान्य घरेलू चीजों की मदद से ही आप आसानी से फ्लावर फूड तैयार कर सकते हैं और अपने सजाए हुए फूलों को लंबे समय तक जीवंत रख सकते हैं।
फ्लावर फूड किस तरह काम करता है
विशेषज्ञों के अनुसार फ्लावर फूड कटे हुए फूलों के जीवनकाल को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है। इसमें मिलाई जाने वाली चीनी फूलों को जरूरी ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे वे पानी को अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित कर पाते हैं। इसके अतिरिक्त, यह पानी के अंदर बैक्टीरिया के विकास को भी नियंत्रित करता है। जब पानी में अत्यधिक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, तो फूलों के डंठल पानी को ठीक प्रकार से खींच नहीं पाते हैं और वे शीघ्र ही सड़ने लगते हैं। फ्लावर फूड में शामिल पोषक तत्व फूलों को लंबे वक्त तक खिला हुआ और सुंदर रखते हैं।
घर पर आसानी से बनाएं प्राकृतिक घोल
बाजार में मिलने वाले रेडीमेड फ्लावर फूड में आमतौर पर शुगर, साइट्रिक एसिड और रोगाणुनाशक घटक शामिल होते हैं। हालांकि, आप घर पर ही इसका एक किफायती विकल्प तैयार कर सकते हैं। इसके वास्ते एक बड़े फूलदान के पानी में दो बड़े चम्मच नींबू का रस और एक बड़ा चम्मच चीनी को अच्छी तरह घोल लें। यह घरेलू मिश्रण फूलों को पूरा पोषण देने के साथ पानी को साफ रखने का बेहतरीन काम करता है।
फूलों को तरोताजा रखने के अन्य जरूरी उपाय
फूलों के डंठल को हमेशा तिरछे आकार में काटें, क्योंकि ऐसा करने से वे अधिक मात्रा में पानी सोख पाते हैं। फूलदान का पानी नियमित रूप से बदला जाना चाहिए और यदि संभव हो तो हर रोज पानी में बदलाव करें। हर दो से तीन दिन के अंतराल पर नया फ्लावर फूड घोल पानी में मिलाएं। फूलों को हमेशा सीधी धूप और तेज हवा के संपर्क से दूर रखें। इसके अलावा, फूलदान को भी पूरी तरह स्वच्छ रखें ताकि उसमें हानिकारक बैक्टीरिया जमा न हो सकें।



















