भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका की धरती पर दो मैचों की लाल गेंद की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस सीरीज की शुरुआत गॉल में खेले जाने वाले पहले मैच से हो रही है, जहां भारतीय बल्लेबाजों के सामने मेजबान टीम की फिरकी गेंदबाजी के साथ-साथ रिवर्स स्विंग का सामना करने की कड़ी चुनौती होगी। 26 वर्षीय युवा कप्तान शुभमन गिल पहली बार श्रीलंका में रेड बॉल प्रारूप खेलते नजर आएंगे और बतौर कप्तान भी यह उनका पहला श्रीलंका दौरा है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की रैंकिंग के लिहाज से यह श्रृंखला टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, वहीं कप्तान गिल के पास बल्ले से व्यक्तिगत इतिहास रचने का एक बेहतरीन अवसर भी मौजूद है। इस दौरे पर गिल की नजरें भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों के पांच बड़े कीर्तिमानों को ध्वस्त करने पर होंगी।
सचिन तेंदुलकर के श्रीलंका में सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड
श्रीलंका की धरती पर बतौर भारतीय कप्तान सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड फिलहाल महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। सचिन तेंदुलकर ने 1997 के श्रीलंका दौरे पर खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान कोलंबो में खेले गए पहले मुकाबले की पहली पारी में 143 रनों की शानदार पारी खेली थी। अपनी इस पारी में सचिन तेंदुलकर ने 247 गेंदों का सामना करते हुए 20 चौके जमाए थे। पिछले 27 वर्षों से कोई भी भारतीय कप्तान श्रीलंका में टेस्ट मैच की एक पारी में इस स्कोर को पार नहीं कर पाया है। गॉल और कोलंबो के मैदानों पर शुभमन गिल जिस बेहतरीन लय में बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखते हुए उनके पास सचिन तेंदुलकर के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का बहुत बड़ा अवसर रहेगा।
सुनील गावस्कर को पछाड़कर सबसे तेज 1500 रन बनाने का मौका
शुभमन गिल को साल 2025 में इंग्लैंड दौरे के समय भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद से गिल का बल्ला लगातार रन उगल रहा है। उन्होंने बतौर कप्तान अब तक खेले 9 टेस्ट मैचों की 15 पारियों में 82.76 के असाधारण औसत से कुल 1076 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 6 शानदार शतक और 1 अर्धशतक निकला है। टेस्ट कप्तानी में सबसे तेजी से 1500 रन पूरे करने का भारतीय रिकॉर्ड दिग्गज लिटिल-मास्टर सुनील गावस्कर के नाम दर्ज है, जिन्होंने 21 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था। गिल को 1500 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए केवल 424 रनों की आवश्यकता है। यदि वे अगले दो मैचों की 4 पारियों में यह रन बना लेते हैं, तो वे गावस्कर को पीछे छोड़कर भारत के सबसे तेज 1500 रन बनाने वाले कप्तान बन जाएंगे।
WTC इतिहास में 3000 रन बनाने वाले पहले भारतीय बनने का लक्ष्य
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में भारतीय टीम ने दो बार फाइनल तक का सफर तय किया है, लेकिन अब तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज WTC में 3000 रन के आंकड़े को नहीं छू सका है। शुभमन गिल इस ऐतिहासिक पड़ाव के बेहद करीब खड़े हैं। गिल ने अब तक WTC के 40 मुकाबलों की 73 पारियों में 43.07 के बेहतरीन औसत से 2843 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 10 शतक और 8 अर्धशतक जड़े हैं। गिल को WTC में अपने 3000 रन पूरे करने के लिए मात्र 157 रनों की दरकार है। श्रीलंका के खिलाफ इस दो मैचों की सीरीज में 157 रन बनाते ही वे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 3000 रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बन जाएंगे।
एक ही WTC चक्र में 1000 रन बनाने वाले पहले भारतीय कप्तान
शुभमन गिल के सामने मौजूदा 2025-27 WTC चक्र में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित करने की चुनौती है। वे एक WTC चक्र में 1000 रन बनाने वाले भारत के पहले कप्तान बनने की दहलीज पर हैं। वर्तमान चक्र में गिल ने 8 टेस्ट मैचों की पारियों में 5 शतक और 1 अर्धशतक की मदद से 950 रन बना लिए हैं। उन्हें 1000 रन के इस जादुई आंकड़े को छूने के लिए केवल 50 रन और बनाने की जरूरत है। भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली एकमात्र ऐसे भारतीय बल्लेबाज रहे हैं जिन्होंने किसी एक WTC चक्र में 900 से ज्यादा रन बनाए थे। विराट कोहली ने 2019-21 के चक्र में यह उपलब्धि हासिल की थी, लेकिन गिल के पास 1000 रन का शिखर छूने वाला पहला भारतीय कप्तान बनने का ऐतिहासिक मौका है।
श्रीलंका में 3 टेस्ट शतक जड़ने वाले पहले भारतीय कप्तान
जिस प्रकार की शानदार फॉर्म में शुभमन गिल चल रहे हैं, उसे देखते हुए इस सीरीज की 4 पारियों में तीन शतक लगाना असंभव नहीं दिखता। यदि वे ऐसा करने में सफल होते हैं, तो वे श्रीलंका में 3 टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन जाएंगे। फिलहाल श्रीलंका में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के नाम दर्ज है। सचिन तेंदुलकर ने 1997 के दौरे पर भारतीय कप्तान के रूप में 2 शतक लगाए थे, जबकि विराट कोहली ने कप्तान के तौर पर 1 शतक 2015 में और 1 शतक 2017 के श्रीलंका दौरे पर जड़ा था। गिल के पास इन दोनों महान दिग्गजों को पीछे छोड़कर एक नया इतिहास रचने का पूरा मौका है।


















