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नांदेड़ गुरुद्वारा हमले में सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे अस्पताल से डिस्चार्ज, पत्नी ने जताई बहादुरी पर खुशीभारत
14 अग॰ 2026, 9:12 pm (1 घंटे पहले)· 2

नांदेड़ गुरुद्वारा हमले में सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे अस्पताल से डिस्चार्ज, पत्नी ने जताई बहादुरी पर खुशी

नांदेड़ के सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा परिसर में हुए हमले के बाद पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे को मामूली सर्जरी के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। इंस्पेक्टर की पत्नी पूनम केंद्रे ने अपने पति के साहस और कर्तव्यनिष्ठा पर गर्व जताया है।

महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित प्रसिद्ध सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा परिसर में हुए एक खौफनाक हमले के दौरान जान पर खेलकर पूर्व उप-मुख्यमंत्री की रक्षा करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हमले के दौरान सुखबीर सिंह बादल को बचाने के प्रयास में पुलिस अधिकारी के हाथ में चोट आई थी, वहीं पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री भी इस घटना में घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार और हाथ की मामूली सर्जरी के बाद डॉक्टरों की टीम ने दोनों की स्थिति को पूरी तरह स्थिर पाया और मेडिकल जांच के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। डिस्चार्ज होने के बाद सुखबीर सिंह बादल पंजाब के लिए रवाना हो चुके हैं।

नांदेड़ गुरुद्वारा परिसर में जान पर खेलकर निभाई जिम्मेदारी

यह पूरी घटना नांदेड़ के ऐतिहासिक सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा परिसर में हुई, जहां पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर अचानक हमला कर दिया गया था। मौके पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत ढाल बनकर उस वार को अपने ऊपर रोक लिया। इलाज कर रहे डॉक्टर देवेंद्र मालीवाल ने बताया कि जब हमलावर ने वार किया, तब इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने उसे अपने हाथ पर सह लिया, जिससे उनके हाथ में चोट आ गई। इस दौरान सुखबीर सिंह बादल भी चोटिल हुए थे। अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम ने दोनों घायलों का गहन परीक्षण किया और उनके हाथों की छोटी सी सर्जरी संपन्न की। सभी स्वास्थ्य मानक सामान्य मिलने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज करने का फैसला लिया।

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अस्पताल पहुंचकर बादल परिवार ने जताया आभार

सर्जरी और इलाज के बाद सुखबीर सिंह बादल के परिवार के सदस्य खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती पुलिस अधिकारी संतोष केंद्रे का हाल-चाल जाना और संकट की घड़ी में दिखाई गई तत्परता और जांबाजी के लिए उनका दिल से आभार व्यक्त किया। बादल परिवार ने माना कि अगर पुलिस इंस्पेक्टर समय पर ढाल बनकर खड़े न होते तो घटना और गंभीर हो सकती थी। अधिकारी की इस बहादुरी की परिजनों ने खुले दिल से सराहना की।

टीवी न्यूज से मिली खबर, पत्नी ने बयां किया दर्द और गर्व

दूसरी ओर, पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे की पत्नी पूनम केंद्रे ने मीडिया के सामने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। पूनम केंद्रे ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब 2:40 बजे टीवी न्यूज चैनलों के माध्यम से इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिली थी। खबर सुनते ही पहले तो वे बहुत डर गई थीं, लेकिन जब यह पता चला कि उनके पति ने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाई है, तो डर के बीच गर्व का अहसास हुआ। पूनम केंद्रे ने अपने पति के कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ करते हुए कहा, "उन्होंने जिस तरह अपना फर्ज निभाया उससे मुझे पूरे पुलिस विभाग पर बेहद गर्व है।" उन्होंने कहा कि संकट के समय अपना फर्ज निभाना ही एक पुलिसकर्मी की असली पहचान होती है।

सवाल-जवाब

नांदेड़ गुरुद्वारा परिसर में क्या घटना हुई थी?
महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा परिसर में पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ था, जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने ढाल बनकर उनकी रक्षा की।
हमले में सुखबीर सिंह बादल और इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे को क्या चोटें आई थीं?
वार को रोकने के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे और सुखबीर सिंह बादल दोनों के हाथों में चोटें आई थीं, जिसके लिए डॉक्टरों ने मामूली सर्जरी की।
दोनों घायलों का इलाज किस अस्पताल में हुआ और उनकी वर्तमान स्थिति कैसी है?
डॉक्टर देवेंद्र मालीवाल के अनुसार, हाथ की मामूली सर्जरी और आवश्यक मेडिकल जांच के बाद दोनों की स्थिति पूरी तरह स्थिर पाई गई और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे की पत्नी पूनम केंद्रे ने मीडिया से बातचीत में क्या कहा?
पूनम केंद्रे ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब 2:40 बजे टीवी न्यूज से घटना की जानकारी मिली और उन्हें अपने पति के अदम्य साहस तथा पुलिस विभाग के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा पर बेहद गर्व है।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सुखबीर सिंह बादल कहां गए?
अस्पताल से छुट्टी मिलने और मेडिकल जांच सामान्य पाए जाने के बाद सुखबीर सिंह बादल पंजाब के लिए रवाना हो गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·47 मिनट पहले

यह घटना अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल की तत्परता और व्यक्तिगत साहस को दर्शाती है। हालांकि, इतने संवेदनशील धार्मिक स्थल पर वीआईपी सुरक्षा में चूक के कारणों की गहन आंतरिक जाँच की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी सुरक्षा एजेंसियों की चूक से बचा जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·47 मिनट पहले

यह घटना ना सिर्फ़ सुरक्षाकर्मियों के व्यक्तिगत साहस को रेखांकित करती है, बल्कि इस बात पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है कि इतने संवेदनशील और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर ऐसी चूक कैसे हुई। वीआईपी सुरक्षा के वर्तमान प्रोटोकॉल, खुफिया तंत्र के समन्वय और भीड़ प्रबंधन की व्यापक समीक्षा बेहद जरूरी हो गई है ताकि इस तरह की अप्रिय घटनाओं से पूरी तरह बचा जा सके।

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