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सांवले रंग पर ताने सुनती रहीं जरीना वहाब, एक फिल्म ने बना दिया घर-घर का चेहराबॉलीवुड
17 जुल॰ 2026, 4:20 am (13 दिन पहले)· 0

सांवले रंग पर ताने सुनती रहीं जरीना वहाब, एक फिल्म ने बना दिया घर-घर का चेहरा

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में जन्मीं जरीना वहाब को शुरुआती दिनों में लुक और रंग को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी, लेकिन 1976 की फिल्म 'चितचोर' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और बाद में 'माय नेम इज खान' में उन्होंने शाहरुख खान के किरदार की मां का रोल निभाया.

फिल्म 'माय नेम इज खान' में शाहरुख खान के किरदार रिजवान खान की मां बनकर घर-घर में पहचानी जाने वालीं जरीना वहाब का फिल्मी सफर दशकों पुराना है, और यह सफर शुरू से आसान नहीं रहा. 17 जुलाई 1959 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में जन्मीं जरीना को बचपन से ही अभिनय का शौक था और अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी FTII से बाकायदा एक्टिंग की ट्रेनिंग ली, ताकि इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए तैयार होकर उतर सकें.

शुरुआत में मिलीं सिर्फ नाकामियां

फिल्मों में जगह बनाना जरीना के लिए आसान नहीं था. कहा जाता है कि उन्हें अपने लुक और सांवले रंग को लेकर बार-बार सवालों का सामना करना पड़ा, और कुछ जगहों पर तो उनके प्रति रवैया साफतौर पर नकारात्मक रहा. इसके बावजूद जरीना ने हिम्मत नहीं हारी और खुद को साबित करने के मौके लगातार तलाशती रहीं.

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छोटी शुरुआत, लेकिन नजर जरूर पड़ी

उन्हें बड़ा मौका साल 1974 में मिला, जब देव आनंद ने अपनी फिल्म 'इश्क इश्क इश्क' में उन्हें कास्ट किया. इस फिल्म में जीनत अमान, शबाना आजमी और कबीर बेदी जैसे बड़े नाम भी शामिल थे, और जरीना ने इसमें जीनत अमान की बहन का किरदार निभाया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन जरीना के अभिनय ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा. दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले उन्हें फिल्म 'गुड्डी' के लिए भी चुना गया था, मगर बाद में यह भूमिका जया बच्चन के हिस्से चली गई. फिर भी 'इश्क इश्क इश्क' के बाद धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे.

'चितचोर' ने बदल दी किस्मत

असली टर्निंग पॉइंट साल 1976 में आया, जब बासु चटर्जी की फिल्म 'चितचोर' ने जरीना वहाब को देशभर में पहचान दिला दी. इसमें उन्होंने गीता नाम की एक सीधी-सादी, मासूम लड़की का किरदार निभाया था. अमोल पालेकर के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को खूब भाई. 'चितचोर' की कामयाबी ने जरीना को रातोंरात स्टार बना दिया.

ढेरों फिल्में और फिल्मफेयर नामांकन

इसके बाद उन्होंने 'घरौंदा', 'अगर', 'जज्बात', 'सावन को आने दो', 'गोपाल कृष्णा', 'नैया', 'सितारा' और 'अनपढ़' जैसी कई फिल्मों में काम किया. 'घरौंदा' में उनके अभिनय के लिए साल 1977 में उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड की बेस्ट एक्ट्रेस कैटेगरी में नामांकन मिला था, जो उस दौर में उनकी बढ़ती पहचान का सबूत था.

सिर्फ हिंदी तक सीमित नहीं रहा करियर

जरीना वहाब ने अपने आपको सिर्फ हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई. अपने लंबे करियर में उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए और समय के साथ मां, सास और मजबूत महिला किरदारों में भी बखूबी ढल गईं.

'माय नेम इज खान' की वो मां

साल 2010 में आई फिल्म 'माय नेम इज खान' में उन्होंने शाहरुख खान के किरदार रिजवान खान की मां की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. इसके बाद से भी वह फिल्मों, टीवी और वेब सीरीज में लगातार काम करती आ रही हैं.

आदित्य पंचोली से शादी और परिवार

निजी जिंदगी की बात करें तो जरीना वहाब ने साल 1986 में अभिनेता आदित्य पंचोली से शादी की थी. दोनों की मुलाकात फिल्म 'कलंक का टीका' के सेट पर हुई थी. उनके दो बच्चे हैं, बेटी सना और बेटा सूरज पंचोली.

सवाल-जवाब

जरीना वहाब का जन्म कब और कहां हुआ था?
जरीना वहाब का जन्म 17 जुलाई 1959 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में हुआ था.
जरीना वहाब की पहली फिल्म कौन सी थी?
उनकी पहली फिल्म 1974 में आई 'इश्क इश्क इश्क' थी, जिसे देव आनंद ने बनाया था.
किस फिल्म से जरीना वहाब को असली पहचान मिली?
साल 1976 में आई बासु चटर्जी की फिल्म 'चितचोर' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिला दी.
'माय नेम इज खान' में जरीना वहाब का किरदार क्या था?
उन्होंने इस फिल्म में शाहरुख खान के किरदार रिजवान खान की मां की भूमिका निभाई थी.
जरीना वहाब की शादी किससे हुई है?
उन्होंने साल 1986 में अभिनेता आदित्य पंचोली से शादी की थी और दोनों की मुलाकात फिल्म 'कलंक का टीका' के सेट पर हुई थी.
जरीना वहाब के बच्चों के नाम क्या हैं?
उनकी बेटी का नाम सना और बेटे का नाम सूरज पंचोली है.
फिल्म 'घरौंदा' के लिए उन्हें कौन सा सम्मान मिला था?
साल 1977 में 'घरौंदा' के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड की बेस्ट एक्ट्रेस कैटेगरी में नामांकन मिला था.
क्या जरीना वहाब ने सिर्फ हिंदी फिल्मों में काम किया?
नहीं, उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी काम किया है.
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