अमरीकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर फैसला सुनाए जाने से महज कुछ घंटे पहले वॉल स्ट्रीट पर निवेशकों की ओर से जोरदार बिकवाली देखने को मिली है। अमरीका के प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में बुधवार दोपहर के कारोबार के दौरान लगभग 900 अंकों यानी 1.7 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद सूचकांक 51,800 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। इससे पहले सोमवार को शांति वार्ता की खबरों के बाद बाजार ने 52,000 का स्तर दोबारा हासिल किया था, लेकिन बुधवार को 52,800 के सत्र उच्च स्तर को छूने के बाद सूचकांक में लगातार नीचे की ओर रुझान बना रहा। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, डाउ जोन्स 51,980 डॉलर के करीब बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर 52,747 डॉलर की तुलना में 1.45 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
कच्चे तेल की इन्वेंट्री में अप्रत्याशित गिरावट और ऊर्जा कीमतों में उछाल
बाजार में बिकवाली के इस माहौल के बीच अमरीका के एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) द्वारा जारी आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। 14:30 GMT पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका के व्यावसायिक कच्चे तेल के स्टॉक में एक ही सप्ताह के दौरान 7.167 मिलियन बैरल की भारी कमी आई है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान केवल 2.5 मिलियन बैरल की गिरावट का था, जबकि इससे पिछले सप्ताह 2.011 मिलियन बैरल की बढ़ोतरी देखी गई थी। इन्वेंट्री में इतनी बड़ी अप्रत्याशित गिरावट केवल रिफाइनरी मेंटेनेंस का परिणाम नहीं हो सकती, बल्कि यह दर्शाती है कि वैश्विक आपूर्ति मार्गों में रुकावट का सीधा असर तेल के भंडारों पर पड़ रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर 90.00 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गईं।
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और चेयर वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर निगाहें
ऊर्जा दरों में आए इस उछाल ने फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। जून के महीने में केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को 2.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.6 प्रतिशत कर दिया था, जिसके पीछे मुख्य तर्क यह था कि ऊर्जा संकट का असर पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में जब तेल 90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा हो, नीति निर्माताओं के लिए नरम रुख अपनाना बेहद कठिन माना जा रहा है। इसके अलावा, जुलाई की इस बैठक में आर्थिक अनुमानों का सारांश (SEP) या 'डॉट प्लॉट' जारी नहीं किया जा रहा है। जून में जारी 130 शब्दों वाले संक्षिप्त वक्तव्य के बाद, अब सारा ध्यान 18:30 GMT पर होने वाली चेयर वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिक गया है। जून में 18 में से 9 नीति निर्माताओं ने 2026 में ब्याज दर बढ़ाने के संकेत दिए थे, हालांकि दरों को यथावत रखने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारी गिरावट और प्रमुख कॉरपोरेट प्रदर्शन
शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य दबाव प्रौद्योगिकी और चिप निर्माण कंपनियों पर देखा गया। बेंचमार्क चिप एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में दिन के दौरान 4 प्रतिशत से अधिक और पूरे सप्ताह में 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में पूंजीगत निवेश पर रिटर्न की चिंताओं और चीनी प्रतिस्पर्धा के कारण सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली बढ़ी। प्रमुख कंपनियों में माइक्रोन (MU) का शेयर 5 प्रतिशत टूटा, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस (AMD) में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि केएलए (KLAC) का शेयर 8 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। इस दौरान व्यापक सूचकांक एसएंडपी 500 में 0.9 प्रतिशत और नास्डैक कंपोजिट में 1.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। डाउ जोन्स में सेमीकंडक्टर क्षेत्र से केवल एनवीडिया (NVDA) शामिल है, जो प्राइस-वेटेड सूचकांक होने के कारण डाउ पर सीधे तौर पर ज्यादा असर नहीं डालता। इसके बजाय, डाउ जोन्स में ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील औद्योगिक और उपभोक्ता कंपनियों के शेयर टूटे। प्रॉक्टर एंड गैंबल (PG) के शेयर में राजस्व अनुमान से कम रहने के कारण 3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि फोर्ड (F) का शेयर बेहतर नतीजों और बढ़ाए गए आय अनुमानों के दम पर 5 प्रतिशत चढ़ गया।
आगामी मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़े और आर्थिक परिदृश्य
निवेशकों की नजरें गुरुवार को 12:30 GMT पर आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर भी टिकी हैं, जिनमें जून महीने का पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डिफ्लेटर, दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का अग्रिम अनुमान और साप्ताहिक बेरोजगारी दावे शामिल हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि हेडलाइन PCE शून्य से 0.1 प्रतिशत नीचे (MoM) और वार्षिक आधार पर 3.7 प्रतिशत रहेगा। वहीं कोर PCE 0.2 प्रतिशत (MoM) और 3.3 प्रतिशत (YoY) रहने का अनुमान है। जीडीपी वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत रहने और प्रारंभिक बेरोजगारी दावे 187K से बढ़कर 200K होने का अनुमान जताया गया है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि जून का PCE डिफ्लेटर उस अवधि को दर्शाता है जब पेट्रोल की कीमतों में गिरावट के कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में राहत मिली थी, जबकि वर्तमान में कच्चा तेल पुनः 90 डॉलर के पास पहुंच चुका है। शुक्रवार को आने वाले एम्प्लॉयमेंट कॉस्ट इंडेक्स (अनुमान 0.8%) और मिशिगन यूनिवर्सिटी के एक-वर्षीय मुद्रास्फीति प्रत्याशा आंकड़ों (अनुमान 4.2%) का असर सितंबर की नीतिगत बैठक पर अधिक देखने को मिल सकता है।
डाउ जोन्स का तकनीकी विश्लेषण और तकनीकी सूचक
तकनीकी चार्ट पर डाउ जोन्स के लिए 52,000 का स्तर, जो पहले सपोर्ट का काम कर रहा था, अब एक मजबूत रेजिस्टेंस बन चुका है। इसके ऊपर मंगलवार का बंद स्तर 52,750 और सत्र का उच्च स्तर 52,800 पहला प्रतिरोध क्षेत्र प्रदान करेंगे, जबकि जुलाई की शुरुआत में बना 53,300 का रिकॉर्ड स्तर उच्चतम बाधा है। निचले स्तरों पर, 51,800 का हालिया सत्र निचला स्तर तात्कालिक सपोर्ट है। इसके नीचे 51,500 के आसपास 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) स्थित है, जिसे तोड़ने पर 51,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर और 49,000 का 200-दिवसीय मूविंग एवरेज अगला रक्षात्मक स्तर होगा। लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार, 14-दिवसीय RSI 49 पर तटस्थ बना हुआ है, जबकि MACD (-88.11 हिस्टोग्राम) बियरिश रुझान को दर्शा रहा है। सूचकांक का 52-सप्ताह का दायरा 43,341 डॉलर से 53,289 डॉलर के बीच है। डेली स्टोकेस्टिक आरएसआई 18 के स्तर पर ओवरसोल्ड जोन में बना हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में बिकवाली का ट्रेंड अभी भी हावी है।
डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की संरचना और डाउ थ्योरी
विश्व के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शेयर बाजार सूचकांकों में से एक, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की स्थापना वॉल स्ट्रीट जर्नल के संस्थापक चार्ल्स डाउ ने की थी। यह सूचकांक अमरीका की 30 सबसे प्रमुख और सक्रिय रूप से कारोबार करने वाली बड़ी कंपनियों के शेयरों पर आधारित है। बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारित होने के बजाय, यह एक प्राइस-वेटेड सूचकांक है, जिसकी गणना 30 कंपनियों के शेयर मूल्यों के योग को एक विशेष भाजक (वर्तमान में 0.152) से विभाजित करके की जाती है। सूचकांक की दिशा मुख्य रूप से घटक कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणामों, अमरीकी व वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरों से संचालित होती है। चार्ल्स डाउ द्वारा विकसित 'डाउ थ्योरी' के अनुसार, बाजार में प्राथमिक रुझान की पहचान करने के लिए डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और डाउ जोन्स ट्रांसपोर्टेशन एवरेज की दिशा का मिलान करना आवश्यक होता है। इसमें ट्रेंड के तीन चरण बताए गए हैं: Accumulation (स्मार्ट मनी द्वारा खरीदारी), Public Participation (आम निवेशकों का प्रवेश), और Distribution (बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली)। निवेशक इस सूचकांक में सीधे निवेश के लिए SPDR Dow Jones Industrial Average ETF (DIA), फ्यूचर्स, ऑप्शंस और म्यूचुअल फंड्स का सहारा लेते हैं।
मुद्रा, कीमती धातुएं और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति
अमरीकी डॉलर में मजबूती के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों के अन्य हिस्सों में भी सुस्ती का रुख रहा। विदेशी मुद्रा बाजार में GBP/USD जोड़ी 1.3280 के बहु-सप्ताह के निचले स्तरों के आसपास संघर्ष करती दिखी, जहां गुरुवार को होने वाली बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की बैठक से पहले निवेशक सतर्क हैं। EUR/USD जोड़ी 1.1400 के नीचे एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है, जहां मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से अमरीकी डॉलर को सेफ-हेवन सपोर्ट मिला है। सर्राफा बाजार में सोना 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी दबाव देखने को मिला, जहां बिटकॉइन (BTC) अपने प्रमुख सपोर्ट जोन से नीचे खिसक गया, एथेरियम (ETH) महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस का परीक्षण कर रहा है, और रिपल (XRP) 1.00 डॉलर के सपोर्ट स्तर की ओर बढ़ता दिख रहा है।



















