डिजिटल तनाव से मुक्ति: जानिए डूम स्क्रॉलिंग की लत के कारण और इससे बचने के 5 प्रभावी तरीकेपीओके की हिंसा पर वैश्विक चैनलों का सन्नाटा, दिल्ली के प्रदर्शनों पर दिखाई थी भारी दिलचस्पीबालों के झड़ने और रूखेपन से छुटकारा दिलाएगा गुड़हल, जानिए तेल और दही मास्क बनाने की आसान विधिरणबीर आलिया और विक्की की लव एंड वॉर का अनोखा फर्स्ट लुक, संजय लीला भंसाली ने बनाया खास विजुअल प्लानगृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी के गंभीर आरोपों से संसद में भारी हंगामा, पेपर लीक और सुरक्षा पर छिड़ी तीखी बहसप्यूमा वेलोसिटी नाइट्रो 5 रिव्यू: रोजाना रनिंग के लिए कितना टिकाऊ और आरामदायक है यह जूताबड़े कमरों के लिए कॉस्टको एक्सक्लूसिव मीडिया MAD50PS1AWT-C डिह्यूमिडिफायर में मिले 50-पाइंट क्षमता और स्मार्ट वाई-फाई फीचर्सवैश्विक पोर्टफोलियो में रिकॉर्ड अमेरिकी संपत्ति के बीच डॉलर पर बढ़ा हेजिंग दबाव, एफओएमसी फैसले से पहले बाजार में सतर्कताफेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले अमरीकी शेयर बाजार में भारी बिकवाली, डाउ जोन्स 900 अंक लुढ़कामानसून के दौरान विषैले जीवों का खतरा, अचानक सामने आने या डसने पर अपनाएं ये जीवनरक्षक उपाय
सायरा बानो की मां ने भूख हड़ताल से जीती एक्टिंग की जंग, फिर बेटी के लिए छोड़ दिया स्टारडमबॉलीवुड
4 जुल॰ 2026, 5:13 am (26 दिन पहले)· 3

सायरा बानो की मां ने भूख हड़ताल से जीती एक्टिंग की जंग, फिर बेटी के लिए छोड़ दिया स्टारडम

हिंदी सिनेमा की पहली 'ब्यूटी क्वीन' कही जाने वालीं नसीम बानो ने भूख हड़ताल कर घरवालों को एक्टिंग के लिए राजी किया था, बाद में बेटी सायरा बानो के करियर की खातिर उन्होंने खुद पर्दे से दूरी बना ली.

आज के दर्शक सायरा बानो को एक खूबसूरत और उम्दा अदाकारा के रूप में जानते हैं, लेकिन यह खूबसूरती और अदाकारी उन्हें अपनी मां नसीम बानो से विरासत में मिली थी. हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर में जब महिलाओं के लिए फिल्मों में काम करना आसान नहीं था, तब नसीम बानो ने अपने अभिनय से पूरे देश को अपना दीवाना बना दिया था. उस जमाने में उन्हें 'ब्यूटी क्वीन' कहा जाता था और वे भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार्स में शुमार हुईं.

रईसी में बीता बचपन, पर्दे में रखा गया

नसीम बानो का जन्म 4 जुलाई 1916 को हुआ था और उनका असली नाम रोशन आरा बेगम था. उनका बचपन खासी रईसी में बीता, यहां तक कि वे स्कूल भी पालकी में बैठकर जाया करती थीं. उनकी मां चाहती थीं कि वे बड़ी होकर डॉक्टर बनें, इसी वजह से उन्हें लोगों की नजरों से बचाकर पर्दे में रखा जाता था. लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था.

ये भी पढ़ें

सेट की चमक देख बदला इरादा, भूख हड़ताल तक की नौबत

स्कूल की छुट्टियों के दौरान एक बार नसीम अपनी मां के साथ किसी फिल्म की शूटिंग देखने पहुंच गईं. वहां सेट की चकाचौंध ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने उसी वक्त तय कर लिया कि उन्हें एक्ट्रेस ही बनना है. जब उन्होंने यह इरादा घरवालों को बताया तो घर में बड़ा बवाल खड़ा हो गया. परिवार इसके सख्त खिलाफ था, लेकिन नसीम भी अपनी जिद पर अड़ी रहीं और आखिरकार उन्हें अपनी बात मनवाने के लिए भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ा.

'हेमलेट' ने रातों-रात बना दिया स्टार

आखिरकार परिवार को नसीम के आगे झुकना पड़ा और साल 1935 में आई फिल्म 'हेमलेट' से उन्होंने अपना डेब्यू किया. यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और नसीम रातों-रात स्टार बन गईं. इसके बाद उन्होंने 'पुकार', 'तलाक' और 'मीठा जहर' जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया. उन्होंने उस दौर के बड़े-बड़े मेल एक्टर्स को कड़ी टक्कर देते हुए दर्शकों के दिलों पर लंबे समय तक राज किया. निजी जिंदगी में उन्होंने एहसान उल हक से शादी की, जिनसे उनकी बेटी सायरा बानो का जन्म हुआ.

बेटी की खातिर छोड़ दी अपनी एक्टिंग

दिलचस्प बात यह रही कि जब सायरा बानो ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा, तो नसीम बानो ने अपनी बेटी के करियर और परवरिश के लिए खुद एक्टिंग से दूरी बना ली. जो एक्ट्रेस कभी बड़े-बड़े हीरो को पटखनी देती थी, उसने अपनी बेटी को आगे बढ़ते देखने के लिए बिना किसी मलाल के पर्दा छोड़ दिया.

बंटवारे में लिया कठिन फैसला, आखिर तक जुड़ी रहीं सिनेमा से

देश के बंटवारे के दौरान नसीम बानो की निजी जिंदगी में भी बड़ा उतार-चढ़ाव आया. उनके पति पाकिस्तान चले गए, लेकिन नसीम ने भारत में ही रहने का फैसला किया और अपनी बेटी सायरा के साथ खड़ी रहीं. एक्टिंग छोड़ने के बाद भी वे सिनेमा से जुड़ी रहीं और उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में हाथ आजमाया. उन्होंने कई फिल्मों के लिए शानदार कॉस्ट्यूम डिजाइन किए. अपनी बाकी जिंदगी उन्होंने बेहद सादगी से गुजारी और आखिरी सांस मुंबई में ली.

सवाल-जवाब

नसीम बानो कौन थीं?
नसीम बानो हिंदी सिनेमा की शुरुआती दौर की मशहूर एक्ट्रेस थीं, जिन्हें उस जमाने की 'ब्यूटी क्वीन' कहा जाता था और वे सायरा बानो की मां थीं.
नसीम बानो का जन्म कब हुआ था?
उनका जन्म 4 जुलाई 1916 को हुआ था और उनका असली नाम रोशन आरा बेगम था.
नसीम बानो ने एक्टिंग में करियर कैसे शुरू किया?
फिल्म सेट की शूटिंग देखने के बाद उन्होंने एक्ट्रेस बनने का फैसला किया, परिवार के विरोध के बावजूद भूख हड़ताल कर अपनी बात मनवाई और साल 1935 में फिल्म 'हेमलेट' से डेब्यू किया.
नसीम बानो ने और किन फिल्मों में काम किया?
'हेमलेट' के बाद उन्होंने 'पुकार', 'तलाक' और 'मीठा जहर' जैसी यादगार फिल्मों में काम किया.
नसीम बानो ने एक्टिंग क्यों छोड़ी?
जब उनकी बेटी सायरा बानो ने फिल्मों में कदम रखा, तो नसीम बानो ने बेटी के करियर और परवरिश के लिए खुद एक्टिंग छोड़ दी.
बंटवारे के दौरान नसीम बानो ने क्या फैसला लिया?
उनके पति पाकिस्तान चले गए, लेकिन नसीम बानो ने भारत में ही रहकर अपनी बेटी सायरा का साथ देने का फैसला किया.
एक्टिंग छोड़ने के बाद नसीम बानो ने क्या किया?
वे फैशन डिजाइनिंग से जुड़ गईं और कई फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन किए, साथ ही सादगी भरी जिंदगी जीते हुए आखिरी सांस मुंबई में ली.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR