बॉलीवुड सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो समय की सीमाओं को लांघकर हर दौर में लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देते हैं। फिल्म शराबी का सदाबहार गाना दे दे प्यार दे ऐसा ही एक नगमा है, जिसमें अमिताभ बच्चन की अद्भुत ऊर्जा और जया प्रदा के ग्लैमरस अवतार ने मील का पत्थर कायम किया। पर्दे पर बेहद सहज और ऊर्जावान दिखने वाला यह गाना पर्दे के पीछे की एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण और घबराहट भरी कहानी छुपाए हुए है। इस ऐतिहासिक गाने की शूटिंग से ठीक एक रात पहले अभिनेत्री जया प्रदा इतनी ज्यादा मानसिक रूप से परेशान और घबराई हुई थीं कि वे रातभर एक पल के लिए भी सो नहीं पाई थीं।
पारंपरिक छवि और मॉडर्न अवतार का डर
डांस रियलिटी शो इंडियाज बेस्ट डांसर के मंच पर पहुंचे कलाकारों और दर्शकों के सामने जब इस मशहूर गाने की चर्चा छिड़ी, तो जया प्रदा ने इस ऐतिहासिक वाकये का बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस दौर तक भारतीय सिनेमा के दर्शक उन्हें मुख्य रूप से साड़ी और पारंपरिक भारतीय पोशाक में ही देखते आए थे। उनकी पहचान इंडस्ट्री और जनता के बीच एक बेहद सीधी-साधी, शालीन और संस्कारी अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो चुकी थी।
हालांकि, फिल्म के निर्देशक प्रकाश मेहरा इस गाने के लिए कुछ अलग और नया रचना चाहते थे। उनकी स्पष्ट सोच थी कि इस खास गाने में मीना का किरदार सामान्य पारंपरिक रूप से हटकर एकदम आधुनिक, ग्लैमरस और स्टाइलिश दिखाई दे। जब प्रकाश मेहरा ने जया प्रदा के सामने मॉडर्न ड्रेस पहनने और एक नया अवतार धारण करने का प्रस्ताव रखा, तो वे भीतर से बेहद डर गईं। उन्हें लग रहा था कि यह बदलाव उनकी स्थापित छवि के विपरीत हो सकता है।
अमिताभ बच्चन के साथ तालमेल और एनर्जेटिक डांस की चुनौती
जया प्रदा को सबसे बड़ा डर इस बात का सता रहा था कि अगर वे इस नए और आधुनिक आउटफिट में सहज नहीं दिखें या दर्शकों को पसंद नहीं आईं, तो उनकी पूरी परफॉर्मेंस फीकी पड़ सकती है। इस मानसिक दबाव के साथ ही एक और बड़ी चुनौती सामने खड़ी थी। गाने की धुन और बीट बहुत ही तेज और ऊर्जा से भरपूर थी, जबकि उनके सामने भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारे अमिताभ बच्चन मौजूद थे।
वे पूरी रात बिस्तर पर करवटें बदलते हुए यही सोचती रहीं कि वे इतने बोल्ड और ग्लैमरस किरदार को कैसे पर्दे पर प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ ही अमिताभ बच्चन की असाधारण स्क्रीन प्रेजेंस और ऊर्जावान डांस स्टेप्स के साथ उनकी ताल से ताल कैसे मिल पाएगी, यह चिंता उन्हें लगातार सता रही थी। इसी तीव्र घबराहट और असमंजस में उनकी पूरी रात बिना नींद के बीत गई।
सेट पर कड़ी मेहनत और ऐतिहासिक सफलता
फिल्म की कहानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन द्वारा निभाया गया शराबी किरदार अपनी पत्नी मीना की तलाश में रातभर भटकता है और इसी पृष्ठभूमि पर इस पूरे गाने का फिल्मांकन किया गया था। रातभर तनाव और नींद की कमी से जूझने के बाद जब शूटिंग का दिन आया, तो जया प्रदा ने अपनी तमाम आशंकाओं को पीछे छोड़ते हुए कैमरे के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का फैसला किया।
निर्देशक प्रकाश मेहरा की अनूठी सोच, अमिताभ बच्चन का स्वाभाविक अभिनय और जया प्रदा की अटूट मेहनत आखिरकार रंग लाई। जब यह फिल्म और गाना सिनेमाघरों में रिलीज हुआ, तो दर्शकों ने जया प्रदा के इस नए रूप को हाथों-हाथ लिया और गाने पर प्यार लुटाया। दशकों बाद आज भी यह आइकॉनिक गाना हर शादी, उत्सव और पार्टी की पहली पसंद बना हुआ है और भारतीय संगीत इतिहास का एक यादगार हिस्सा माना जाता है।



















