90 के दशक के उत्तरार्ध में जब भारतीय सिनेमा में रोमांटिक कहानियों का दौर छाया हुआ था, तब 20 अगस्त 1999 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई राहुल रवैल के निर्देशन में बनी फिल्म अर्जुन पंडित ने दर्शकों को एक बिल्कुल अलग और रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव दिया था। फिल्म में सनी देओल ने अर्जुन दीक्षित नाम के एक साधारण और शांत स्वभाव वाले संस्कृत प्रोफेसर का किरदार निभाया था। प्यार में मिले धोखे और परिस्थितियों की मार के बाद वही सीधा-सादा इंसान मुंबई का सबसे खूंखार और बेखौफ अंडरवर्ल्ड डॉन 'अर्जुन पंडित' बन जाता है। एक निर्दोष और विद्वान पुरुष के अपराध की अंधेरी दुनिया का बेताज बादशाह बनने का यह आक्रामक सफर दर्शकों के लिए बेहद थ्रिलिंग साबित हुआ था।
एकतरफा प्यार, सस्पेंस और डार्क केमिस्ट्री
जूही चावला ने इस फिल्म में निशा का बेहद जटिल और रहस्यों से भरा रोल निभाया था। आमतौर पर अपनी चुलबुली और हंसमुख छवि के लिए जानी जाने वाली जूही चावला को इस तरह के डार्क, गंभीर और सस्पेंस भरे अवतार में देखना दर्शकों के लिए एक बड़ा सरप्राइज था। फिल्म का कथानक आम बॉलीवुड लव स्टोरी से काफी अलग था, जिसमें मुख्य नायक का जुनून, एकतरफा मोहब्बत और प्रतिशोध की भावना कहानी की मुख्य धुरी थे। सनी देओल के दीवानेपन और जूही चावला के रहस्यमयी किरदार के बीच की थ्रिलिंग केमिस्ट्री ने दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधे रखा था।
घायल और घातक के बाद एंग्री मैन का एक और पावरफुल अवतार
इससे पहले सनी देओल ने घायल और घातक जैसी फिल्मों में न्याय और सिस्टम के खिलाफ जंग लड़ने वाले जुझारू किरदार निभाकर अपनी खास पहचान बनाई थी। अर्जुन पंडित में भी उनका वही आक्रामक और निडर अवतार देखने को मिला। परदे पर जब भी सनी देओल का गुस्सा फूटता, तो सिनेमाघर तालियों और सीटियों से गूंज उठते थे। इस एग्रेसिव किरदार ने एक्शन प्रेमियों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। यही वजह है कि ठीक दो साल बाद 2001 में आई उनकी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म गदर: एक प्रेम कथा के लिए अर्जुन पंडित ने एक मजबूत धरातल तैयार कर दिया था। इस किरदार से यह साबित हो गया था कि जब सनी देओल बड़े पर्दे पर दहाड़ते हैं, तो उनकी टक्कर में कोई खड़ा नहीं हो सकता।
संगीत और कुड़ियां शहर दियां का जलवा
फिल्म की सफलता में इसके धमाकेदार संगीत और बैकग्राउंड स्कोर का भी बड़ा योगदान रहा। संगीतकार जोड़ी दिलीप सेन और समीर सेन द्वारा तैयार किए गए गानों ने हर जगह धूम मचा दी थी। विशेष रूप से मशहूर गायक दलेर मेहंदी की आवाज में सजा गाना कुड़ियां शहर दियां 90 के दशक का सबसे बड़ा चार्टबस्टर डांस नंबर बनकर उभरा। यह गाना शादियों, पार्टियों और रेडियो चार्ट्स पर लंबे समय तक छाया रहा। आज भी 90 के दशक के बेहतरीन गानों का जिक्र होते ही यह ट्रैक लोगों की जुबान पर आ जाता है। फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक ने हर सीन के सस्पेंस और एक्शन को कई गुना बढ़ा दिया था।
मुकेश ऋषि से मुकाबला और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
फिल्म की स्टार कास्ट में कई दिग्गज कलाकार शामिल थे जिन्होंने अपने अभिनय से कहानी को जीवंत बना दिया। मुकेश ऋषि, आशीष विद्यार्थी, अन्नू कपूर और सौरभ शुक्ला जैसे मंजे हुए अभिनेताओं ने अहम भूमिकाएं निभाईं। फिल्म में विलेन के रूप में मुकेश ऋषि और सनी देओल के बीच आमने-सामने की टक्कर बेहद रोमांचक थी। लगभग 9.5 करोड़ रुपये के बजट में तैयार की गई इस फिल्म ने उस दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में लगभग 20 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। रिलीज के इतने वर्षों बाद भी, जब भी अर्जुन पंडित टेलीविजन पर प्रसारित होती है, सनी देओल के प्रशंसक उनके डायलॉग और ऐक्शन सीन देखने के लिए टीवी स्क्रीन से चिपके रहते हैं।



















