हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में कई ऐसे गाने बने जो दशकों बीत जाने के बाद भी लोगों के दिलों में तरोताजा हैं। 1970 के दशक में आई फिल्म शराफत का शीर्षक गीत शराफत छोड़ दी मैंने भी ऐसा ही एक यादगार नगमा है। इस गाने में अभिनेत्री और नृत्यांगना हेमा मालिनी ने अपनी जबरदस्त डांस परफॉर्मेंस से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। गाने के दृश्य में उनके साथ अभिनेता धर्मेंद्र भी नजर आए थे, जो हेमा मालिनी के ऊर्जावान नृत्य को देखते ही रह गए थे।
संगीत जगत के दिग्गजों की जुगलबंदी
इस अमर गीत को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज दी थी। गाने का संगीत उस दौर की मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने तैयार किया था। वहीं इसके बोल गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे। संगीत, गायकी और अभिनय के इस अद्भुत संगम ने गाने को बेहद खास बना दिया। सालों पुराने इस गीत की मिठास और खूबसूरती आज भी संगीत प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
फिल्म के सेट से जुड़े किस्से
हेमा मालिनी 70 के दशक की शीर्ष अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। अपने अभिनय सफर के दौरान उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया है। सेट पर उनके पेशेवर रवैये और कला के प्रति समर्पण की चर्चा आज भी होती है। फिल्मों की शूटिंग के दौरान कई दिलचस्प घटनाएं भी घटीं, जिनमें से एक वाकया हेमा मालिनी के मेकअप बॉक्स से जुड़ा है जब एक अभिनेता ने गुस्से में आकर उसे लात मार दी थी, जिसके कारण फिल्म की शूटिंग तक टालनी पड़ी थी। वहीं इसी दौर में कई अन्य बेहतरीन फिल्में जैसे फूल बने अंगारे भी बनीं, जिसमें रेखा, रजनीकांत, प्रेम चोपड़ा, बीना बनर्जी और चरण राज जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था।



















