बॉलीवुड अभिनेताओं की समाज और युवा पीढ़ी के प्रति जिम्मेदारी को लेकर देश भर में बहस छिड़ी हुई है। जब भी बड़े सितारे किसी विवादित उत्पाद का प्रचार करते हैं, तो उन्हें जनता की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ता है। हाल ही में अक्षय कुमार द्वारा विमल इलाइची का विज्ञापन करने के बाद भारी विरोध हुआ था, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी और भविष्य में ऐसे विज्ञापनों से दूर रहने का संकल्प लिया था। इसके बावजूद तंबाकू और पान मसाला ब्रांड्स के प्रचार का सिलसिला थमा नहीं है। मुंबई के फूड सेफ्टी विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के नाम औपचारिक नोटिस जारी किया है। इस कानूनी कार्रवाई के बाद फिल्म इंडस्ट्री में पान मसाला विज्ञापनों को लेकर हंगामा फिर से तेज हो गया है।
पान मसाला के विज्ञापनों पर सनी देओल का स्पष्ट नजरिया
इसी बीच बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल ने पान मसाला ब्रांड्स के एंडोर्समेंट पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के विज्ञापनों में उनकी रत्ती भर भी दिलचस्पी नहीं है। अभिनेता ने खुलासा किया कि उन्हें बीते समय में पान मसाला कंपनियों से कई बड़े और आर्थिक रूप से फायदेमंद ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने हर बार उन्हें सिरे से खारिज कर दिया। सनी देओल का मानना है कि जिस उत्पाद की गुणवत्ता या उपयोगिता पर उनका अपना विश्वास नहीं है, उसका प्रचार करना उनकी निजी सोच और सिद्धांतों के सरासर खिलाफ है।
शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में हुआ सिद्धांतों का खुलासा
हाल ही में शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान सनी देओल से जब पान मसाला ब्रांड्स के प्रचार से दूरी बनाने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने अपनी बात बेबाकी से रखी। भविष्य में भी ऐसे विज्ञापनों को स्वीकार न करने की प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं पान मसाला के विज्ञापन नहीं करता और न ही कभी करूंगा।" उन्होंने आगे समझाया कि वे ऐसी किसी भी चीज का हिस्सा नहीं बनना चाहते जिसमें उनकी अपनी आस्था न हो। उनके अनुसार, पान मसाला कोई ऐसी वस्तु नहीं है जिसे समाज में प्रमोट किया जाना चाहिए, और यही कारण है कि वे इस तरह के व्यावसायिक प्रस्तावों को बार-बार ठुकराते रहे हैं।
जमीर और नैतिक मूल्यों से समझौता न करने की जिद
सनी देओल ने इस बात पर जोर दिया कि वे व्यावसायिक लाभ के लिए अपने आत्मसम्मान और जमीर से समझौता नहीं कर सकते। उनका मानना है कि कोई भी काम केवल पैसों के लिए नहीं किया जाना चाहिए यदि वह मन को स्वीकार्य न हो। अभिनेता ने स्वीकार किया कि उनकी इस विचारधारा ने उनके पूरे करियर को प्रभावित किया है। उन्होंने अतीत में ऐसे कई व्यावसायिक मौकों और प्रोजेक्ट्स को छोड़ा है जिन्हें करने की इजाजत उनका जमीर नहीं देता था। वे केवल वही काम चुनते हैं जिन्हें उनका दिल सही मानता है, भले ही इसके लिए उन्हें आर्थिक नुकसान क्यों न उठाना पड़े।
विज्ञापन न मिलने पर हैरानी और फिल्मों का आगामी सफर
बॉलीवुड में जहां उनके समकालीन और साथी कलाकार विज्ञापनों की दुनिया में छाए रहते हैं, वहीं सनी देओल की कम मौजूदगी हर किसी को चौंकाती है। खुद अभिनेता ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि विज्ञापन निर्माता कंपनियां बार-बार उनसे संपर्क क्यों नहीं करतीं। उन्होंने इस स्थिति की तुलना अपने करियर के उस दौर से की जब उन्हें लंबे समय तक फिल्मों के ऑफर नहीं मिल रहे थे। हालांकि, फिल्मों के मोर्चे पर उनका करियर एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। सनी देओल इन दिनों अपनी नई फिल्म 'बंटवारा 1947' में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा वे निर्देशक नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का भी हिस्सा हैं, जिसमें वे भगवान हनुमान की पौराणिक भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगे।



















